taaja khabar....PNB ने अन्य बैंकों को चिट्ठी लिख किया सचेत, 10 अधिकारी निलंबित.....PNB केस की INSIDE स्टोरी: 7 साल पहले हुआ था फ्रॉड, सरकार की सख्ती से खुलासा....बिहार के आरा में आतंकियों के कमरे में धमाका, बड़ी साजिश नाकाम, 4 फरार.....तीन दिन में तीन यात्राएं, चुनावी मोड में बीजेपी, निशाना 2019 पर...मोदी केयर' पर केंद्र ने राज्यों की बुलाई बैठक, ममता पहले ही झाड़ चुकी हैं पल्ला....
मुंबई,पीएनबी महाघोटाले के आरोपी और नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीआई और ईडी ने सेबी से भी गुजारिश की है. सीबीआई और ईडी इस मामले में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के देश भर में फैले ठिकानों की जांच करने के साथ ही संपत्तियों को भी जब्त कर रहे हैं. जांच जैसे-जैसे बढ़ रही, वैसे-वैसे नीरव मोदी की लग्जरी लाइफ का भी खुलासा हो रहा है. आज ईडी ने नीरव मोदी और उसकी कंपनी की 9 लग्जरी कारें जब्त कीं. इन कारों की कीमत कई करोड़ बताई जा रही है. इनमें सिर्फ एक कार रॉल्स रॉयल घोस्ट की कीमत ही 6 करोड़ है. इसके अलावा 2 मर्सिडीज बेंज GL 350, एक पॉर्शे पैनामेरा, तीन होंडा और एक टोयोटा फॉर्चूनर और एक टोयोटा इनोवा है. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ग्रुप के 94 करोड़ के शेयर भी जब्त कर लिए गए हैं. अब सीबीआई और ईडी ने सेबी से कहा है कि गीतांजलि जेम्स में मेहुल चोकसी के शेयर्स को फ्रीज किया जाए. सेबी ने दोनों जांच एजेंसियों की बात पर नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरीज सर्विसेज लिमिटेड (NSDL) और सेंट्रल डिपोजिटरीज सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) से कहा है कि वे गीतांजलि जेम्स में मेहुल चोकसी के शेयरों को फ्रीज कर दें. मेहुल चोकसी की यह कंपनी शेयर मार्केट में लिस्टेड है. सेबी ने भारत की दोनों नेशनल डिपोजिटरी से कहा है कि मेहुल चोकसी के शेयरों और होल्डिंग्स को फ्रीज कर दिया जाए. सूत्रों का कहना है कि सेबी नहीं चाहता है कि चोकसी की कंपनी के प्रमोटर या कोई संगठन थर्ड पार्टी राइट्स बनाएं. जानकारी के मुताबिक गीजांतलि जेम्स के पांच प्रमोटरों के पास 27.76 फीसदी होल्डिंग है, जिसमें से मेहुल चोकसी के पास अकेले 22.81 फीसदी हिस्सा है. इसकी कीमत करीब 74.3 करोड़ रुपये आंकी गई है. अगर सेबी के निर्देश पर दोनों नेशनल डिपोजिटरीज NSDL और CDSL चोकसी के शेयर्स को फ्रीज कर लेती हैं तो इन्हें ईडी को सौंप दिया जाएगा. पीएनबी महाघोटाले में ईडी की जांच पूरी होने तक ये उसी के अधिकार में रहेंगे. WEF ने साझेदारी तोड़ी इससे पहले, बुधवार को विश्व आर्थिक मंच ने भारत में पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की कंपनियों के साथ साझेदारी सस्पेंड कर दी थी. इस मामले पर WEF की तरफ से कहा गया है कि नीरव मोदी 2013 से मंच के एसोसिएट पार्टनर हैं. दावोस समिट 2018 समेत नीरव मोदी 2013 से आर्थिक मंच के सभी समिट में शामिल रहे हैं. सदस्यता सस्पेंड करने के लिए नीरव मोदी से मंच ने कोई संपर्क नहीं किया और यह आर्थिक मंच का अपना स्वतंत्र फैसला है. फर्जी कंपनियों पर छापे बुधवार को ईडी की टीम ने देश भर में 17 जगहों पर छापे मारे. इन 17 जगहों में से चार जगह मुंबई की थीं, जहां नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की फर्जी कंपनियों का पता दिया गया है. अभी तक नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की 126 फर्जी कंपनियों का पता चला है. इनमें से 78 कंपनियां नीरव मोदी और 48 कंपनियां चोकसी की हैं. सूत्रों के मुताबिक इन कंपनियों की संख्या बढ़ भी सकती है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली इससे पहले, बुधवार को ही इस घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए दायर जनहित याचिका पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया. केंद्र सरकार के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा है कि उन्हें इस जनहित याचिका पर गंभीर आपत्ति है और वह इसका विरोध करेंगे. उन्होंने याचिकाकर्ता के मकसद पर भी सवाल उठाए. अब इस मामले में 16 मार्च को सुनवाई होगी. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह जनहित याचिका का दुरुपयोग है और महज पब्लिसिटी स्टंट है. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इस मामले की तेजी से जांच की जा रही है और कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं.
नई दिल्ली, सेना प्रमुख बिपिन रावत के बांग्लादेशी नागरिकों की असम में घुसपैठ और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) पर दिए गए बयान ने राजनीतिक रूप ले लिया है. AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने आर्मी चीफ के बयान पर सवाल उठाए हैं. ओवैसी के अलावा कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पर टिप्पणी की है. औवेसी ने ट्वीट किया कि आर्मी चीफ को राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, किसी राजनीतिक पार्टी के उदय पर बयान देना उनका काम नहीं है. लोकतंत्र और संविधान इस बात की इजाजत देता है कि सेना हमेशा एक निर्वाचित नेतृत्व के तहत काम करेगी. बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी, कांग्रेस-एनसीपी ने की निंदा कांग्रेस नेता मीम अफजल ने आर्मी चीफ के इस बयान पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि आर्मी के अफसर को राजनीतिक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए, जो उन्होंने कहा है कि रावत को ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए. एनसीपी नेता माजिद मेनन ने कहा कि ये राजनीतिक मामला है इसपर नेताओं को ही बयानबाजी करनी चाहिए, आर्मी चीफ को ये सब शोभा नहीं देता है. बीजेपी नेता शायना एनसी ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ देश में बड़ा मुद्दा है, उसपर विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय नज़र बनाए हुए है. क्या बोले थे आर्मी चीफ? सेना प्रमुख बिपिन रावत ने एक सेमिनार में कहा था कि जितनी तेजी से देश में बीजेपी का विस्तार नहीं हुआ उतनी तेजी से असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ बढ़ी है. रावत इलाके में होने वाली बांग्लादेशी घुसपैठ और जनसांख्यिकी परिवर्तन को समझाने के लिए उदाहरण दे रहे थे. उन्होंने कहा कि घुसपैठ होने का एक बड़ा कारण जमीन पर कब्जा जमाना भी है. एक सेमिनार में बोलते हुए सेना प्रमुख ने यहां पर बांग्लादेशी घुसपैठ के बारे में कहा कि उत्तर-पूर्व में बांग्लादेश से हो रही घुसपैठ के पीछे हमारे पश्चिमी पड़ोसी की छद्म नीति ज़िम्मेदार है. जनरल रावत ने कहा है कि इस काम में हमारे पश्चिमी पड़ोसी को उत्तरी पड़ोसी का साथ मिल रहा है. उन्होंने कहा है कि उत्तर पूर्व की समस्याओं का समाधान वहां के लोगों को देश की मुख्यधारा में लाकर विकास करने से मुमकिन है. चीन पर उठाए सवाल पूर्वोत्तर से देश के संपर्क मार्ग यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर नौसेना प्रमुख ने कहा कि चीन से मतभेदों के बावजूद अनेक दशकों से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शान्ति बरकरार रही है. हालांकि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा सीमा का अतिक्रमण करने की बढ़ती घटनाएं और डोकलाम में हालिया गतिरोध चीन की बढ़ती मुखरता का प्रतीक है, क्योंकि वह आर्थिक और सैन्य मोर्चों पर प्रगति कर रहा है. यह घटनाएं सिलीगुड़ी कॉरिडोर की संवेदनशीलता की ओर इशारा करती हैं. सिलीगुड़ी कॉरिडोर या चिकन-नेक वह संकीर्ण भूभाग है जो पूर्वोत्तर के राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है.
मुंबई बैंकों ने इंपोर्ट फाइनैंस यानी आयात के वास्ते दिए जाने वाले कर्ज पर काफी सख्ती कर दी है। इंपोर्ट फाइनैंस देश की इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर जरूरतें पूरी करने के लिए सप्लाई जुटाने के लिहाज से काफी अहम है। पीएनबी के कुछ एंप्लॉयीज की तरफ से फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी करने का मामला पकड़ में आने के बाद बैंकों ने सख्ती शुरू की है। एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, आईडीबीआई बैंक बहुत कम एलओयू इश्यू कर रहे हैं या उन्होंने कुछ कैटिगरी के लिए यह लेटर इश्यू करना ही बंद कर दिया है। कुछ बैंक इसके लिए अधिक डॉक्युमेंट मांगने लगे हैं। वे एलओयू के लिए क्लाइंट्स से दो दिन पहले पेपर्स जमा करने को भी कर रहे हैं। पहले ऐसा नहीं होता था। तब बैंक एलओयू के बदले एक दिन के अंदर बायर्स क्रेडिट दे रहे थे। फंड की कमी के चलते आयातकों को भारत में स्पॉट और फॉरवर्ड मार्केट से डॉलर खरीदना पड़ रहा है। वे फॉरेन करेंसी विदेशी सप्लायरों को भुगतान के लिए खरीद रहे हैं। इस बारे में कोटक सिक्यॉरिटीज के करंसी ऐनालिस्ट अनिंद्य बनर्जी ने बताया, 'बैंकों के चौकसी बढ़ाने से आयातकों को ट्रेड फाइनैंस मिलने में दिक्कत हो रही है। इससे स्पॉट और फॉरवर्ड मार्केट में डॉलर की खरीदारी बढ़ गई है। ट्रेड फाइनैंस नहीं होने के चलते आयातकों को सप्लाई के लिए तुरंत भुगतान करना पड़ रहा है। जब तक आयातक विदेश में शॉर्ट टर्म लोन का इंतजाम नहीं कर लेते, तब तक रुपये पर दबाव बना रहेगा।' बैंक ऑफ बड़ौदा ने मंगलवार को जोनल हेड्स को लेटर भेजकर इंपोर्टर्स के लिए लेटर्स ऑफ कंफर्ट (एलओसी) इश्यू करने पर रोक लगाने के लिए कहा। बैंक के बड़े अधिकारियों ने बाद में बताया कि उसने पहले सूचना दिए बिना दो घंटे तक सिस्टम बंद कर दिया था। यह काम यह पता लगाने के लिए किया गया था कि बैंक के सिस्टम चेक में कुछ गड़बड़ी तो नहीं थी। इस बारे में बैंक ने देर से सफाई दी और तब तक यह खबर वायरल हो गई थी। इसके बाद दूसरे बैंक भी अपने रूल्स चेक करने लगे और आयातकों ने ऑर्डर का पेमेंट करने के लिए डॉलर की खरीदारी शुरू कर दी। भारतीय बैंकों की कुछ विदेशी शाखाओं में पुराने ऑफर्स वापस लिए जा रहे हैं या पहले जारी किए गए एलओयू की डिस्काउंटिंग बंद कर दी गई है। इस प्रॉब्लम का असर सिर्फ जेम्स ऐंड जूलरी सेक्टर पर ही नहीं पड़ा है, इससे दूसरे सेक्टर के आयात भी प्रभावित हुए हैं। केमिकल, कंप्यूटर पेरिफेरल्स खरीदने वाली कंपनियों को बैंकों ने एलओयू इश्यू करने के नए रूल्स की जानकारी दी।
पुणे नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे को दिए पब्लिक इंटरव्यू पर आरक्षण मुद्दे पर बड़ी बात कही है। शरद पवार का कहना है कि आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लोग भी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण को लेकर काफी समय से मांग कर रहे हैं, जो पवार का वोट बैंक भी है। पिछले साल अगस्त महीने में इसको लेकर विशाल मूक मोर्चा आंदोलन निकाला गया था। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में शरद पवार ने राज ठाकरे को दिए इंटरव्यू में कहा, 'आरक्षण का मुद्दा काफी संवेदनशील है। दलित और आदिवासियों को आरक्षण मिलना चाहिए। इसमें कोई दो राय नहीं लेकिन अलग-अलग जाति के लोग कई जगहों पर आरक्षण के लिए रैलियां निकाल रहे हैं। मेरा साफ कहना है कि आरक्षण जाति के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को मिलना चाहिए। चाहे वह किसी भी जाति का हो।' कांग्रेस के आने वाले हैं 'अच्छे दिन' दो घंटे के इस पब्लिक इंटरव्यू में शरद पवार ने यह भी कहा कि कांग्रेस में देश को बीजेपी का विकल्प उपलब्ध कराने की क्षमता है। उन्होंने पीएम मोदी के अच्छे दिन वाले स्लोगन पर खेलते हुए कहा कि कांग्रेस के 'अच्छे दिन' आने वाले हैं क्योंकि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी राष्ट्र के सामने आने वाले मुद्दों को सीखने और समझने में अपना झुकाव दिखा रहे हैं। वह इसके लिए देश के कोने-कोने में जाने को तैयार दिखते हैं। 'पीएम मोदी सब कुछ खुद ही करना चाहते हैं' वहीं पीएम मोदी के सवाल पर शरद पवार ने कहा, 'वह एक मेहनती व्यक्ति हैं और वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वहां के मुद्दे समझने में सफल रहे हैं।' साथ ही शरद पवार ने यह भी कहा कि जब आप प्रधानमंत्री के रूप में पूरे देश को चला रहे हों तो आपको देश के अलग-अलग हिस्सों की समस्याएं समझने के लिए एक टीम के साथ काम करने की जरूरत है। मुझे नहीं लगता कि उनके पास ऐसी कोई टीम है। वह स्वयं ही सब कुछ करना चाहते हैं। यह देश के लिए सही नहीं है। 'आप और मैं मुंबई को महाराष्ट्र से अलग नहीं होने देंगे' वहीं बुलेट ट्रेन प्रॉजेक्ट के सवाल पर शरद पवार ने कहा, 'मैं बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का विरोध नहीं कर रहा हूं लेकिन यह मुंबई और दिल्ली के बीच दौड़नी चाहिए या फिर मुंबई और नागपुर के बीच। कोई बुलेट ट्रेन से मुंबई से अहमदाबाद के बीच यात्रा नहीं करेगा।' इसके बाद राज ठाकरे के बुलेट ट्रेन या ऐसी कई परियोजनाएं गुजराती बिजनसमैन और राजनेताओं की मुंबई में 'भेदने' की कोशिश के सवाल पर पवार ने कहा, 'हां, बिल्कुल मुंबई को कंट्रोल में लेने की कोशिश की जाएगी क्योंकि यह आर्थिक केंद्र है लेकिन इस तरह के प्रयास सफल नहीं होंगे। दोनों, आप और मैं महाराष्ट्र से मुंबई को अलग नहीं होने देंगे।' वहीं कांग्रेस से नाता तोड़ चुके शरद पवार ने बीजेपी और कांग्रेस में से कांग्रेस को गठबंधन के लिए चुना। बता दें कि पवार का राज ठाकरे के प्रति लगाव देखकर एमएनएस नेता भी हैरान हैं। कुछ साल पहले तक पवार, राज ठाकरे पर कई बार सार्वजनिक रूप से प्रहार करते रहे हैं। उन्होंने एक बार राज ठाकरे के लिए कहा था, 'जो लोग दिन में सोकर उठते हैं कभी अच्छे नेता नहीं बन सकते।' एक वरिष्ठ एमएनएस कार्यकर्ता ने कहा, '2006 से करीब 11 साल बाद एक बार पवार साहेब राज साहेब के साथ सार्वजनिक रूप से मंझ साझा करेंगे। जरूर पवार साहेब के मन में कुछ बात है।'
उरी, पाकिस्तान ने गुरुवार सुबह नॉर्थ कश्मीर के उरी सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया. सुबह करीब 7.30 बजे पाकिस्तान की ओर से चाड़ुसा इलाके और उरी सेक्टर के कुछ इलाके में सीज़फायर उल्लंघन किया गया. पाकिस्तान की ओर से मशीन गन और मोर्टार से निशाना साधा जा रहा है. भारतीय सेना लगातार मुंहतोड़ जवाब दे रही है. भारत की तरफ से पाकिस्तानी सेना की कई पोस्टों को निशाना बनाया जा रहा है. पाकिस्तान ने मंगलवार को भी काफी गोलीबारी की थी. एलओसी पर लगातार हाईअलर्ट जारी किया गया था. बता दें कि बुधवार को तंगधार में पाकिस्तानी गोलीबारी में एक भारतीय जवान शहीद हुआ था. कुपवाड़ा में पाकिस्तान ने सीजफायर उल्लंघन किया तो पलटवार में भारतीय सेना ने उसके दो जवानों को ढेर कर दिया था. हालांकि आर्मी हाई अलर्ट पर है क्योंकि आशंका है कि बौखलाए पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम नई खुराफात कर सकती है. एलओसी के पास दिखा PAK का हेलिकॉप्टर बुधवार दोपहर को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एलओसी के बेहद करीब 3 पाकिस्तानी चॉपर को उड़ते देखा गया तो कुछ घंटों के बाद कुपवाड़ा के तंगधार इलाके में पाकिस्तानी सेना की ओर से अपने हथियारों का मुंह खोल दिया गया. सेना के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान उत्तर कश्मीर में घुसपैठ की बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम यानी बैट एलओसी पर खुराफात की तैयारी में है. इसके मद्देनजर उस इलाके में सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सरहद पर अतिरिक्त सैन्य बल को भेजा गया है जिससे घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके. सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी कहा है कि पश्चिमी के पड़ोसी की साजिश को उत्तर के पड़ोसी से मदद मिल रही है.
नई दिल्ली, पूर्वोत्तर में बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान और चीन पर निशाना साधा है. जनरल रावत ने कहा है कि उत्तर पूर्व में बांग्लादेश से हो रही घुसपैठ के पीछे हमारे पश्चिमी पड़ोसी की छद्म नीति ज़िम्मेदार है. जनरल रावत ने कहा है कि इस काम में हमारे पश्चिमी पड़ोसी को उत्तरी पड़ोसी का साथ मिल रहा है. जनरल रावत उत्तर-पूर्व में भारत की रक्षा चुनौतियों पर आयोजित एक सेमिनार में बोल रहे थे. उत्तर पूर्वी राज्यों में बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ और इलाके में हुए जनसांख्यिकीय परिवर्तन को दर्शाने के लिए जनरल रावत ने बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ का उदाहरण दिया. जनरल रावत ने कहा कि देश में जनसंघ का विस्तार उतनी तेज़ गति से नहीं हुआ जितनी तेज़ गति से असम में एआईयूडीएफ का विस्तार हुआ है. उन्होंने कहा है कि उत्तर पूर्व की समस्याओं का समाधान वहां के लोगों को देश की मुख्यधारा में लाकर विकास करने से मुमकिन है. सेमिनार में आए रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तर पूर्व को सुनियोजित तरीक़े से इस्लामिक बाहुल्य वाला क्षेत्र बनाने की कोशिशें हुई हैं. पूर्वोत्तर से देश के संपर्क मार्ग यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर नौसेना प्रमुख ने कहा कि चीन से मतभेदों के बावजूद अनेक दशकों से वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शान्ति बरकरार रही है. हालांकि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी द्वारा सीमा का अतिक्रमण करने की बढ़ती घटनाएं और डोकलाम में हालिया गतिरोध चीन की बढ़ती मुखरता का प्रतीक है, क्योंकि वह आर्थिक और सैन्य मोर्चों पर प्रगति कर रहा है. यह घटनाएं सिलीगुड़ी कॉरिडोर की संवेदनशीलता की ओर इशारा करती हैं.सिलीगुड़ी कॉरिडोर या चिकन-नेक वह संकीर्ण भूभाग है जो पूर्वोत्तर के राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है. सेना प्रमुख बिपिन रावत के बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ और असम की ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) पर दिए गए बयान ने राजनीतिक रूप ले लिया है. AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी आर्मी चीफ के बयान पर सवाल उठाए हैं. औवेसी ने ट्वीट किया कि आर्मी चीफ को राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, किसी राजनीतिक पार्टी के उदय पर बयान देना उनका काम नहीं है. लोकतंत्र और संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है, सेना हमेशा एक निर्वाचित नेतृत्व के तहत काम करती है.
नई दिल्ली,पाकिस्तान की ओर से बॉर्डर पर भारतीय सेना और नागरिकों को निशाना बनाने की कायराना हरकत लगातार जारी है. भारतीय सेना की तरफ से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब भी दिया जाता है, फिर भी पाकिस्तान बाज आने का नाम नहीं ले रहा है. सूत्रों की मानें, तो बॉर्डर पर पाकिस्तान भारतीय जवानों को निशाना बनाने के लिए पेड स्नाइपर की सहायता ले रहा है, इसके लिए योजना भी बनाई जा रही है. जिसके बाद सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रख दिया गया है. खुफिया सूत्रों की मानें, तो पाकिस्तानी आर्मी और ISI ने LOC और इंटरनेशनल बॉर्डर पर स्नाइपर तैनात किए हैं. पाकिस्तान की ओर से बॉर्डर पर लगभग 145 शार्प शूटरों को बिठाया गया है. ये स्नाइपर्स पीओके की तरफ तैनात हैं, इनका मुख्य निशाना माछिल, उरी, तंगधार, पुंछ बिम्बर गली, रामपुर, कृष्णा घाटी जैसे क्षेत्रों पर है. Pok में मौजूद ट्रेनिंग कैंप में पाक की "स्पेशल ऑपरेशन टीम " के साथ ट्रेन किया गया है. पाक आर्मी के साथ आतंकी संगठन लश्कर, जैश और हिजबुल के आतंकियों को स्नाइपर के तौर पर भर्ती किया गया है. इन स्नाइपर्स को पाकिस्तान की मुजाहिद बटालियन के साथ कई जगहों पर तैनात किया गया है. पाक आर्मी के कमांडरों ने पाक अधिकृत कश्मीर के फगोश, बोई, मदारपुर और देवलियां में इन आतंकियों को ट्रेनिंग दी. पाकिस्तान की आर्मी इन आतंकियों को 50 हज़ार से एक लाख रुपये का ईनाम देती है. सूत्रों के मुताबिक इसके लिए पाकिस्तान चीन के सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है. आतंकी संगठन के सरगना को इन शार्प शूटरों को भेजने का जिम्मा दिया गया है. गौरतलब है कि पिछले काफी दिनों से पाकिस्तान की ओर से बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश चल रही है, भारतीय जवानों ने कई बार इन कोशिशों को नाकाम किया है. घाटी में हाल ही के दिनों में कई आतंकी हमले भी हुए हैं.
नई दिल्ली आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत द्वारा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रैटिक फ्रंट (AIUDF) पर दिए गए बयान से AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी बिफर गए हैं और कहा है कि राजनीतिक दलों पर टिप्पणी करना आर्मी चीफ का काम नहीं है। ओवैसी ने आश्चर्य जताया कि आखिर क्यों आर्मी चीफ राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी के गठन और विस्तार की इजाजत है। बता दें कि जनरल रावत ने बुधवार को पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर पर टिप्पणी करने के दौरान कहा था कि असम के AIUDF नाम के राजनीतिक संगठन को देखना होगा। उसका बीजेपी के मुकाबले तेजी से विकास हुआ है। जनसंघ से लेकर बीजेपी का आज तक का सफर जितना लंबा रहा है, उसके मुकाबले AIUDF का तेजी से विस्तार हुआ है। गौरतलब है कि असम में बदरूद्दीन अजमल के नेतृत्व AIUDF मुस्लिमों के मुद्दे उठाती रही है, जिन्हें बड़ी संख्या में बांग्लादेश से आया समझा जाता है। ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, 'आर्मी चीफ को किसी पार्टी के विस्तार पर टिप्पणी करने का हक नहीं है। लोकतंत्र और संविधान में पार्टी के गठन की इजाजत है। आर्मी चुनी हुए नेतृत्व के अंदर काम करती है।' जनरल रावत ने कल कहा था कि उत्तरपूर्व में मुस्लिम शरणार्थियों का आना 'प्रॉक्सी गेम' का हिस्सा है। उन्होंने कहा, 'हमारा पश्चिमी पड़ोसी (पाकिस्तान) उत्तरी सीमा पर स्थित पड़ोसी (चीन) की मदद से इस इलाके को डिस्टर्ब करना चाहता है।' उन्होंने कहा था कि असम में पॉप्युलेशन डाइनैमिक्स को बदल पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा मुस्लिम पहले के 5 जिलों की तुलना में अब 8 जिलों में बहुमत में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि अब यहां रहने वालों लोगों को एकसाथ रखने की कोशिश की जानी चाहिए।
नई दिल्ली कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की भारत यात्रा लगातार चर्चा में है। अब ट्रूडो की पत्नी सोफी ट्रूडो की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें वह बैन किए जा चुके इंटरनैशनल सिख यूथ फेडरेशन में ऐक्टिव रहे दोषी खालिस्तानी आतंकवादी जसपाल अटवाल के साथ दिख रही हैं। कनाडा के पीएम की पत्नी की यह तस्वीर मुंबई में 20 फरवरी को आयोजित हुए एक इवेंट की है। इसके अलावा जसपाल अटवाल को कनाडा के पीएम के लिए आयोजित किए गए औपचारिक डिनर में भी आमंत्रित किया गया था। सीबीसी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय से इस बारे में पूछने पर बताया गया कि इनवाइट को रद्द कर दिया गया है। इस इन्वाइट को भारत में कनाडा के हाई कमिश्नर द्वारा दिया गया था। सीबीसी न्यूज़ को एक ई-मेल में पीएमओ प्रवक्ता ने कहा, 'मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि हाई कमिशन अटवाल के निमंत्रण को रद्द करने की प्रक्रिया में है।' मंगलवार को मुंबई में आयोजित हुए एक इवेंट में ट्रूडो परिवार और बॉलिवुड हस्तियों समेत कनाडा में कैबिनेट मंत्री अमरजीत सोही ने भी शिरकत की थी। और इसी इवेंट में अटवाल और सोफी ट्रूडो की तस्वीर ली गई है। अमरजीत सोही भी जसपाल अटवाल के साथ तस्वीरों में दिख रहे हैं। इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने के बाद भारत में इसका विरोध हो सकता है। ट्रूडो ने दिया था बयान ट्रूडो के आधिकारिक भारत दौरे पर अटवाल का दिखना उनके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। बता दें कि खालिस्तानी समर्थक कहे जाने वाले ट्रूडो ने हाल ही में बयान दिया था, 'हम एक भारत व संयुक्त भारत का समर्थन करते हैं और इस मामले में कनाडा का रुख नहीं बदला है।' उन्होंने कहा, 'हमने यह स्वीकार किया है कि विविधता हमारी ताकत है। अलग-अलग मत वाले विचार कनाडा की सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हम हिंसा को नकारते हैं।' कौन है जसपाल अटवाल बता दें कि अटवाल पर 1986 में वैंकूवर आइलैंड पर भारतीय कैबिनेट मंत्री मलकीयत सिंह सिंधू की हत्या का प्रयास करने के आरोप है। उस समय अटवाल कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और भारत में एक आतंकवादी समूह के तौर पर बैन किए गए इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के सदस्य थे। इसके अलावा अटवाल को 1985 में एक ऑटोमोबाइल फ्रॉड केस में भी दोषी पाया गया था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अटवाल का नाम मुंबई और दिल्ली के इवेंट की गेस्ट लिस्ट में कैसे आया। इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन को कनाडा सरकार ने 1980 में एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। अटवाल उन चार लोगों में से एक थे जिन्होंने 1986 में वैंकूवर में सिंधू की कार पर गोलियां चलाईं थीं। अटवाल ने सिंधू पर हुए हमले में अपनी भूमिका होने की बात स्वीकर की थी। 'खालिस्तान' के पीछे वोट बैंक की राजनीति! कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की पहली भारत यात्रा के बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें यहां उतना प्यार नहीं मिला, जितने की उम्मीद थी। दोनों देशों के मीडिया में यह मुद्दा गरमा गया है कि भारत सरकार ने उनके प्रति बेरुखी दिखाई, क्योंकि ट्रूडो ने अपने देश में खालिस्तानी संगठनों का समर्थन किया था। ट्रूडो सरकार में खालिस्तानी समर्थकों के प्रति नरमी के पीछे असल में वहां की घरेलू राजनीति है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह कोशिश की थी कि ट्रूडो खालसा डे परेड में हिस्सा न लें, लेकिन यह नहीं हो सका। ट्रूडो से पहले स्टीफन हार्पर कनाडा के पीएम थे और अपने कार्यकाल में वह इस रैली में नहीं गए थे। इसी वजह से 2012 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और 2015 में नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा का रास्ता साफ हो सका था। हाल में कनाडा के 16 गुरुद्वारों ने भारतीय अधिकारियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी, जिसके खिलाफ ट्रूडो सरकार ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। इसके बाद अमेरिका और ब्रिटेन के गुरुद्वारों ने भी ऐसा ही कदम उठाया। कनाडा में अधिकारियों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी बताया था।
चेन्नई, साउथ सुपरस्टार कमल हासन ने बुधवार को अपनी राजनीतिक पारी का आगाज़ किया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजदूगी में हासन ने पार्टी लॉन्च की. उन्होंने पार्टी का नाम 'Makkal Neethi Mayyam' दिया. 'मक्कल नीधि मय्यम' नाम का अर्थ है 'जन न्याय का केंद्र'. इस दौरान कमल हासन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल, विजयन, चंद्रबाबू नायडू और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा उनकी प्रेरणा हैं. इस मौके पर मौजूद केजरीवाल ने लोगों से कहा कि अगर आपको स्कूल, अस्पताल और सड़कें बनवानी हैं तो आप कमल हासन को वोट दीजिएगा. हासन ने पार्टी के नाम के साथ पार्टी का झंडा, वेबसाइट और सभी प्रकार के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी जारी किए. पार्टी लॉन्च के दौरान कमल हासन ने कहा कि मैं कोई नेता नहीं हूं, सिर्फ आपका जरिया हूं इस सभा में आप सभी नेता हैं. पार्टी लॉन्च के दौरान सभा में हजारों की तादाद में लोग थे. हसन की पार्टी के सफेद रंग के झंडे पर आपस में गोलाई में गुंथे छह हाथ बने हैं. तीन हाथ लाल और तीन सफेद रंग के हैं. इसके बीच एक सितारा बना है. हासन ने कहा कि पार्टी का गठन जनता के शासन की दिशा में पहला कदम है. दोबारा निकालेंगे यात्रा इससे पहले वह बुधवार सुबह सात बजे से ही एक यात्रा निकाल रहे हैं. अपनी तीन दिवसीय यात्रा को कम करके एक दिन का करने के बाद हासन ने कहा है कि वह 15-20 दिन बाद फिर से यात्रा पर निकलेंगे. पार्टी की घोषणा से पहले पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के रामेश्वरम स्थित पैतृक घर पर गए और उनके परिवार के सदस्यों से बातचीत की. यहां पूर्व राष्ट्रपति के परिजनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. पार्टी लॉन्च के दौरान कमल ने कहा कि लोग मुझसे मेरी विचारधारा के बारे में पूछते हैं. उन्होंने कहा कि मेरी विचारधारा सभी लोगों को शिक्षा देना है, जाति का खेल रोकना है, भ्रष्टाचार को रोकना है.उन्होंने कहा कि हमने पार्टी के नाम में भी 'मय्यम' को रखा है, यानी मैं ना लेफ्ट हूं और ना ही राइट. हम सिर्फ सेंटर हैं. केजरीवाल ने किया समर्थन पार्टी लॉन्च के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर आप भ्रष्टाचार चाहते हैं तो डीएमके और एआईडीएमके को वोट करें, लेकिन अगर आप स्कूल, हॉस्पिटल और सड़कें चाहते हैं तो कमल हासन को वोट करें. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस को नकार दिया था, मुझे उम्मीद है कि यहां के लोग भी ऐसा ही बदलाव करेंगे.

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