taaja khabar....पुलवामा अटैक पर बोले PM मोदी- जो आग आपके दिल में है, वही मेरे दिल में.....धुले रैली में पाक को पीएम मोदी की चेतावनी- हम छेड़ते नहीं, किसी ने छेड़ा तो छोड़ते नहीं.....पुलवामा हमला: मीरवाइज उमर फारूक समेत 5 अलगाववादियों की सुरक्षा वापस....भारत ने आसियान और गल्फ देशों के प्रतिनिधियों को दिए जैश-ए-मोहम्मद और पाक के लिंक के सबूत...पुलवामा हमला: बदले की कार्रवाई से पहले पाक को अलग-थलग करने की रणनीति....पुलवामा अटैक: पाकिस्तान क्रिकेट को बड़ा झटका, चैनल ने PSL को किया ब्लैकआउट..पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य कार्रवाई के डर से LoC के पास अपने लॉन्च पैड्स कराए खाली!...पाकिस्तान से आयात होने वाले सभी सामानों पर सीमाशुल्क बढ़ाकर 200 फीसदी किया गया: जेटली...पुलवामा अटैक: JeM सरगना मसूद अजहर पर अब विकल्प तलाशने में जुटा चीन....पुलवामा आतंकवादी हमले के लिए सेना जिम्‍मेदार: कांग्रेस नेता नूर बानो...
नई दिल्ली कांग्रेस पार्टी ने आम चुनाव से पहले बड़ा दांव चला है। पार्टी ने भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की निगरानी करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा (रिटायर्ड) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक टास्क फोर्स गठित की है, जो देश के लिए विजन डॉक्युमेंट तैयार करेगी। खास बात यह है कि रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हुडा इस टास्क फोर्स को लीड करेंगे। वह विशेषज्ञों के समूह से विचार-विमर्श कर डॉक्युमेंट तैयार करेंगे। सर्जिकल स्ट्राइक के समय हुडा नॉर्दर्न आर्मी कमांडर थे। गुरुवार को कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। पार्टी के ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में बताया गया, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर टास्क फोर्स गठित करने के लिए आज लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुडा (रिटायर्ड) से मुलाकात की, जो देश के लिए एक विजन पेपर तैयार करेंगे।' गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने सर्जिकल स्ट्राइक के 'हीरो' को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में सौंपी है जब चुनाव की घोषणा होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पल रहे आतंकियों के खिलाफ 2016 में भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया था। इस ऑपरेशन में कई आतंकी मारे गए थे। केंद्र सरकार ने इसे जोर-शोर से प्रचारित भी किया। हालांकि रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल हुडा ने कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक के इतने प्रचार की जरूरत नहीं थी। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आपको बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक के दो साल बाद तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डी एस हुडा ने कहा था कि इस हमले के इतना प्रचार की जरूरत नहीं थी। हुड्डा ने कहा था, 'मुझे लगता है कि इसका कुछ ज्‍यादा ही प्रचार किया गया। सेना का ऑपरेशन महत्‍वपूर्ण था और हमें ऐसा करना ही था। पर इसका कितना राजनीतिकरण होना चाहिए था, यह कितना सही है या गलत यह बात राजनेताओं से पूछी जानी चाहिए।' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को ‘जरूरत से ज्यादा तूल दिए जाने’ संबंधी सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डीएस हुडा के बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला था। उन्होंने दावा किया था कि पीएम मोदी ने सेना का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया और इस पर उन्हें कोई शर्म नहीं है।
शोपियां/श्रीनगर दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में एक सैन्य कैंप के फायरिंग की खबर है। बताया जा रहा है कि शोपियां के नगीशरां इलाके में स्थित सेना की राष्ट्रीय राइफल्स कैंप के पास संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद यहां तैनात सुरक्षाबलों ने फायरिंग की है। वहीं किसी आतंकी साजिश की आशंका में सेना ने इस इलाके की घेराबंदी की है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार शाम नगीशरां इलाके में स्थित सेना की 34 आरआर के कैंप के बाहर सेना के जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी थी। इसपर कैंप की सुरक्षा में तैनात संतरी ने किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए कुछ राउंड हवाई फायरिंग की, जिसके बाद तत्काल सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात सैन्यकर्मियों ने कैंप के आसपास के इलाके को घेर लिया। दक्षिण कश्मीर में जारी किया गया था अलर्ट इसके बाद सेना और स्थानीय पुलिस टीमों की मदद से नगीशरां और आसपास के इलाके में बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया गया। बता दें कि सेना के जिस कैंप के पास संदिग्ध हरकत के इनपुट मिले हैं वह दक्षिण कश्मीर में स्थित है। 14 फरवरी को पुलवामा के आतंकी हमले के बाद से ही दक्षिण कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है, जिसे देखते हुए तमाम सैन्य कैंपों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
नई दिल्ली, 21 फरवरी 2019,आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद एक बार फिर पुलवामा जैसी साजिश रचने की तैयारी कर रहा है. जिसके लिए उसने बनाया है ऑपरेशन खिलौना. भारतीय एजेंसियों और सेना ने जैश के ऑपरेशन खिलौने को डिकोड कर लिया है. साथ ही जैश के एक नए बकरे को मौलाना मसूद अजहर ने मरने के लिए हिंदुस्तान भेज दिया है. कश्मीर घाटी जैश के कमांडर की कब्रगाह बन चुकी हैं. एक के बाद एक जैश कमांडर को भारतीय जाबांज इस घाटी में दफ्ना चुके हैं. अब जैश ने अपना एक और गुर्गे अबू बकर को मरने के लिए हिंदुस्तान में छोड़ दिया है. पुलवामा में हुए एनकाउंटर में जैश का कमांडर मारा गया था. इसलिए अब जैश ने अबू बकर को नया कमांडर बनाया है. जिसके मरने का वक्त आ चुका है. इससे पहले भी जैश के कमांडर मरने के लिए भारत आए थे. जानकारी के मुताबिक मार्च 2018 में जैश कमांडर मुक्ती बकास मारा गया जुलाई 2018 में जैश कमांडर उमेर खालिद मारा गया सितंबर 2018 को जैश कमांडर अदनान को ढेर हुआ अक्टूबर 2018 में जैश कमांडर उस्मान हैदर को मारा गया उस्मान हैदर जैश सरगना मसूद अजहर का भतीजा था. हाल ही में जैश कमांडर कामरान पुलवामा में ढेर कर दिया गया. भारतीय सेना ने कड़े शब्दों में कह दिया है कि आतंकवाद से कोई समझौता नहीं होगा. बंदूक उठाओगे तो गोली खाओगे. अब बारी है अबू बकर की है. जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. ख़ुफ़िया सूत्रों के मुताबिक घाटी में जैश के आतंकियों के मरने की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ हैं. जिसके बाद से जैश ने पीओके में पाकिस्तानी सेना की मदद से ट्रेनिंग कैंप की संख्या बढा दी है. जैश के करीब 2 दर्जन फिदायीन आतंकियों को खास ट्रेनिंग दी जा रही है. जिन्हें पाकिस्तानी आर्मी घुसपैठ कराने की फिराक में है. जिसके चलते पिछले दो दिनों में पाकिस्तानी सेना ने कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया है. लेकिन हर घुसपैठ के लिए भारतीय सेना तैयार है.
21 फरवरी 2019,पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने भारत से जाने वाला पानी रोकने की मांग लगातार उठ रही है. इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के अधिकार वाली तीनों नदियों का पानी पाकिस्तान के बजाय यमुना में लाने की बात कही है. उनकी इस घोषणा ने पाकिस्तान से बदले को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बागपत में यमुना के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जाने वाली तीन नदियों के पानी को यमुना में लाया जाएगा. इसके लिए तीन प्रोजेक्ट तैयार किए जा चुके हैं. कैसा है प्रोजेक्ट... केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दिल्ली -आगरा से इटावा तक जलमार्ग की डीपीआर तैयार हो चूका है. इसके प्रोजेक्ट के तहत बागपत में रिवर पोर्ट बनाया जाएगा. किसानों को होने वाली पानी की समस्या दूर होगी और कई किस्म की फसलें किसान तैयार कर सकेंगे. गन्ने की खेती और चीनी मिलों को भी इससे फायदा होगा. गडकरी ने कहा कि हम जलमार्ग पर भी काम कर रहे हैं. पानी की कमी न रहे इसलिए भारत के अधिकार वाली तीनों नदियों का पानी जो पाकिस्तान जाता है, उसे मोड़कर यमुना में लाया जाएगा. इससे हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोग दिल्ली से आगरा जलमार्ग से जा सकेंगे. यमुना किनारे रिवर पोर्ट बनने से ये होगा फायदा... मालूम हो कि बागपत में यमुना किनारे रिवर पोर्ट भी तैयार किया जा रहा है. पोर्ट से चीनी बांग्लादेश और म्यांमार तक भेजी जा सकेगी. इससे खर्च भी कम होगा. सिंधु जल समझौता बना बाधा... पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने के लिए सिंधु जल समझौता बाधा बन सकता है. क्योंकि भारत के अधिकारी में आने वाली तीन नदियों का पानी सिंधु जल समझौते के तहत रोका नहीं जा सकता. पहले हुए भारत पाक युद्धों के दौरान भी यह समझौता प्रभावी रहा था.
नई दिल्ली, 21 फरवरी 2019,यूपी की कमान संभालने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य भर के कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मुलाकात करके अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. जल्दी इस रिपोर्ट के साथ दोनों कांग्रेस अध्यक्ष से चर्चा करके कई फैसलों के औपचारिक ऐलान करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, कार्यकर्ताओं से सबसे पहला सवाल प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को हटाने या बनाये रखने का किया गया. इस लिहाज से पूरे आंकड़ों को इकट्ठा करके जो तस्वीर उभरी उसमें करीब 75 फीसदी से ज़्यादा लोगों ने राजबब्बर को हटाने की मांग की. कई कार्यकर्ताओं ने तो यहां तक कहा कि, उनका ग्लैमर प्रचार में काम आ सकता है, संगठन में नहीं. इसलिए उनको स्टार नहीं प्रदेश में रहने और पूरा वक़्त देने वाला नेता चाहिए. पद छोड़कर यहां से लड़ सकते हैं चुनाव उधर, अरसे से खुद राजबब्बर भी अध्यक्ष पद छोड़ने की राहुल से पेशकश कर चुके हैं, लेकिन राहुल लगातार अपनी पसंद राजबब्बर को बनाये रखने के मूड में रहे. अब राजबब्बर खुद लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं. इसके लिए शुरुआती तौर पर उन्होंने मुरादाबाद और फतेहपुर सीकरी का दौरा करना और फीडबैक लेना भी शुरू कर दिया है. अब एक बार फिर राजबब्बर ने अपनी मंशा आलाकमान को बता दी, तो दूसरी तरफ कार्यकर्ताओं ने भी अपनी मंशा प्रियंका-सिंधिया के सामने ज़ाहिर कर दी है. राजबब्बर आगरा और फिरोजाबाद सीट से लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं. 2014 में वह गाजियाबाद सीट से चुनाव लड़े थे और बीजेपी के वीके सिंह से हारे थे. ये हो सकता है फॉर्मूला ऐसे में माना जा रहा है कि जल्दी ही यूपी कांग्रेस को दो नए अध्यक्ष मिल सकते हैं. इससे एक और समस्या का भी समाधान हो जाएगा कि एक अध्यक्ष, दो महासचिवों के एक साथ अलग-अलग जगहों पर होने पर किसके साथ होगा. यानी पूर्वी यूपी की महासचिव प्रियंका के लिए पूर्वी यूपी कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिमी यूपी के महासचिव सिंधिया के लिए पश्चिमी यूपी अध्यक्ष का फार्मूला तैयार किया जा रहा है, जिसकी अंतिम घोषणा राहुल से चर्चा के बाद की जाएगी. प्रियंका और सिंधिया ने लिया था फीडबैक बता दें, 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उत्तर प्रदेश पर खास फोकस कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी के मैदान में प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को उतारा है. पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान प्रियंका गांधी और पश्चिमी यूपी की कमान ज्योतिरादित्य सिंधिया को दी गई है. पिछले दिनों प्रियंका और ज्योतिरादित्य ने यूपी के 80 लोकसभा सीटों के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करके फीडबैक इकट्ठा किया था. इससे पहले कांग्रेस ने लखनऊ में रोड शो निकाला था.
भदोही उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक कॉलेज के बाहर जिहादी नारा लिखा मिलने पर हड़कंप मच गया। पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ की वजह से इलाके में किसी तरह के अनहोनी की स्थिति टल गई। गुरुवार को जिले के इंटरमीडिएट कॉलेज की दीवार पर 'हमें जिहाद चाहिए' का नारा लिखा मिलने पर लोग भड़क उठे। पुलिस को जैसे ही इस बात की सूचना मिली उसने फौरन मौके पर पहुंचकर नारे को मिटा दिया। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देश के कई हिस्सों से ऐसी घटनाएं सामने आई थीं जिसमें देश विरोधी गतिविधियों से माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था। पुलिस ने गुस्साए लोगों को कराया शांत जिले के कोइरौना बाजार में कालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की बाहरी दीवार पर गुरुवार को हमें जिहाद चाहिए का नारा लिखा मिला। इसके साथ ही दीवार पर चांद-तारे का प्रतीक भी बना हुआ था। इसे देखकर कॉलेज के आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोग मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। नारे को देख गुस्साएं लोगों से किसी अप्रिय घटना होने से पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। कोइरौना थानाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने वहां पहुंचकर दीवार पर लिखे नारे को साफ किया और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने बताया कि दीवार पर इस नारे के अलावा जय बजरंगबली का स्लोगन भी लिखा था। दोनों को साफ करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत हो सकती है। लोगों को समझाकर मामला शांत करा दिया गया है।
नई दिल्ली पुलवामा आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने शहीदों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया तो बीजेपी ने उसी अंदाज में पलटवार किया। बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कांग्रेस पार्टी पूछ रही है कि RDX कहां से आया, क्या इंटेलिजेंस फेल्योर हुआ? उन्होंने कहा कि शायद कांग्रेस की इन टिप्पणियों से पाकिस्तान में काफी खुशी हुई होगी। प्रसाद ने आगे कहा कि भाव अलग-अलग होंगे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और कांग्रेस के प्रवक्ताओं के स्वर एक ही हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि हमारे पीएम के खिलाफ शर्मिंदगी भरे आरोप लगाए गए है। दरअसल, इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया था कि जिस वक्त देश शहीदों के शवों के टुकड़े बटोर रहा था, देश के पीएम शूटिंग में बिजी थे। सुरजेवाला ने कहा कि हमले के बाद पीएम उत्तराखंड के रामनगर के गेस्ट हाउस पहुंचे और चाय-नाश्ता किया। देश जब गम में डूबा था, तब वह चाय का आनंद ले रहे थे। इस पर जवाब देते हुए प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री बाघ संरक्षण के लिए रामनगर आधिकारिक कार्यक्रम में गए थे। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को पता था कि पुलवामा हमला होने वाला है, तो बता देते। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस और हमारी सोच में एक बुनियादी अंतर है। देश में शोक है और पार्टी के नेता शहीदों के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। इसके साथ ही हम चाहते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ देश नहीं झुकना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के कार्यक्रम 3 दिन के लिए स्थगित कर दिए लेकिन देश चलते रहना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि आतंकियों को यह संदेश न जाए कि उन्होंने देश को रोक दिया। क्या कांग्रेस को इससे भी परेशानी है? कांग्रेस चाहती है कि देश रुक जाए? उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नरेंद्र मोदी की अगुआई में देश आतंकियों के गेमप्लान के आगे नहीं झुकेगा। 'श्रद्धांजलि के समय राहुल मोबाइल में व्यस्त थे' रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह घटिया राजनीति नहीं करना चाहते हैं लेकिन सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का एक विडियो वायरल है। दिल्ली में जब सैनिकों के शव लाए गए थे और श्रद्धांजलि दी जा रही थी तो वह मोबाइल फोन पर कुछ कर रहे थे। हम चाहते तो इसे मुद्दा बना सकते थे। प्रसाद ने कहा कि याद करिए केदारनाथ त्रासदी आई थी, मनमोहन सरकार के समय में राहुल गांधी के लिए ITBP का टेंट खाली कराया गया था। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस और हमारी सोच में यही अंतर है। सेना को हमने दिया फ्री हैंड: बीजेपी उन्होंने पुलवामा हमले पर बोलते हुए कहा कि आज पाकिस्तान अलग-थलग हो चुका है। हमने मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का स्टेटस हटाया, 200 फीसदी टैक्स कर दिया। कराची में सामान भरे पड़े हैं, भारत नहीं आ पा रहे हैं। इतना ही नहीं, पुलवामा हमले को जिसने अंजाम दिया, 100 घंटे के भीतर उन सबको हमारी सेना ने मार गिराया। प्रसाद ने कहा कि हमने सेना को फ्री हैंड दिया है। मारना है कि नहीं मारना है, वही तय करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर का दूसरा स्वरूप देखिए। हजारों की संख्या में कश्मीरी युवक सेना में भर्ती होने के लिए बारामुला में आए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं कि वह सेना का मनोबल न तोड़े। '3 साल में 728 आतंकी ढेर' प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पूछ रही है कि सड़क से क्यों जाने दिया? कांग्रेस पार्टी क्या चाहती है कि ऑपरेशनल डीटेल्स बता दिए जाएं? ये सब सेना तय करती है। उन्होंने बताया कि 2015-18 के बीच कश्मीर में 728 आतंकी मारे गए जबकि 2011-14 के बीच 349 आतंकी मारे गए थे। वहीं, घाटी के अलगाववादी नेताओं पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने कहा कि सिक्यॉरिटी वापस ली गई है तो उन्हें काफी परेशानी हो रही है। ये लोग कुछ भी दबाव बना लें, अब यह वापस नहीं होगा।
नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 2018-19 के लिए अपने छह करोड़ से अधिक अंशधारकों की कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर ब्याज दर को 8.55 फीसदी से बढ़ाकर 8.65 फीसदी कर दिया है। केंद्रीय श्रम मंत्री सुशील गंगवार ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ईपीएफओ के न्यासियों (सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी) की 21 फरवरी 2019 को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। श्रम मंत्री की अध्यक्षता वाला न्यासी बोर्ड (CBT) ईपीएफओ का निर्णय लेने वाला शीर्ष निकाय है, जो वित्त वर्ष के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर पर निर्णय लेता है। गंगवार ने कहा कि बोर्ड की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय से सहमति की जरूरत होगी। वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही ब्याज दर को अंशधारक के खाते में डाला जाएगा। इससे पहले उच्च पदस्थ सूत्रों ने संकेत दिया था कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर ईपीएफ जमा पर ब्याज दर को इस वित्त वर्ष के लिए 8.55 फीसदी से बढ़ाया जा सकता है। ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2017-18 में ईपीएफ पर सबसे कम 8.55 फीसदी का ब्याज दर दिया था। निकाय ने 2016-17 में 8.65 प्रतिशत तथा 2015-16 में 8.8 प्रतिशत ब्याज दिया था। वहीं 2013-14 और 2014-15 में ब्याज दर 8.75 प्रतिशत थी।
नई दिल्ली पुलवामा अटैक के बाद केंद्र सरकार ने जवानों की सुरक्षा के मद्देनजर अहम फैसला लिया है। अब अर्ध सैनिक बलों के जवान श्रीनगर आने और जाने के लिए हवाई सफर कर सकेंगे। गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच किसी भी यात्रा के लिए हवाई सफर कर सकेंगे। केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों के सभी जवानों पर यह आदेश लागू होगा। इस आदेश से अर्ध सैनिक बलों के 7,80,000 जवानों को लाभ होगा। इनमें कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और एएसआई से लेकर अन्य वे सभी कर्मी शामिल हैं, जिन्हें अब तक हवाई यात्रा करने का अधिकार नहीं था। इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश गृह मंत्रालय की ओर से दिया गया है। आदेश के मुताबिक जवान ड्यूटी के दौरान यात्रा करने के अलावा छुट्टी पर श्रीनगर से वापस जाने या फिर आने के लिए भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। गौरतलब है कि पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा गया था कि अर्धसैनिक बल ने एयर ट्रांजिट की मांग की थी, लेकिन इसे मंजूर नहीं किया गया था। हालांकि गृह मंत्रालय ने ऐसी खबरों को गलत करार देते हुए कहा था कि सीआरपीएफ की ओर से ऐसी कोई मांग ही नहीं की गई थी।
लखनऊ लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (एसपी) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने सीटों का ऐलान कर दिया है कि किस-किस सीट पर कौन सी पार्टी लड़ेगी। बता दें कि एसपी और बीएसपी के बीच उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के लिए गठबंधन हुआ है। इन दोनों पार्टियों ने लगभग आधी-आधी सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। बाकी की सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं। बता दें कि 80 में से दो सीटें (अमेठी और रायबरेली) कांग्रेस के लिए छोड़ी गई हैं और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को तीन सीटें दी गई हैं। आरएलडी को मथुरा के हिस्से में उसकी परंपरागत मथुरा, बागपत और मुजफ्फरनगर सीटें आईं हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर सीटें एसपी तो पूर्वी यूपी की ज्यादातर सीटें बीएसपी के खाते में आई हैं। इन फॉर्म्युलों पर हुआ सीटों का बंटवारा एसपी-बीएसपी के बीच हुए इस बंटवारे में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर बीएसपी का दबदबा बरकरार है। बता दें कि यूपी की 80 में से कुल 17 सीटें ऐसी हैं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें से बीएसपी के हिस्से में 10 तो एसपी के हिस्से में सात सीटें आईं हैं। इसके अलावा 2014 में जिन पांच लोकसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी, वे भी एसपी के ही हिस्से में ही आई हैं। प्रदेश की तीन सीटों कैराना, गोरखपुर और फूलपुर पर उपचुनाव में भी गठबंधन को जीत मिली थी। कैराना में समाजवादी पार्टी के टिकट पर आरएलडी की कैंडिडेट लड़ी थीं। वहीं, गोरखपुर में निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद एसपी के टिकट पर चुनाव में उतरे थे। इन तीनों सीटों पर भी समाजवादी पार्टी का दावा बरकरार है। हाई प्रोफाइल सीटों का यूं हुआ बंटवारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से उनको चुनौती देने के लिए एसपी कैंडिडेट उतरेगा। वहीं, राजधानी लखनऊ, योगी आदित्यनाथ का गढ़ गोरखपुर, उद्योग नगरी कानपुर, इलाहाबाद, फैजाबाद और गाजियाबाद जैसी चर्चित सीटों पर भी एसपी चुनाव लड़ेगी। वहीं, दलित आंदोलन का केंद्र रहे सहारनपुर की सीट बीएसपी के हिस्से में आई है। आगरा, मेरठ, गाजीपुर, बुलंदशहर और सुलतानपुर से बीएसपी कैंडिडेट मैदान में उतरेगी।

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