taaja khabar....पुलवामा अटैक पर बोले PM मोदी- जो आग आपके दिल में है, वही मेरे दिल में.....धुले रैली में पाक को पीएम मोदी की चेतावनी- हम छेड़ते नहीं, किसी ने छेड़ा तो छोड़ते नहीं.....पुलवामा हमला: मीरवाइज उमर फारूक समेत 5 अलगाववादियों की सुरक्षा वापस....भारत ने आसियान और गल्फ देशों के प्रतिनिधियों को दिए जैश-ए-मोहम्मद और पाक के लिंक के सबूत...पुलवामा हमला: बदले की कार्रवाई से पहले पाक को अलग-थलग करने की रणनीति....पुलवामा अटैक: पाकिस्तान क्रिकेट को बड़ा झटका, चैनल ने PSL को किया ब्लैकआउट..पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य कार्रवाई के डर से LoC के पास अपने लॉन्च पैड्स कराए खाली!...पाकिस्तान से आयात होने वाले सभी सामानों पर सीमाशुल्क बढ़ाकर 200 फीसदी किया गया: जेटली...पुलवामा अटैक: JeM सरगना मसूद अजहर पर अब विकल्प तलाशने में जुटा चीन....पुलवामा आतंकवादी हमले के लिए सेना जिम्‍मेदार: कांग्रेस नेता नूर बानो...
इस्लामाबाद पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की चेतावनी पर पाकिस्तान में खलबली साफ देखी जा रही है। पाकिस्तान को भारत की तरफ से एक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बड़े ऐक्शन का खतरा सता रहा है। यही वजह है कि पाक पीएम इमरान खान ने बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान पाकिस्तान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और उसकी चैरिटी विंग फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को बैन करने का आदेश दे दिया। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि NSC की बैठक के दौरान इन संगठनों को प्रतिबंधित करने का फैसला किया गया। प्रवक्ता ने कहा कि पहले से ही इन दोनों संगठनों पर निगरानी रखी जा रही थी। उधर, पाकिस्तान की टॉप सिक्यॉरिटी बॉडी ने कहा कि पुलवामा हमले में उनका देश किसी भी तरह से शामिल नहीं था। आगे कहा गया कि हमले की कल्पना, साजिश और क्रियान्वयन स्वदेशी था यानी भारत की धरती पर हुआ। इस दौरान पीएम इमरान खान ने अपनी सेना से यह भी कहा कि अगर भारत ने कोई आक्रामक कार्रवाई की तो उसका पूरी दृढ़ता से जवाब दिया जाए। सुरक्षा हालात पर इमरान ने सेना के साथ की बैठक इमरान खान की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक देश के टॉप नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने कहा कि पाकिस्तान सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि वह अपने लोगों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। आपको बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले के मद्देनजर यह बैठक देश के सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से ताल्लुक रखने वाले एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए अटैक में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले से पाक ने पल्ला झाड़ा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि इस घिनौनी हरकत का बदला लेने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी गई है। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक गुरुवार को बयान में कहा गया, 'यह नया पाकिस्तान है और हम लोगों को बताना चाहते हैं कि देश उनकी रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है।' पुलवामा हमले को महज एक घटना के तौर पर जिक्र करते हुए बयान में कहा गया, 'इस घटना की कल्पना, साजिश और क्रियान्वयन देश में ही हुआ।' पाक पीएम ने भी कहा, सेना जवाब देगी बयान में भारत को संदेश देते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को यह अधिकार दिया है कि वह भारत द्वारा किए गए किसी भी आक्रामक कार्रवाई का पूरी दृढ़ता से और व्यापक जवाब दे। इससे पहले एक विडियो संदेश में खान ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर में हुए हमले में शामिल नहीं था। हालांकि भारत ने यह कहते हुए खान के बयान को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान के आतंकियों से रिश्ते छिपे नहीं हैं और वहीं से संचालित जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि भारत को जरा भी हैरत नहीं हुई कि खान ने पुलवामा हमले को आतंकी हमला मानने से इनकार कर दिया। भारत ने कहा कि खान का यह कहना कि आप प्रूफ दीजिए, हम जांच करेंगे- यह एक कमजोर बहाना है। आर्मी चीफ से अलग से भी मिले इमरान आपको बता दें कि NSC बैठक से पहले पीएम इमरान खान और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के बीच वन-टु-वन मुलाकात भी हुई। मीटिंग में आर्मी चीफ जनरल बाजवा, सर्विसेज चीफ्स, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों, सुरक्षा अधिकारियों के अलावा वित्त, रक्षा, विदेश और गृह विभाग के स्टेट मिनिस्टर्स भी शामिल थे।
नई दिल्ली, 21 फरवरी 2019,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है. इस फोटो में वो एक हरा झंडा लहराते नजर आ रहे हैं, जिनमें धार्मिक निशान बने हैं. इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि फोटो के साथ छेड़छाड़ की गई है. इस वायरल फोटो को फेसबुक के एक पेज 'भाषण या राशन' ने इसी साल 29 जनवरी को पोस्ट किया. पोस्ट में शीर्षक लिखा गया 'आ गए अपनी असलियत पर, भक्तों मर जाओ अब कहीं जाकर'. इस फोटो पर 8,500 से भी ज़्यादा लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दर्ज की हैं और लगभग 1400 लोगों ने इसे शेयर भी किया. तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी धार्मिक निशानों वाले हरे रंग का एक झंडा लहराते नज़र आ रहे हैं, AFWA ने इस तस्वीर का रिवर्स सर्च किया तो सारी सच्चाई सामने आ गई. असली तस्वीर पिछले साल 25 दिसंबर को खींची गई थी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में बोगीबिल पुल का उद्घाटन करने गए थे. प्रधानमंत्री वहां से रवाना हो रही पहली रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखा रहे थे. असल तस्वीर में प्रधानमंत्री के हाथ में एक हरे रंग की झंडी है, जो किसी भी नई रेलगाड़ी की शुरुआत के वक्त दिखाई जाती है और इसमें कोई चांद तारे नहीं हैं. ट्विटर पर एक यूज़र ने इस झूठी खबर के बारे में जानकारी साझा की थी. यूज़र ने यह भी दावा किया कि फेसबुक पर इस पोस्ट को 'भाषण या राशन' पेज ने स्पांसर भी किया था. इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम की तफ्तीश से ये साफ़ हो जाता है कि प्रधानमंत्री की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई. फैक्ट चेक दावा प्रधानमंत्री ने धार्मिक झंडा फहरायानिष्कर्षप्रधानमंत्री ने नई रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाई थी जिस पर कोई चिन्ह नहीं बना हुआ था.
बेंगलुरू, 21 फरवरी 2019, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अपनी स्थिर और मजबूत वित्तीय स्थिति का दावा किया है. गुरुवार को एचएएल ने स्वीकार किया कि उसे भारतीय वायुसेना (IAF) और थलसेना समेत अपने ग्राहकों से मिलने वाली 9,500 करोड़ रुपये की राशि मिलने में देर हुई है. एचएएल के निदेशक (वित्त) 'अनंत कृष्णन' ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "हमारी वित्तीय स्थिति को लेकर कोई समस्या नहीं है. हमारी वित्तीय स्थिति मजबूत और स्थिर है, क्योंकि हमारे पास आरक्षित व अधिशेष के तौर पर 1,200 करोड़ रुपये हैं." उन्होंने यह स्वीकार किया कि अपनी कार्यशील पूंजी की पूर्ति के लिए एचएएल को बैंक से ऋण लेना पड़ा, क्योंकि कंपनी को प्राप्त होने वाली रकम मिलने में देर हई. कृष्णन ने यह भी कहा कि नकदी के अभाव के कारण उत्पादन, बिक्री व अन्य संचालन कार्य पर कोई असर नहीं पड़ा है. वायुसेना के येलाहंका अड्डे पर एरो इंडिया एक्पो में कृष्णन मौजूद थे जिसमें उन्होने कहा, "वित्तीय वर्ष 2018-19 के शुरुआती नौ महीनों में हमारे वित्तीय प्रदर्शन से जाहिर होता है बिक्री व सेवा से प्राप्त हमारा राजस्व, लक्ष्य के अनुसार रहा और पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 की समान अवधि के मुकाबले लाभ में 13 फीसदी की वृद्धि हुई." विगत कई वर्षों में पहली बार विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने देशभर में नौ स्थानों पर स्थित 20 संभागों के अपने कर्मचारियों के वेतन समेत कार्यशील पूंजी के लिए तीसरी तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से 1,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया. एचएएल के अध्यक्ष आर. माधवन ने बल देते हुए कहा, "कंपनी को, फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान बनाने का ठेका नहीं मिलने के विवाद की प्रतिकूल रिपोर्ट के बावजूद कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं. उन्होंने कहा, "मानवशक्ति की कोई कमी नहीं है." माधवन ने आगे कहा, "हमें मीडिया द्वारा बताई गई नकारात्मक रिपोर्ट बुरी लगती है, लेकिन उसका हमारे कर्मचारियों, यूनियन और मध्यम स्तर के प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ता है. इसलिए हम अपने कार्यबल को राष्ट्रीयकृत करने के साथ-साथ नियुक्तियां भी कर रहे हैं क्योंकि हम अपने 2,300 उद्योग साझेदारों के लिए एयरफ्रेम, स्ट्रक्चर व कंपोनेंट बनाने का काम आउटसोर्स कर रहे हैं."
सियोल, 21 फरवरी 2019,साउथ कोरिया के यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सियोल में भारतीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा सपना है, दुनिया के हर बच्चे की जुबान पर राष्ट्रपिता गांधी का नाम होना चाहिए. किसी देश में राजदूत एक होता है, लेकिन भारतीय जहां भी है, वह राष्ट्रदूत है. भारतीयों की कड़ी मेहनत, अनुशासन से दुनिया भर में देश की साख बढ़ी है. मैं जिस देश में भी जाता हूं मुझे ये सुनकर बहुत खुशी होती है कि भारतीयों की प्रतिष्ठा कानून मानने वाले नागरिकों के तौर पर होती है. पीएम मोदी ने कहा कि अब कोरियाई के बच्चों के बीच कबड्डी-कबड्डी भी सुनने को मिल रहा है. यहां के शहरों में भारतीय रेस्त्रां को जगह मिलनी शुरू हो गई है, वहीं यहां के मेनू में भारत डिश को भी स्थान मिल रहा है. कोरिया में आप सभी होली, दिवाली, बैसाखी और अन्य भारतीय उत्सवों को सिर्फ मनाते ही नहीं बल्कि उसमें अपने कोरियाई दोस्तों को शामिल भी करते हैं. यहां रहने वाले भारतीय कोरिया की आर्थिक समृद्धि के साथ ही यहां की संस्कृति और समाजिक जीवन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां पर भारतीय मेधा और कौशल का बहुत सम्मान है. ये जानकर अच्छा लगता है कि कोरिया के विकास में भी आपका बहुत बड़ा योगदान है. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है. हम आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था हैं. कोरिया के साथ हर दिन हमारे संबंध मजबूत हो रहे हैं. कोरिया और भारत इस पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं. हमारे बीच एक स्पष्ट और सहज भागीदारी है. अपने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया से भारत के लोगों के जीवन में तेजी से बदलाव लाए गये हैं. देश के सवा लाख गांवों में आप्टिकल फाइबर पहुंचा दी गयी है. दुनिया में भारत को इंवेस्टमेंट के लिए सबसे ब्राइट स्पॉट माना जा रहा है, देश को पिछले चार साल में रिकॉर्ड 263 बिलियन डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है. दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली इकोनॉमी भारत की है और अगले कुछ ही साल में भारत, पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि विश्व में टीबी के खात्मे के लिए दुनिया ने 2030 साल को टारगेट किया है. भारत में ये टारगेट 2025 का है और 130 करोड़ भारतीयों की तरफ से मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम इसे हासिल करके रहेंगे.
लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में होंगे। 2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर रायबरेली के बाद प्रधानमंत्री मोदी के अमेठी के दौरे को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि बीजेपी राहुल और सोनिया गांधी को उन्हीं के घर में घेरने की तैयारी कर रही है। मोदी अमेठी में एक सरकारी कार्यक्रम में भाग लेने के अलावा जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेठी के कोरबा में एचएएल में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में नई राइफल यूनिट का उद‌्घाटन करेंगे। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में एके-103 राइफल तैयार की जाएगी। यह प्रॉडक्ट पूरी तरह से मेक इन इंडिया कार्यक्रम पर आधारित होगा। इस फैक्ट्री को यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्थापित किया गया था। सूत्रों का कहना है कि इसे लेकर भारत और रूस के बीच करार भी हुआ है और इस करार को पूरा करने की जिम्मेदारी इस ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को दी गई है। रूस कलाश्निकोव राइफल तैयार करने में दक्ष है। ऐसे में वहां की कंपनी कलाश्निकोव कंसर्न को इस फैक्ट्री को स्थापित करने का जिम्मा सौंपा गया है। उसके विशेषज्ञ भी यहां आएंगे पर फैक्ट्री पूरी तरह से मेक इन इंडिया फॉर्म्युले पर काम करेगी। पहले चरण में इस फैक्ट्री में करीब आठ लाख एके-103 राइफल तैयार की जाएंगी। पीएम बनने के बाद पहला दौरा नरेंद्र मोदी का पीएम बनने के बाद अमेठी में यह पहला दौरा होगा। इससे पहले वह 2014 के लोकसभा चुनावों में अमेठी से बीजेपी प्रत्याशी स्मृति इरानी के पक्ष में वोट मांगने के लिए यहां आए थे। इसके बाद से केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति इरानी लगातार अमेठी में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं। वह अमेठी में लगातार अपने कार्यक्रम भी आयोजित करती रही हैं। कहा जा रहा है कि बीजेपी अमेठी में इस बार राहुल को अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी से बाहर नहीं निकलने देना चाहती, इस वजह से पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 'अमेठी और रायबरेली में देंगे कांग्रेस को मात' इससे पहले प्रधानमंत्री 16 दिसंबर को रायबरेली गए थे, वहां भी उन्होंने मॉडर्न कोच रेल फैक्ट्री का शुभारंभ किया था। बाद में उन्होंने लालगंज में सभा भी की थी। इसे बीजेपी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी के महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला कहते हैं कि पार्टी की कोशिश अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस को मात देने की है। रायबरेली में प्रधानमं‌त्री की रैली से इसके लिए वातावरण बन चुका है। अब अमेठी की बारी है। यहां बीजेपी की जमीन पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। 24 को गोरखपुर में किसानों से संवाद पीएम मोदी 24 को गोरखपुर में किसानों से सीधे संवाद करेंगे। वह इस दौरान वह किसानों के लिए किसान निधि योजना की शुरुआत करेंगे। इसके तहत प्रधानमंत्री पहली किस्त के रूप में दो-दो हजार रुपये की राशि एक करोड़ लघु और सीमांत किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। इस दौरान रेलवे की भी कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होगा। नई रेल लाइन का शिलान्यास कार्यक्रम में रेलवे तीनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शॉर्ट फिल्मों के जरिए प्रस्तुत करेगा। इसके लिए एक-एक मिनट की फिल्में बनाई जा रहीं हैं। फिल्मों के जरिए प्रधानमंत्री ही नहीं कार्यक्रम में मौजूद लोग भी रेलवे के प्लान को देख और समझ सकेंगे। वह खलीलाबाद से बहराइच के बीच नई रेल लाइन का शिलान्यास भी करेंगे। 240 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक बिछाई जाएगी। इस रेल लाइन को पूरा करने के लिए वर्ष 2024-25 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान लगभग 58 कार्य दिवसों का रोजगार सृजित होगा। साथ ही पीएम 115 करोड़ की लागत से तैयार गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर (100 किमी) विद्युतीकृत रेल लाइन और गोरखपुर के नंदानगर में करीब 90 करोड़ की लागत से नवनिर्मित इलेक्ट्रॉनिक लोको शेड का लोकार्पण भी करेंगे।
वॉशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुए आतंकी हमले को भयावह हालात करार दिया है। मंगलवार को ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले में रिपोर्ट देख रहे हैं और जल्द ही एक बयान जारी करेंगे। बता दें कि 14 फरवरी को पूलवामा में सीआरपीएफ की बस पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। टॉप कॉमेंट Donaldtrum dekho mat ye samay hindusthan ki sena ke sath pak ke atankiyo ka safhaya karne or pure world ko atanki mukt karne ka saharsh or karvai kro hindusthan to nipat lega magar...+ Kripashankar Dave सभी कॉमेंट्स देखैं कॉमेंट लिखें इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उपप्रवक्ता रॉबर्ट पालाडिनो ने भारत के प्रति पूरा समर्थन जताते हुए पाकिस्तान से कहा है कि आतंकी हमले के लिए जो भी जिम्मेदार है उसे सजा दी जाए। आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने वाइट हाउस के अपने दफ्तर में मीडिया से कहा कि दक्षिण एशिया के दोनों पड़ोसी अगर साथ आएं तो बहुत अच्छा होगा। एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'मैंने देखा है। मुझे इस पर बहुत सारी रिपोर्ट मिली हैं। हम इस मामले में सही वक्त आने पर जवाब देंगे। यह आतंकी हमला एक भयावह स्थिति थी। हमें रिपोर्ट मिल रही है। हम इस पर एक बयान जारी करेंगे।' एक अन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश विभाग के उपप्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। हम शोक संवेदना के साथ ही उन्हें अपना भरपूर समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि जांच में पूरा सहयोग करे और जो भी जिम्मेदार हो उसे सजा दे।' पालाडिनो ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद से अमेरिका पाकिस्तान के भी संपर्क में है। आतंकी हमले के बाद ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का समर्थन किया था। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो, बोल्टन और वाइट हाउस की प्रेस सेक्रटरी सारा सांडर्स ने अलग-अलग बयानों में पाकिस्तान से जैश-ए-मोहम्मद और इसके सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था। इसके साथ ही आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह नहीं देने की भी बात कही थी। पुलवामा में गुरुवार को विस्फोटकों से लदी कार के साथ आदिल अहमद डार नाम के आतंकी ने सीआरपीएफ की बस में टक्कर मार दी थी। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद नाम ने ली थी। बताया जाता है कि जैश का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में रहता है।
नई दिल्ली पुलवामा में सीआरपीएफ पर आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना अजहर मसूद के खिलाफ भारत को फ्रांस का साथ मिला है। भारत को बड़ी कूटनीतिक मदद करते हुए फ्रांस ने मसूद पर बैन के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स की मीटिंग में पाक को ग्रे लिस्ट में बनाए रखने की मांग करेगा। इस प्रस्ताव को अमेरिका और ब्रिटेन ने समर्थन देने का फैसला लिया है। पुलवामा में बीते गुरुवार को हुए अटैक में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के राजनयिक सलाहकार फिलिपे एटियन ने इस बाबात मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से बात की। फ्रांस ने भी जताई चीनी अड़ंगे की आशंका फ्रांस के एक कूटनीतिक सूत्र ने चीन की ओर इशारा करते हुए बताया, 'हमें यह लगता है कि एक देश की ओर से इसे ब्लॉक करने का प्रयास किया जा सकता है। लेकिन हमें लगता है कि आतंकी संगठन के लीडर को बैन करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।' दूसरी बार फ्रांस देगा मसूद पर बैन का साथ यह दूसरा मौका होगा, जब ऐसे किसी प्रपोजल को फ्रांस यूएन के सामने पेश करेगा। इससे पहले 2017 में अमेरिका ने यूके और फ्रांस के समर्थन से यूएन के सैंक्शन कमिटी 1267 के तहत पाकिस्तानी आतंकी संगठन को प्रतिबंधित करने की मांग की थी। हालांकि उस प्रस्ताव को चीन ने रोक दिया था। पाक को ग्रे लिस्ट में बनाए रखने की मांग पाकिस्तान पर कूटनीतिक वार करने के साथ ही फ्रांस ने भारत का साथ देते हुए उसकी इकॉनमी पर भी चोट पहुंचाने की तैयारी की है। फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स की इस सप्ताह होने वाली सालाना मीटिंग में फ्रांस पाक को ग्रे लिस्ट में बनाए रखने की मांग करेगा। भारत ने भी फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स को आतंकी हमले के संबंध में डोजिएर सौंपने की तैयारी की है। इसमें यह बताया जाएगा कि पुलवामा में हुए अटैक की साजिश किस तरह से पाक में रची गई थी।
नई दिल्ली पुलवामा अटैक के बाद भारत जब दुनिया भर में पाक के खिलाफ कूटनीतिक दबाव बनाने के प्रयास में है, तब इजरायल ने खुलकर साथ देने की पहल की है। इजरायल ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ बचाव करने के लिए हमारी मदद की कोई सीमा नहीं है। इजरायल ने भारत को विशेष रूप से आतंकवाद के खिलाफ खुद का बचाव करने के लिए बिना शर्त मदद की पेशकश करते हुए जोर दिया है कि उसकी सहायता की 'कोई सीमा नहीं है।' इजरायल का यह बयान भारत में बढ़ती इस मांग के लिहाज से महत्वपूर्ण है कि हमें भी आतंक से निपटने की इजरायली पद्धति अपनानी चाहिए। इजरायल के नवनियुक्त राजदूत डॉ रॉन मलका की टिप्पणी एक सवाल के जवाब में आई कि उनका देश आतंकवाद से पीड़ित भारत की किस सीमा तक मदद कर सकता है। बीते गुरुवार को जम्मू कश्मीर में एक भीषण आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस आतंकवादी हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था। इस आतंकवादी हमले के बाद यह मांग जोर पकड़ रही है कि सरकार को आतंकवाद के खिलाफ अभियान के लिए इजरायल द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों पर गौर करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इजरायली सेना अपनी सटीक और त्वरित कार्रवाई के लिए दुनिया में मशहूर है। मलका ने एक साक्षात्कार में कहा, 'भारत को अपनी रक्षा के लिए जो आवश्यकता है, उसकी कोई सीमा नहीं है। हम अपने करीबी मित्र भारत को विशेष तौर पर आतंकवाद के खिलाफ बचाव करने में मदद करने के लिए तैयार हैं क्योंकि आतंकवाद विश्व की समस्या है, न कि सिर्फ भारत और इजराइल की।' दुनिया को जीने के लिए बेहतर जगह बना रहे मलका ने कहा, 'हम सिर्फ विश्व को जीने के लिए एक बेहतर जगह बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।' पुलवामा हमले के बाद मलका ने भी ट्वीट किया था कि इजरायल पुलवामा में आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है और इस मुश्किल घड़ी में अपने भारतीय दोस्तों के साथ खड़ा है। वह सीआरपीएफ जवानों के परिवारों, भारत के लोगों और भारत सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।
नई दिल्ली पुलवामा हमले के संबंध में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की तरफ से आए बयान के बाद भारत ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि पाक पीएम की प्रतिक्रिया पर कोई आश्चर्य नहीं है। बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान ने तो हमले की निंदा करना भी सही नहीं समझा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाक पीएम ने तो जैश-ए-मोहम्मद के दावों को भी नजरअंदाज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'हमें इस बात को लेकर कोई आश्चर्य नहीं है कि पाक पीएम ने पुलवामा में हमारे सैनिकों पर हुए हमले को आतंकी कार्रवाई मानने से इनकार कर दिया है। पाक पीएम ने न तो इस कायरता पूर्ण हमले की निंदा की और न ही हमले में मारे गए जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।' मंत्रालय ने कहा, 'पाक पीएम ने तो जैश और आतंकियों के तरफ से किए गए दावों को भी नजरअंदाज कर दिया। यह बात सभी जानते हैं कि जैश-ए-मोहम्मद और इसका सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में रहता है।' विदेश मंत्रालय ने कहा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत की तरफ से सबूत मुहैया कराने पर जांच की पेशकश की है। यह एक घिसापिटा बहाना है। मुंबई में हुए हमले के सबूत भी पाक को मुहैया कराए गए थे। लेकिन पिछले 10 साल में उस केस में कोई प्रगति नहीं हुई है। बयान में कहा है कि इसके अलावा पठानकोट में हुए हमले के संबंध में सबूत दिए थे, लेकिन कोई प्रोग्रेस नहीं हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'गारंटी से ऐक्शन की बात पाक के पुराने रेकॉर्ड के हिसाब से सही नहीं बैठती है। इस 'नए पाकिस्तान' में वहां के मंत्री खुले तौर पर हाफिज सईद जैसे आतंकियों के साथ मंच साझा करते हैं। पाकिस्तान के पीएम ने आतंक पर बातचीत की इच्छा जाहिर की है। भारत यह बात पहले भी कई बार कह चुका है कि भारत दोनों देशों के बीच आतंक और हिंसा मुक्त माहौल में बातचीत को तैयार है।' बयान में कहा गया है, 'जहां तक पाकिस्तान के खुद आतंक से सबसे ज्यादा पीड़ित होने की बात है तो यह बात सच्चाई से बिल्कुल परे है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस बात को जानता है कि पाकिस्तान असल में आतंकवाद का केंद्र है।' विदेश मंत्रालय ने कहा, 'यह खेदजनक है कि पाक पीएम ने इस हमले भारत के आम चुनाव में भुनाने की कोशिश बताया है। भारत इन आरोपों को खरिज करता है। भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए एक उदाहरण है, इस बात को पाकिस्तान कभी नहीं समझेगा। हम मांग करते हैं कि पाकिस्तान विश्व समुदाय को भ्रमित करना बंद करे और पुलवामा हमले के जिम्मेदार आतंकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।' बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को पुलवामा हमले में पाक के हाथ को साफ तौर पर खारिज किया। इमरान ने कहा कि भारत ने बिना किसी सबूत के इस्लामाबाद पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई करेगा तो वह भी ऐसा पलटवार करेगा कि जंग थामनी मुश्किल हो जाएगी। अपने कुछ देर के संबोधन में इमरान ने आतंकवाद पर विक्टिम कार्ड खेलते हुए एक बार फिर कश्मीर राग अलापा। इमरान ने कहा कि कश्मीर में इस तरह की घटना क्यों हो रही है। इसपर सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'हम यह हमला क्यों कराएंगे। हमें इससे फायदा क्या होगा। पाकिस्तान आतंकवाद का सबसे बड़ा भुक्तभोगी है। यह नया पाकिस्तान, नई माइंडसेट और नई सोच है। हम भी आतंक का खात्मा चाहते हैं। पाकिस्तान के नाम संबोधन में इमरान ने कहा, 'मैं भारत सरकार के लिए जवाब दे रहा हूं। जब सऊदी के प्रिंस हमारे देश के अमह दौरे पर थे तो भला पाकिस्तान ऐसा क्यों करेगा। जब भी कश्मीर में कोई घटना हो तो पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरा देना कितना उचित है। पाकिस्तान हर बार विपेन बॉय बताना सही नहीं है।
नई दिल्ली/वाराणसी, 19 फरवरी 2019,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं. मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में डीजल से इलेक्ट्रिक इंजन में चेंज हुए ट्रेन इंजन को हरी झंडी दिखाई. प्रधानमंत्री ने संत रविदास की जन्मस्थली जाकर उन्हें नमन भी किया. एक-दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री वाराणसी को कई योजनाओं की सौगात देंगे. पीएम मोदी ने यहां 2900 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने यहां पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि काशी को नए भारत की नई ऊर्जा का केंद्र बनाने में हम आज सफल हुए हैं. थोड़ी देर पहले ही एक ऐसे इंजन को हरी झंडी दिखाने का अवसर मुझे मिला है जो पहले डीजल से चलता था, अब वही इंजन बिजली से चला करेगा. उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' के तहत किए गये इस काम ने एक बार फिर दुनिया में भारतीय वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग क्षमता का लोहा मनवाया है. इस प्रयोग के सफल हो जाने के बाद भारतीय रेलवे को और सशक्त बनाने, क्षमता और रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली से काशी के बीच चल रही देश में बनी पहली सेमी-हाईस्पीड ट्रेन, वंदे-भारत एक्सप्रेस को कुछ लोगों द्वारा जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उसका मजाक उड़ाया जा रहा है, वो बहुत दुखद है. उन्होंने कहा कि क्या वन्दे भारत ट्रैन बनाने वाले इंजीनियर और technician को अपमानित करना उचित है? संत रविदास को मोदी की तरफ से श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि काशी के संत रविदास जी के मंदिर में दर्शन करने का सौभाग्य मिला और विकास की परियोजनाओं की नींव रखी. 2016 में मैंने इस प्रांगण को विकसित करने और इसके सौन्दर्यीकरण की बात कही थी, जिसकी मांग दशकों से हो रही थी, लेकिन किसी सरकार ने उसे पूरा नहीं किया था. आज इन सभी कार्यों का शुभारंभ हुआ है. प्रधानमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली करोड़ों लोगों के लिए आस्था और श्रद्धा का स्थल है. आपका सांसद होने के नाते मुझे भी यहां सेवा करने का मौका मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे नौजवान साथी जो डिजिटल इंडिया के युग में सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं, हम उनके साथ मिलकर वर्तमान स्थिति को बदलने वाले है. इसके साथ ही मोदी ने जातिवादी राजनीति पर कड़े प्रहार किए. उन्होंने कहा कि हमें उन लोगों को पहचानना होगा, जो अपने स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के लिए जात-पात का मुद्दा उठाते हैं. पीएम ने कहा कि गरीब परिवारों को मुफ्त में बिजली का कनेक्शन, मुफ्त में गैस कनेक्शन, 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था और 6,000 रुपये वार्षिक अनुदान के साथ ही अन्य कई ऐसी योजनाएं शुरू की गई हैं, जो वंचित वर्ग को ऊपर उठाने के लिए हैं. मोदी ने कहा कि वाराणसी में जिन लोक कल्याणकारी योजनाओं उद्घाटन किए जा रहे हैं, इन सभी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग को समान रूप से मिलने वाला है. हमारी सरकार का हर कदम, हर योजना पूज्य संत रविदास जी की भावनाओं के अनुरूप है. गुरु जी ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जहां बिना किसी भेदभाव के हर किसी का ख्याल रखा जाए. हमारी सरकार पिछले साढ़े चार साल से इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए लोक कल्याण के काम कर रही है.

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