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जयपुर. बीजेपी को सत्ता से बाहर करने में सबसे बड़ा रोल गुर्जर जाति का रहा। बीजेपी ने इस विधानसभा चुनाव में 9 गुर्जरों को टिकट दिया था लेकिन उसका एक भी प्रत्याशी जीत दर्ज करने में सफल नहीं रहा। वहीं कांग्रेस ने 12 गुर्जर प्रत्याशियों को टिकट दिए जिनमें से 7 जीतने में सफल रहे। इसी तरह बीजेपी ने जाटों को 29 टिकट दिए उनमें से 8 जीते। यानि सक्सेस रेट 27% है। वहीं कांग्रेस ने 32 जाटों को टिकट दिए उनमें से 11 जीते। यानि सक्सेस रेट 34% है। जातियां को साधने में बीजेपी विफल रही तो कांग्रेस के समीकरण सही बैठे। वहीं बीजेपी के वोट बैंक माने जाने वाले ब्राह्मणों ने दोनों पार्टियों को करीब बराबर सीटें दी। 6 ब्राह्मण बीजेपी से और 7 कांग्रेस से जीते। कुल मिलाकर गुर्जर एक ऐसी जाति रही जिनकी बीजेपी के प्रति खुलकर नाराजगी सामने आई। बराबर वोट प्रतिशत होने के बावजूद बीजेपी को सत्ता से बाहर करने में इस जाति का बड़ा रोल रहा है। राजपूतों ने इस बार चेहरा देखकर ही वोट किया। 3 बड़े कारण जिससे गुर्जर कांग्रेस की ओर आए सचिन पायलट का संभावित सीएम चेहरा होना : सचिन पायलट एक साफ-सुथरी छवि के युवा नेता की पहचान रखते हैं। उनकी पकड़ हर समाज के युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गाें के बीच में है। वह सांसद से लेकर केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं। प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर पांच साल तक काम किया। उधर, गुर्जर समाज में उनका बड़ा प्रभाव है। यही कारण है कि कांग्रेस में सबसे अधिक गुर्जर विधायक जीते हैं। वहीं भाजपा में एक की भी जीत नहीं हो पाई है। गुर्जर आरक्षण को लेकर नाराजगी : प्रदेश में गुर्जर आरक्षण का विवाद पिछले 12-13 वर्षों से चल रहा है। भाजपा ने गुर्जर समाज को 5% आरक्षण देने का वादा किया था लेकिन यह किन्हीं कारणों से पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में गुर्जर समाज को उम्मीद है कि पायलट के नेतृत्व में समाज को न्याय मिलेगा। उधर, गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला भी समाज के दबाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कई जगहों पर प्रदर्शन कर विरोध दर्जा कर चुके हैं। इसके अलावा प्रदेशभर में बीजेपी के विरोध के लिए आह्वान कर चुके हैं। कई गुर्जर-मीणा बाहुल्य क्षेत्रों में किरोड़ी को कमान : कई गुर्जर-मीणा बाहुल्य क्षेत्रों में बीजेपी ने किरोड़ी लाल मीणा को प्रत्याशी चयन से लेकर रायशुमारी में शामिल किया। ऐसी जगहों पर गुर्जर नेताओं को नजरअंदाज किया गया। ऐसे में गुर्जरों ने पायलट के प्रति समर्पण दिखाया। गुर्जरों ने तय किया कि उनके क्षेत्र में अगर कोई कांग्रेस के टिकट पर मीणा भी प्रत्याशी लड़ेगा तो उसे वोट डाले जाएंगे, लेकिन बीजेपी को वोट नहीं डालने का कौल लिया गया। ताकि सचिन पायलट सीएम पद के लिए मजबूती से अपना पक्ष रख सकें। पांच बड़ी जातियों का गणित एक नजर में ब्राह्मण: दोनों दलों को बराबर मौका : बीजेपी ने 19 ब्राह्मणों को टिकट दिए उनमें से 6 जीते वहीं कांग्रेस ने 22 को टिकट दिए उनमें से 7 जीते। श्रीगंगानगर से एक निर्दलीय ब्राह्मण प्रत्याशी जीते। गुर्जर: पहली बार भाजपा को नकारा : बीजेपी ने 9 गुर्जरों को टिकट दिए उनमें से जातीय ध्रुवीकरण के कारण एक भी नहीं जीता। वहीं कांग्रेस ने 12 गुर्जरों को टिकट दिए उनमें से 7 कैंडीडेट्स जीत गए। नदबई से बसपा के गुर्जर प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। जाट: कांग्रेस की ओर झुके : बीजेपी ने 29 जाटों के टिकट दिए, 8 जीते। कांग्रेस ने 32 को टिकट दिए उनमें से 11 जाट प्रत्याशी जीते। भादरा से सीपीएम के जाट प्रत्याशी बलवान जीते वहीं शाहपुरा जयपुर से निर्दलीय जाट प्रत्याशी आलोक जीते। मीणा: कांग्रेस के एसटी के 4 प्रत्याशी जीते : बीजेपी ने मीणा-भील सहित एसटी के 28 उम्मीदवार उतारे उनमें से तीन मीणा प्रत्याशी जीते। वहीं कांग्रेस ने एसटी वर्ग के मीणा भील सहित 29 टिकट दिए उनमें से चार जीते। दो मीणा प्रत्याशी बस्सी जयपुर और महुआ से निर्दलीय जीते हैं। राजपूत: पूरे साल भाजपा विरोध की हवा, चेहरा देखकर दिए वोट, भाजपा को 6 सीटें दीं : पूरे साल हवा थी कि राजपूत जाति बीजेपी से नाराज है और कई बार भाजपा के बहिष्कार के कुछ राजपूत संगठनों ने ऐलान भी किए, लेकिन चुनाव में राजपूतों का फिर से बीजेपी प्रेम ही दिखा। नाराजगी ज्यादा कहीं दिखी नहीं और चेहरा देख वोट दिए गए। बीजेपी ने 26 राजपूतों को टिकट दिए और उनमें से 6 जीते, वहीं कांग्रेस ने 15 राजपूतों को टिकट दिए और 4 ने जीत दर्ज की। उदयपुरवाटी से बसपा से राजपूत प्रत्याशी राजेंद्र गुढा जीते। कुल मिलाकर राजपूत भाजपा से ज्यादा नाराज नहीं दिखे।
जयपुर. विधानसभा चुनावों में भाजपा के कांग्रेस से पिछड़ने के बीच वसुंधरा राजे का आधे से ज्यादा मंत्रिमंडल भी हार गया। राजे सहित 30 मंत्रियों (दो ने बेटों को टिकट दिलाया था) में से सिर्फ 8 ही दोबारा विधानसभा में पहुंचने में कामयाब हो पाए। इनमें 4 मंत्री वे भी हैं, जो टिकट नहीं मिलने पर भाजपा से बागी होकर मैदान में उतरे थे। कुल मिलाकर 12 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्री हारे। मंत्रियों की हार में एंटीइनकमबेंसी सबसे बड़ा फैक्टर रहा। ज्यादातर मंत्रियों को टिकट दिए जाने का विरोध बीजेपी की रायशुमारी बैठकों में भी हुआ था। ये मंत्री सीट बचाने में रहे कामयाब झालरापाटन से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मालवीय नगर से चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, बाली से ऊर्जा राज्यमंत्री पुष्पेंद्र सिंह, अजमेर दक्षिण से महिला-बाल विकास मंत्री अनीता भदेल, अजमेर उत्तर से शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी, चूरू से पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़, राजसमंद से उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी और गृह मंत्री उदयपुर शहर से गुलाबचंद कटारिया। 4 मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष पर भारी पड़े निर्दलीय राज्यमंत्री ओटा राम देवासी को निर्दलीय संयम लोढ़ा, राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया को निर्दलीय महादेव सिंह, निर्दलीय कांतिप्रसाद ने कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भडाना, बसपा के जोगिंदर सिंह अवाना ने राज्य मंत्री कृष्णेंद्र कौर दीपा, भारतीय ट्राइबल पार्टी के राजकुमार रोट ने राज्य मंत्री सुशील कटारा, निर्दलीय आलोक बेनीवाल ने विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह को शाहपुरा तथा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के पुखराज ने राज्य मंत्री कमसा को हराया है। एंटीइनकमबेंसी सबसे बड़ा फैक्टर रहा नाम मंत्री रहे हारे अरुण चतुर्वेदी सामाजिक न्याय जयपुर राजपाल सिंह उद्योग जयपुर प्रभुलाल सैनी कृषि मंत्री अंता यूनुस खान परिवहन टोंक अजय सिंह सहकारिता डेगाना राम प्रताप जल संसाधन हनुमानगढ़ गजेंद्र सिंह वन मंत्री लोहावट श्रीचंद कृपलानी यूडीएच निंबाहेड़ा बाबूलाल वर्मा खाद्य बारां-अटरू अमराराम राजस्व पचपदरा राज्य मंत्री कृष्णेंद्र कौर पर्यटन नदबई ओटाराम देवासी गोपालन सिरोही सुशील कटारा जलदाय चौरासी बंशीधर बाजिया स्वास्थ्य खंडेला कमसा मेघवाल जनजातीय भोपालगढ़ सुरेंद्र पाल खान श्रीकरणपुर 4 मंत्री बागी बनकर उतरे, दो अपनों से हारे राजकुमार रिणवा : देवस्थान राज्य मंत्री थे। रतनगढ़ से भाजपा के ही अभिनेष ने हराया। सुरेंद्र गोयल : पीएचईडी मंत्री थे। जैतारण से भाजपा के अविनाश ने हराया। हेम सिंह भड़ाना : सामान्य प्रशासन मंत्री थे। थानागाजी से उतरे। निर्दलीय कांति मीणा से हारे। धनसिंह रावत: पंचायतीराज राज्य मंत्री थे। बांसवाड़ा से कांग्रेस के अर्जुन सिंह ने मात दी।
जयपुर, 08 दिसंबर 2018, राजस्थान विधानसभा चुनाव में शुक्रवार को मतदान के बाद आए एक्जिट पोल में कांग्रेस की सत्ता में वापसी होती दिख रही है. जबकि नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे, लेकिन उससे पहले मुख्यमंत्री बनने को लेकर लॉबिंग शुरू हो गई है. एक्जिट पोल के मुताबित आए नतीजों से कांग्रेस नेता उत्साहित हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट कैंप और पार्टी महासचिव अशोक गहलोत गुट के लोग अंदर खाने अपने-अपने नेता को सीएम बनाने की रणनीति में जुट गए हैं. राजस्थान विधानसभा चुनाव में सभी एक्जिट पोल ने कांग्रेस को पूर्ण बहुमत दिखाया है. ऐसे में अब राजस्थान कांग्रेस में कौन बनेगा सीएम इसको लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है . अंदर खाने ही विधायक दल की बैठक में कौन किसका समर्थन करेगा इसे लेकर दोनों गुट सक्रिय हो गए हैं. जयपुर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष और सिविल लाइन विधानसभा से चुनाव लड़ रहे प्रताप सिंह खाचरियावास तो खुलकर सचिन पायलट के सीएम बनाने के पक्ष में हैं. खाचरियावास ने कहा कि 5 सालों तक जिस नेता ने संघर्ष किया है, सीएम का पद उसे ही मिलना चाहिए. उनके मुताबिक सचिन पायलट कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से लगातार सक्रिय हैं और उन्होंने वसुंधरा राजे के खिलाफ संघर्ष किया है. ऐसे में सचिन पायलट को सीएम बनना चाहिए. बता दें कि इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के मुताबिक राजस्थान में बीजेपी को करारी मात मिलती दिख रही है. सूबे की कुल 200 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के खाते में 119 से 141 सीटें जाती दिख रही हैं. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में बीजेपी को 55 से 72 सीटें मिल सकती हैं. जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें हासिल हुई थीं. यही नहीं, बाकी आए एक्जिट पोल में भी बीजेपी की हार दिख रही है. कांग्रेस को सभी ने स्पष्ट बहुमत दिया है. ऐसे कांग्रेस में सीएम को लेकर सचिन पायलट और अशोक गहलोत दो मजबूत दावेदार हैं. ऐसे में दोनों के समर्थक अपने-अपने नेता के लिए पिच तैयार करने लगे हैं.
जयपुर राजस्थान की निवर्तमान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री शरद यादव ने हाल ही में की गई विवादित टिप्पणी के लिए खेद प्रकट किया है। शरद ने यह भी कहा कि वह वसुंधरा को इस बारे में पत्र भी लिखेंगे। शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए यादव ने कहा, 'मैंने उनका (वसुंधरा राजे का) स्टेटमेंट देखा। मेरे उनके साथ काफी पुराने पारिवारिक संबंध हैं। अगर मेरे शब्दों से वह आहत हुई हैं तो मैं अपने बयान के लिए खेद प्रकट करता हूं। मैं उनको इसे लेकर पत्र भी लिखूंगा।' आपको बता दें कि शरद यादव ने अलवर की मुंडावर सीट पर कांग्रेस गठबंधन के एक प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित सभा के दौरान वसुंधरा राजे के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। शरद ने कहा था, 'वसुंधरा को आराम दो बहुत थक गई हैं, बहुत मोटी हो गई हैं।' सीएम वसुंधरा पर शरद की इस टिप्पणी का एक विडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद इसकी आलोचना शुरू हो गई। गौरतलब है कि शरद यादव इससे पहले भी कई मुद्दों पर विवादित बयान देकर आलोचना का शिकार होते रहे हैं। इससे पहले 24 जनवरी 2017 को पटना की एक रैली में शरद यादव ने कहा कि वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से बड़ी होती है। हालांकि इस पर विवाद होने के बाद यादव ने अपनी सफाई में कहा कि उनके कहने का मतलब यह था कि जैसे बेटी से प्यार करते हैं, वैसा ही प्यार वोट से भी करना चाहिए।
जयपुर राजस्थान की मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की विवादित टिप्‍पणी पर संज्ञान ले और उनके खिलाफ कार्रवाई करके उदाहरण पेश करे। सीएम वसुंधरा ने कहा कि वह इस बयान से अपमानित महसूस कर रही हैं और यह समझती हैं कि अन्‍य महिलाएं भी ऐसा ही महसूस कर रही होंगी। झालावाड़ में वोट डालने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्‍होंने कहा, 'भविष्‍य के लिए एक उदाहरण पेश करने के लिए यह जरूरी है कि चुनाव इस तरह की भाषा पर संज्ञान ले। मैंने वास्‍तव में अपमानित महसूस किया और मैं समझती हूं कि अन्‍य महिलाओं ने भी ऐसा ही किया होगा।' इससे पहले राजस्‍थान चुनाव प्रचार के आखिरी दिन एक रैली में पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने राज्य की सीएम वसुंधरा राजे पर एक विवादित टिप्पणी की थी। इस सभा के दौरान शरद यादव ने लोगों से कहा, 'यह वसुंधरा इसको आराम दो बहुत थक गई है। बहुत मोटी हो गई है। मध्य प्रदेश की है। हमारे मध्य प्रदेश की बेटी है।' सीएम वसुंधरा पर शरद की इस टिप्पणी का एक विडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद इसकी आलोचना शुरू हो गई। दरअसल, मुंडावर सीट पर बुधवार को कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी के समर्थन में एक सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में शामिल होने शरद यादव भी अलवर पहुंचे थे। सभा में लोगों को संबोधित करते हुए शरद ने वसुंधरा सरकार की आलोचना की और इसी दौरान उन्होंने सीएम पर विवादित टिप्पणी भी की। कई बार विवादित बयान देते रहे हैं शरद शरद के इस बयान का विडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद इसकी आलोचना शुरू हो गई। हालांकि अब तक बीजेपी ने इस विडियो पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें कि शरद यादव इससे पहले भी कई मुद्दों पर विवादित बयान देकर आलोचना का शिकार होते रहे हैं। इससे पहले 24 जनवरी 2017 को पटना की एक रैली में शरद यादव ने कहा कि वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से बड़ी होती है। हालांकि इस पर विवाद होने के बाद यादव ने अपनी सफाई में कहा कि उनके कहने का मतलब यह था कि जैसे बेटी से प्यार करते हैं, वैसा ही प्यार वोट से भी करना चाहिए।
फतेहपुर राजस्थान में शुक्रवार को 199 विधानसभा सीटों के लिए मतदान के बीच फतेहपुर से हिंसा की खबर आई है। यहां दो गुट पोलिंग स्टेशन के पास आपस में भिड़ गए और आसपास खड़े वाहनों में आग लगा दी। सीकर के फतेहपुर में सुभाष स्कूल स्थित पोलिंग बूथ में शुक्रवार सुबह दो गुटों में झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उपद्रवियों को खदेड़ा। बवाल के चलते वोटिंग करीब 30 मिनट तक रुकी रही। हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद उपद्रवी वहां से भाग खड़े हुए और तब जाकर मतदान शुरू हो सका। घटना में किसी के हताहत होने की फिलहाल कोई सूचना नहीं है, लेकिन उपद्रवियों ने आसपास खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाया है। राजस्थान में दोपहर 3 बजे तक 59.43 फीसदी मतदान हुआ है।
जयपुर\हैदराबाद, 05 दिसंबर 2018, राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव प्रचार का बुधवार को आखिरी दिन है. तेलंगाना के सियासी रण में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उतरेंगे. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे. इसके अलावा कांग्रेस और बीजेपी की ओर से कई दिग्गज इन दोनों राज्यों में पूरी ताकत झोंकने के लिए उतरेंगे. तेलंगाना में राहुल और नायडू तेलंगाना की सियासी जंग फतह करने के लिए राहुल गांधी और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू संयुक्त रूप से रैली करेंगे. राहुल और नायडू तेलंगाना के कोडाडा में रैली को संबधित करेंगे. इसके बाद दोनों नेता हैदराबाद के ताजबंजारा में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. केसीआर, ओवैसी बंधु और योगी झोकेंगे ताकत टीआरएस के अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर अपनी विधानसभा क्षेत्र में काजवेल में रैली करेंगे. जबकि ओवैसी बंधु पुराने हैदराबाद में रैली करेंगे. वहीं, बीजेपी के स्टार प्रचारक और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तेलंगाना में चार रैलियों को संबोधित करेंगे. योगी करीमनगर, भुपापल्ली, निर्मल जिले की मधोले और निजामाबाद के बोधन में रैली करेंगे. राजस्थान में मोदी राजस्थान में वसुंधरा राजे की नैया पार लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह उतर रहे हैं. पीएम मोदी बुधवार को पाली में रैली को संबोधित करेंगे. इसके बाद पायलट के गढ़ दौसा में मोदी रैली करेंगे. वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जयपुर प्रेसवार्ता करेंगे. इसके बाद वो अजमेर में रोड शो के जरिए पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे. जबकि कांग्रेस की ओर से पार्टी महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर के सरदारपुरा में चुनाव प्रचार करेंगे. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट अपने विधानसभा क्षेत्र टोंक में ताकत झोंकेगे.
नई दिल्ली, राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तैयारियां पूरी हो गई हैं. स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक ढंग से वोटिंग कराने और पोलिंग बूथों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित सभी तैयारियां हो चुकी हैं. 200 सीटों वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश में सात दिसंबर को वोटिंग है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि वोटिंग के लिए दो लाख से ज्यादा ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा. किसी तरह की कोई तकनीकी समस्या ना आए, इसके लिए अधिकारियों को कई बार ट्रेनिंग दी गई है. कुमार ने बताया कि मॉकपोल के दौरान डाले गए वोटों की संख्या के मुताबिक पर्चियों की गिनती की गई है और समस्त रिकार्ड भारत के निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा गया है. वोटिंग के लिए तैयार सभी ईवीएम-वीवीपैट को स्ट्रॉंग रूम में कड़ी सुरक्षा में रखा है. उन्होंने बताया कि दिव्यांग लोगों की मदद के लिए हर पोलिंग बूथ पर दो-दो वालंटियर लगाने और क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. चुनाव को देखते हुए नेताओं के चुनाव प्रचार चरम पर हैं. हाल में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत 26/11 मुंबई आतंकी हमले और उसके दोषियों को कभी नहीं भूलेगा और हम उचित समय का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि कानून अपना काम करेगा. उन्होंने कहा, जब दिल्ली में रिमोट कंट्रोल के माध्यम से मैडम का राज चलता था, तब महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार थी. उस वक्त महाराष्ट्र में भी कांग्रेस की सरकार थी और दिल्ली में भी कांग्रेस की सरकार थी और मुंबई में 26/11 आतंकियों ने हमला कर हमारे देश के नागरिकों को, जवानों को गोलियों से भून दिया था. इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के किसानों से हमदर्दी जताते हुए कहा कि प्रदेश में अगर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी तो 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, हमारी पार्टी ने पंजाब और कर्नाटक चुनाव के दौरान कर्ज माफी का वायदा किया था और हमने वहां किसानों का कर्ज माफ किया. राहुल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह झूठा वादा नहीं करते हैं. राजस्थान के सियासी हालात पर नजर डालें तो विधानसभा की कुल 200 सीटों पर साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 163 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. जबकि प्रचंड सत्ताविरोधी लहर में कांग्रेस 21 सीटों पर सिमटकर रह गई. वहीं बीएसपी को 3, NPP को 4, NUZP को 2 सीटें मिली थीं. जबकि 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे.
जोधपुर राजस्थान में 7 दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दल एक-दूसरे पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। सवाल गोत्र पर हो रहा है, हिंदुत्व पर हो रहा है और सर्जिकल स्ट्राइक भी चुनावी हमले से अछूती नहीं है। उदयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर निशाना साधा तो फलौदी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसका जवाब दिया। चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों का बदला लिया। राहुल गांधी बोल रहे थे कि उत्तर प्रदेश का चुनाव जीतने के लिये हमने सर्जिकल स्ट्राइक की....आप देश के शहीदों का अपमान करते हो, आप में तो हिम्मत नहीं थी।' शाह के मुताबिक, ‘आज सीमा पर तैनात हर जवान के दिल में एक भरोसा है कि मेरी सरकार, मेरे पीछे एक चट्टान की तरह खड़ी है।’ पढ़ें: हिंदुत्व और सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर राहुल का पीएम मोदी पर निशाना 'कांग्रेस के पास न नेता, न नीति और न सिद्धांत' बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इससे पहले उदयपुर में एक कार्यक्रम में कहा था कि प्रधानमंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सैन्य फैसले को भी राजनीतिक संपत्ति बना दिया है जबकि यह काम तो पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार तीन बार कर चुकी थी। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘एक ओर तो मोदी के नेतृत्व में देशभक्तों की टोली है तो दूसरी ओर राहुल के नेतृत्व में सत्ता का उपभोग करने वालों की टोली, जिसके पास ना नेता है, ना नीति है और ना सिद्वांत।’ 'सेनापति नहीं तो कैसे मिलेगी विजय' कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं किए जाने पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा, 'जिस सेना का सेनापति ही तय नहीं, वह विजय कैसे प्राप्त कर सकती है।' जीएसटी और नोटबंदी पर राहुल का पीएम पर वार जहां एक ओर अमित शाह ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भीलवाड़ा में आयोजित चुनावी जनसभा में फिर से पीएम मोदी पर हमला किया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश में बेरोजगारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जीएसटी और नोटबंदी के चलते लाखों लोग बेरोजगार हो गए। राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले राजस्थान के चार युवाओं द्वारा कथित तौर पर बेरोजगारी से परेशान होकर एकसाथ आत्महत्या करने की घटना का जिक्र किया। हिंदुस्तान को आप रोजगार नहीं दिला पाए' राहुल ने कहा, ‘इन चार युवाओं ने आत्महत्या करके (मुख्यमंत्री वसुंधरा) राजे और मोदी को संदेश दिया है कि आप हिंदुस्तान को रोजगार नहीं दिला पाए.. हमारे लिए इस देश में भविष्य नहीं बचा।’ उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्रीजी, वसुंधराजी युवाओं के मन की बात सुनिए, उनके मन में सिर्फ एक सवाल है...उनको रोजगार दीजिए।’ मोदी सरकार की जीएसटी और नोटबंदी जैसी पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस सरकार ने नए रोजगार नहीं दिए और नुकसान भी कर दिया। 'हिंदुस्तान और राजस्थान के सामने दो बड़ी समस्याएं' राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के सामने, राजस्थान के सामने दो सबसे बड़ी समस्याएं हैं...युवाओं को रोजगार और किसानों को एक अच्छा भविष्य दिलाना। ये दोनों काम देश के सामने एक प्रकार से चुनौती हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी सरकार इस पर ध्यान देगी और किसानों की कर्जमाफी तथा सबको मुफ्त इलाज, इस दिशा में एक कदम है। इससे पहले इस सभा को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन गहलोत ने भी संबोधित किया
जयपुर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हिंदुत्व को लेकर हमले के खिलाफ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पलटवार किया है। सुषमा ने कहा है कि राहुल गांधी और कांग्रेस अपनी जाति और धर्म को लेकर कन्फ्यूज हैं। बताते चलें कि इससे पहले राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी किस प्रकार के हिंदू हैं। सुषमा ने कहा, 'राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदू होने का मतलब नहीं पता है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह और कांग्रेस अपने धर्म और जाति के बारे में कन्फ्यूज हैं। कई सालों से उन्हें सेक्युलर नेता के तौर पर पेश किया गया लेकिन चुनाव के पास उन्हें एहसास हुआ कि हिंदू बहुसंख्यक हैं इसलिए अब ऐसी छवि बना रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'बयान आया कि वह जनेऊधारी ब्राह्मण हैं। मुझे नहीं मालूम था कि जनेऊधारी ब्राह्मण के ज्ञान में इतनी वृद्धि हो गई कि हिंदू होने का मतलब अब हमें उनसे समझना पड़ेगा। भगवान ना करे कि वह दिन अभी आए कि राहुल गांधी से हमें हिंदू होने का मतलब जानना पड़े।' राहुल ने दिया था यह बयान इससे पहले राहुल गांधी ने उदयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम पर निशाना साधते हुए कहा, 'हिंदुत्व का सार क्या है? गीता क्या कहती है? वह ज्ञान हर किसी के साथ है, ज्ञान आपके चारों ओर है। प्रत्येक जीवित चीज के पास ज्ञान है। हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह हिंदू हैं लेकिन हिंदुत्व की नींव के बारे में नहीं जानते। वह किस प्रकार के हिंदू हैं।' राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों पर 7 दिसंबर को मतदान होना है। वहीं वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी। पिछली बार बीजेपी ने भारी बहुमत के साथ राज्य की 163 सीटों पर जीत हासिल की थी।

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