taaja khabar....PNB ने अन्य बैंकों को चिट्ठी लिख किया सचेत, 10 अधिकारी निलंबित.....PNB केस की INSIDE स्टोरी: 7 साल पहले हुआ था फ्रॉड, सरकार की सख्ती से खुलासा....बिहार के आरा में आतंकियों के कमरे में धमाका, बड़ी साजिश नाकाम, 4 फरार.....तीन दिन में तीन यात्राएं, चुनावी मोड में बीजेपी, निशाना 2019 पर...मोदी केयर' पर केंद्र ने राज्यों की बुलाई बैठक, ममता पहले ही झाड़ चुकी हैं पल्ला....
मुंबई पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में हुए 11,300 करोड़ रुपये के महाघोटाले की खबरों के बीच दिनेश दुबे के लिए इन दिनों जिंदगी बिल्कुल बदली हुई है। इलाहाबाद बैंक के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर गीतांजलि जेम्स के खिलाफ 2013 में सरकार और आरबीआई को असहमति पत्र (डिसेन्ट नोट) भेजने वाले दिनेश दुबे से मीडिया हाउसेज से लेकर ईडी तक संपर्क में हैं। दिनेश दुबे ने 11,300 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड में सामने आए नीरव मोदी के बिजनस पार्टनर मेहुल चौकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स को लोन अप्रूव करने के लिए डाले गए दबाव के चलते डिसेन्ट नोट भेजा था। दिनेश का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे मिलें तो वह बता सकते हैं कि बैंकों की लूट को कैसे रोकना है। जब इलाहाबाद बैंक के बोर्ड और आरबीआई से भी नोट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और कार्रवाई नहीं हुई तो दिनेश ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। अब उनकी पहचान ऐसे विसल ब्लोअर (घोटाले का खुलासा करने वाला) के तौर पर हो रही है जिसकी चेतावनी पर ध्यान दिया गया होता तो पंजाब नैशनल बैंक में देश का सबसे बड़ा घोटाला होने से बच सकता था। इन दिनों, दुबे राजस्थान के बाहर अपना समय बिताते हैं। वह कहते हैं, 'मैं बैंकों से जुड़े मामले में किसी भी मदद के लिए तैयार हूं। अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुझसे पांच मिनट के लिए मिलते हैं तो मैं उन्हें बता सकता हूं कि बैंकों की लूट को कैसे रोका जा सकता है।' उन्होंने कहा कि एक शुरुआत के तौर पर बैंक के प्रबंधकों को बड़े लोन जारी करने के लिए व्यापक सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए। अपने लेटर का खुलासा करने के बाद से दुबे का फोन बजना बंद ही नहीं हो रहा। वह शादियों और कार्यकमों में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण है कि ईडी केस को लेकर उनके दरवाजे पर पहुंची है। एक पत्रकार के तौर पर दिनेश दुबे को यूपीए सरकार में इलाहाबाद बैंक के बोर्ड में नियुक्त किया गया था। राजस्थान के बूंदी में वह कांग्रेस से जुड़े रहे थे। दिनेश दुबे ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अपना एक अनुभव शेयर करना और 11 महीने तक बोर्ड में रहने के दौरान किया एक काम उन्हें जिंदगी भर याद रहने वाला बन जाएगा। दुबे ने कहा, 'मैं अपने घर कोटा में भी किसी शादी या समारोह में हिस्सा नहीं ले पा रहा। मुझे अनजान नंबरों से वॉट्सऐप मेसेज आ रहे हैं कि मुझे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।'
जयपुरराजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार ने सोमवार को अपना पांचवां और मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. वसुंधरा ने सबसे बड़े वोट बैंक किसानों को साधने के लिए पूरे प्रयास किए तो वहीं शहरी वोटरों के लिए जमीन सस्ती करने की सौगात दी. इसके अलावा राज्य कृषि ऋण आयोग के गठन की घोषणा की. बजट पर इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की छाया साफ तौर पर नजर आई. वसुंधरा सरकार ने राज्य के करीब 20 लाख किसानों के 50 हजार तक की कर्ज माफ करने की घोषणा की. राजस्थान के सभी जिलों में नंदी गौशाैला परियोजना के तहत गौशाला खोले जाएंगे जिसमें 50 लाख तक की सहायता दी जाएगी. इसके अलावा निजी गोशालाओं को 6 महीने तक सरकारी खजाने से पैसे दिए जाएंगे . राजस्थान में किसानों पर 30 सितंबर तक के 50 हजार तक के लोन और ओवर ड्यू पर ब्याज माफ का ऐलान किया. 7 लाख नए बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे. नोटबंदी और जीएसटी के बाद नाराज चल रहे व्यापारियों को भी राजी करने के प्रयास बजट में किए गए हैं. बजट की मुख्य बातें सीएम वसुंधरा ने बजट में किसानों के लिए एक और बड़ी घोषणा की है. इसका फायदा प्रदेश के करीब 50 लाख किसानों को होगा. बजट भाषण में उन्होंने कृषि भूमि पर लगने वाले भू-राजस्व को माफ करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इसका फायदा प्रदेश के 50 लाख किसानों को होगा. इसके साथ ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि के आवासीय उपयोग परिवर्तन के लिए देय राशि में भी कटौती की है. पर्यावरणीय कारणों से राजस्थान में बजरी खनन पर रोक है. इसके चलते कई बड़े प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं. इस समस्या को दूर करने के लिए बजरी खनन के छोटे पट्टे जारी किए जाएंगे. बजट में सस्ते मकानों के लिए डीएलसी दरों में भी कटौती की है. उन्होंने कहा कि मौजूदा डीएलसी में 10 फीसदी की कमी की जाएगी. राजस्थान में व्यापारी कल्याण बोर्ड की स्थापना करने की घोषणा की गई. इस कोष के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. साथ ही बजट में रोजगार सब्सिडी की भी घोषणा की. पत्रकारों को भी राजस्थान में 25 लाख रुपए तक के होम लोन इंटरेस्ट फ्री दिए जाएंगे.राजस्थान में पुलिसकर्मियों को मेस भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है. इसके तहत प्रदेश के करीब 80 हजार पुलिसकर्मी लाभान्वित होंगे. राजस्थान में पुलिस कर्मी वेतन कटौती की वजह से नाराज थे उनकी नाराजगी दूर करने के तहत इसे देखा जा रहा है. राज्य के युवा क्रिकेटर कमलेश नागरकोटि को अंडर-19 वर्ल्ड कप मे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 25 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन के लिए राज्य में 'यूथ आइकन स्कीम' लागू की जाएगी. प्रदूषण की समस्या को दूर करने के लिए जयपुर के लिए विशेष योजना बनाई गई है. इसके तहत 40 इलैक्ट्रिक बसें जेसीटीएसएल के माध्यम से चलाई जाएगी. वसुंधरा ने पूर्व उपराष्ट्रपति भैंरोसिंह शेखावत क नाम पर अंत्योदय योजना की घोषणा की. इस योजना के तहत 50 हजार अंत्योदय परिवारों को स्वरोजगार के लिए 50 हजार रुपए तक लोन चार फीसदी ब्याज पर उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों के कल्याण के लिए अलग से दिव्यांग कोष की स्थापना करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस कोष के लिए एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा. शिक्षा के क्षेत्र में 77 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट में शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए कई घोषणाएं की.इनमें रिक्त पदों पर भर्ती, रिटायर्ड स्टाफ की सेवाएं लेने, स्कूल क्रमोन्नत करने और नए कॉलेज की घोषणा शामिल हैं. राजस्थान में 500 मदरसों को 25 करोड़ 18 लाख खर्च कर हाईटेक बनाने की घोषणा की गई है .बजट में सबसे ज्यादा हिस्सा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालावाड़ और उनके बेटे दुष्यंत सिंह के संसदीय क्षेत्र बारां झालावाड़ को दिया गया है.
जयपुर, राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार ने सोमवार को अपना पांचवां और मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. वसुंधरा ने सबसे बड़े वोट बैंक किसानों को साधने के लिए पूरे प्रयास किए तो वहीं शहरी वोटरों के लिए जमीन सस्ती करने की सौगात दी. बजट पर इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की छाया साफ तौर पर नजर आई. राजस्थान में किसानों पर 30 सितंबर तक के 50 हजार तक के लोन और ओवर ड्यू पर ब्याज माफ का ऐलान किया. 7 लाख नए बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे. नोटबंदी और जीएसटी के बाद नाराज चल रहे व्यापारियों को भी राजी करने के प्रयास बजट में किए गए हैं. बजट की मुख्य बातें सीएम वसुंधरा ने बजट में किसानों के लिए एक और बड़ी घोषणा की है. इसका फायदा प्रदेश के करीब 50 लाख किसानों को होगा. बजट भाषण में उन्होंने कृषि भूमि पर लगने वाले भू-राजस्व को माफ करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इसका फायदा प्रदेश के 50 लाख किसानों को होगा. इसके साथ ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि के आवासीय उपयोग परिवर्तन के लिए देय राशि में भी कटौती की है. पर्यावरणीय कारणों से राजस्थान में बजरी खनन पर रोक है. इसके चलते कई बड़े प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे हैं. इस समस्या को दूर करने के लिए बजरी खनन के छोटे पट्टे जारी किए जाएंगे. बजट में सस्ते मकानों के लिए डीएलसी दरों में भी कटौती की है. उन्होंने कहा कि मौजूदा डीएलसी में 10 फीसदी की कमी की जाएगी. राजस्थान में व्यापारी कल्याण बोर्ड की स्थापना करने की घोषणा की गई. इस कोष के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. साथ ही बजट में रोजगार सब्सिडी की भी घोषणा की. राजस्थान में पुलिसकर्मियों को मेस भत्ता बढ़ाने की घोषणा की है. इसके तहत प्रदेश के करीब 80 हजार पुलिसकर्मी लाभान्वित होंगे.
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अपनी सरकार का पांचवां बजट पेश किया। दो घंटे 11 मिनट के अपने बजट भाषण में राजे ने आम आदमी को कार भार में राहत दी है। सीएम ने हर सेक्टर में राहत दी। बजट में कोई भी नया कर नहीं लगाया गया है। वहीं किसानों को 50 हजार तक के कर्ज माफी की घोषणा की है। इसी साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए माना जा रहा था कि यह बजट लोकलुभावन हो सकता है। बजट पेश करने के बाद सदन की कार्यवाही 14 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। सीएम ने बजट भाषण की शुरू आत शेर पढ़कर की मंजिलें बड़ी जिद्दी होती हैं हासिल कहां नसीब से होती है वहां तूफान भी हार जाते हैं जहां कश्तियां जिद पर होती हैं बजट की प्रमुख बातें - हर तबके का विकास करना हमारा लक्ष्य - मुख्यमंत्री सक्षम योजना से 5 लाख बालिकाओं का फायदा - सभी विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होगा - 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रोडवेज में फ्री सफर। अटेंडेंट को 50 फीसदी रियायत। - सभी विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होगा। - नाबार्ड योजना के तहत काम किए जाएंगे। - नई रेल लाइन जोड़ने की योजना शुरू की जा रही है। यह पश्चिमी राजस्थान के विकास के लिए वरदान। - जैसलमेर आर बाड़मेर को मुंद्रा पोर्ट से जोड़ा जाएगा। - ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी पेपरलैस। - 13 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार के अवसर। - देश में पहली स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना। - दिल्ली जाने वालों के लिए बनेगा अंडरपास। - जयपुर के रामनिवास बाग में बनेगा अंडरपास। - पुराने जयपुर की लौटेगी रौनिक। - डार्क जोन वाले जिलों को नदी परियोजना से जोड़ा जाएगा, इसमें दौसा, करौली, सवाई माधोपुर जैसे जिले शामिल। - अकलेरा में नाली के लिए 10 करोड़। - द्रव्यवती नदी के रूप का होगा कायाकल्प। बजट भाषण के बीच विपक्ष और सत्ता पक्ष में तीखी बहस हो गई। विपक्षी सदस्य किसानों को कर्ज माफी पर हल्ला मचाने लगे। कांग्रेसी सदस्य व निर्दलीय हनुमान बेनिवाल जोर-जोर से बोलने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को हस्तक्षेप करना पड़ा तब विपक्षी सदस्य शांत हुए। बजट भाषण के बीच में राजे ने फिर शेर पढ़ा मैं किसी से बेहतर करूं क्या फर्क पड़ता है मैं किसी का बेहतर करूं बहुत फर्क पड़ता है। - किसानों को दी राहत। 50 हजार तक कर्ज माफी की घोषणा, इससे सरकार पर पड़ेगा वित्तीय भार। - एससी एसटी के किसानों को भी दी बड़ी राहत। - हर जिले में एक गौशाला को 50 लाख का अनुदान। - पांचना, टोडी सरगर नदियों को जोड़ा जाएगा। - राजस्थान कृषक ऋण राहत आयोग का गठन। - विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग के लिए योजना, हाइवे पर हो सकेगी लैंडिंग। सड़कों को प्लेन उतारने के हिसाब से बनाया जाएगा। - ऊंटनी दूध प्रसंकरण का जयपुर में एक प्लांट स्थापित होगा। - महिला मानदेय कर्मियों का मानदेय बढ़ाया। - महिलाओ के लिए मेंस्ट्रुअल हाइजीन योजना का शुभारंभ। - अन्नपूर्णा भंडार के जरिए सेनेट्री पेड्स होंगे वितरित। सेनेट्री पैड्स के लिए 76 करोड़ की योजना। - 100 नर्सिंग टीचर्स की भर्ती की घोषणा। - जिला चिकित्सालयों में रूफटॉप सोलर प्लांट्स स्थापित होंगे। - एसएमएस अस्पताल को ट्रोमा सेंटर्स से जोड़े जाने की योजना। - प्रदेश में 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सौगात। - जयपुर के एसएमएस में 6 करोड़ की लागत से कैथ लैब की घोषणा। - बीकानेर में भी 6 करोड़ की लागत से नवीन कीथ लैअ की घोषणा। - अजमेर में भी 6 करोड़ की लागत से नवीन कीथ लैअ की घोषणा। - राजकीय आयुर्वेद में नए पाठ्यक्रम की घोषणा। - कोटा में नया कृषि कॉलेज खोलने की घोषणा। - प्रदेश में आठ नई आईआईटी खुलेंगे। - क्रिकेटर कमलेश नागरकोटि की भूमिका पर गर्व। - झंझुनू : राज्य क्रीड़ा संस्थान के माध्यम से युवाओं को मिलेगा लाभ। - खेल भवन की घोषणा। इस बजट में तीन करोड़ का प्रावधान। - भैरोंसिंह आंत्योदय योजना की घोषणा। एससी-एसटी ईबीसी के लिए। - जगतपुरा शूटिंग रेंज बनेगी अंतरराष्ट्रीय। - रतनगढ़, चूरू में इंडोर स्टेडियम बनेगा। - जगतपुरा शूटिंग रेंज के लिए इलेक्ट्रॉनिक टारगेट आएंगे। - सुंदर सिंह भंडारी ईबीसी योजना। - झंझुनू राज्य क्रीड़ा संस्थान के लिए 31 करोड़ रुपए। - जिन किसानों के यहां बिजली नहीं उन्हें सोलर लैंप मिलेंगे। - मां बाड़ी केंद्रों मे नए गैस कनेक्शन। - स्वीमिंग पूल के लिए डेढ़ करोड़ और देने की घोषणा। - भामाशाह कार्ड धारकों को एक लाख तक का बीमा होगा। - चाइल्ड केयर लीव की घोषणा। - जनजातीय क्षेत्रों में पांच खेल छात्रावास बनेंगे। - 85 फीसदी से ज्यादा अंक वाली छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। - महिला कर्मचारियों को छोटे बच्चों की देखभाल के लिए 2 साल की छुट्‌टी। - 80 हजार पुलिसकर्मियों का मैस भत्ता बढ़ा। - जयपुर में चलेगी 40 इलेक्ट्रिक बसें। - रोजगार सृजन के लिए 192 करोड़ की मार्जिन सब्सिडी मनी। - सचिवालय में ग्रीन बिल्डिंग बनाई जाएगी। - 9127 ग्राम पंचायतें हो चुकीं ओडीएफ। - राजस्थान के छह जिले ओडीएफ। - अन्नपूर्णा रसोई योजना के लिए 340 करोड़ का प्रावधान। - जिलों में पीपीपी मोड पर कृषि महाविद्यालय खुलेंगे। - गौशालाओं का चारा अनुदान तीन से बढ़ाकर छह माह होगा। - नगरपालिका क्षेत्रों में सड़कों का होगा निर्माण। - हर जिला कलेक्ट्री कार्यालय में होगी अन्नपूर्णा वैन। - कोटा शहर के एयरोड्राम सर्किल पर जाम की समस्या से मिलेगी निजात। - शहीद सैनिकों के परिजनों को 25 लाख की मदद। - 7 सिविल न्यायाधीश सिविल कोर्ट स्थापति होंगे। - 19 स्मारकों के लिए अब 33 करोड़ का व्यय। - द्रव्यवती कॉरिडोर बनेगा वाईफाई युक्त। - पुलिस के नकारा वाहन हटाए जाएंगे। - जयपुर मेट्रो के लिए अलग से दो कोर्ट बनेंगे। - पुलिस बनेगी हाईटैक, 91 करोड़ व्यय होंगे। - कुल 35 नए न्यायालय खोले जाएंगे। - बांदीकुई, सांभ्ररलेक के कोर्ट अपग्रेड। - पत्रकार साहित्य कल्याण कोष से एक लाख की सहायता। - व्यापारिक कल्याण बोर्ड की घोषणा। - गरीबों के आवास की रजिस्ट्री पर छूट। - ईडब्ल्यूएस के मकान पर दो के बजाए एक प्रतिशत ही लगेगी ड्यूटी। - एलआईजी के मकान पर 3.5 प्रतिशत के बजाए अब दो प्रतिशत ही लगेगी ड्यूटी। - 30 वर्ष की लीज पर पंजीयन शुल्क में 20 फीसदी छूट। - कोटा स्टोन पर जीएसटी कम करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत। - बजरी खनन के लिए छोटे साइज के पट्‌टे। - कुछ इलाकों में खनन रॉयल्टी खत्म। - वेस्ट मार्बल खंडों पर रॉयल्टी माफ। - प्रस्तावों में नहीं लगाया गया कोई भी नया कर। दो घंटे 11 मिनट के बजट भाषण का अंत भी वसुंधरा राजे ने शेर पढ़कर की। इसके बाद सदन की कार्यवाही 14 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। बजट से पहले यह बोले राजेंद्र राठौड़ - संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा, यह हमारा अंतिम बजट नहीं है। अगला बजट भी हम ही रखेंगे आौर सीएम राजे के नेतृत्व में ही रखेंगे। उनसे पूछा गया था कि यह सरकार का अंतिम बजट है इसलिसए लोकलुभावन हो सकता है। बजट से पहले यह बोले मंत्री प्रभुलाल सैनी - इस बजट में किसानों के लिए ऐतिहासित फैसले सीमए राजे करेंगी। किसान संगठनों के साथ मैराथन बैठकें हुई हैं। राजस्थान मं पानी की कमी है। उम्मीद है कि पानी को लेकर कोई स्कीम बजट में होगी।
जयपुर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया। वसुंधरा ने इस बजट के जरिए किसानों, गरीबों और युवाओं को साधने की कोशिश की है। किसानों का 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ कर दिया गया है। वसुंधरा ने बजट भाषण में सशक्त राजस्थान पर फोकस किया। उन्होंने बजट पढ़ने के साथ ही सशक्त राजस्थान बनाने के संकल्प को दोहराया। विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच बजट में युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश करते हुए राजे ने कहा कि प्रदेश में एक लाख रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राजे ने जहां किसानों के लिए 50 हजार रुपये तक का ऋण माफ किया वहीं शिक्षा के क्षेत्र में 77 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का ऐलान किया। अपना आखिरी बजट पढ़ते हुए सीएम राजे ने सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। बजट में महिलाओं पर भी खास फोकस रखा गया है। खासकर सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा दिया है। दरअसल, उपचुनावों में मिली करारी हार और आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजे के इस बजट पर सबकी निगाहें टिकी थीं। बजट की मुख्य बातें किसानों का 30 सितंबर 2017 तक का 50 हजार कृषि ऋण एक बार के लिए माफ 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रोडवेज में फ्री सफर 7 लाख नए घरों को बिजली कनेक्शन 28 नए पीएचसी 1832 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा बोर्ड में 85 फीसदी से अधिक अंक लाने वाली छात्राओं को स्कूटी शिक्षा विभाग में 77,100 पदों पर भर्ती मुख्यमंत्री सक्षम योजना से 5 लाख बालिकाओं का फायदा सभी विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होगा 37 हजार करोड़ की लागत से राजस्थान में दूर किया जाएगा पेयजल संकट 1698 करोड़ की लागत से सिंचाई विभिन्न जिलों में होंगे सिंचाई कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय बढ़ाया गया। करीब दो लाख कर्मी लाभान्वित
जयपुर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग ने दावा किया है कि राजस्थान के बांसवाड़ा और उदयपुर जिलों में 11.48 करोड़ टन के सोने के भंडार का पता लगाया जा चुका है। विभाग के महानिदेशक एन. कुटुंबा राव ने जयपुर में मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। राजस्थान में सोने की खोज में नई संभावनाएं सामने आई हैं। उदयपुर और बांसवाड़ा जिलों के भूकिया डगोचा में सोने के भंडार मिले हैं। 8.11 करोड़ टन तांबे के भंडार राव के अनुसार राजस्थान में 2010 से अबतक 8.11 करोड़ टन तांबे के भंडार का पता लगाया जा चुका है। इसमें तांबे का औसत स्तर 0.38 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के सिरोही जिले के देवा का बेड़ा, सालियों का बेड़ा और बाड़मेर जिले के सिवाना इलाकों में अन्य खनिज की खोज की जा रही है। 35.65 करोड़ टन सीसा-जस्ता राव ने यह भी बताया कि राजस्थान में 35.65 करोड़ टन के सीसा-जस्ता के संसाधन राजपुरा दरीबा खनिज पट्टी में मिले हैं। इसके अलावा, भीलवाड़ा जिले के सलामपुरा और इसके आसपास के इलाके में भी सीसा-जस्ता के भंडार मिले हैं। पोटाश की खोज उन्होंने कहा कि प्रदेश में उर्वरक खनिज पोटाश और ग्लुकोनाइट की खोज के लिए नागौर, गंगापुर (करोली)और सवाई माधोपुर में उत्खनन का काम चल रहा है। इन जिलों में पोटाश और ग्लुकोनाइट के भंडार मिलने से भारत की उर्वरक खनिज की आयात पर निर्भरता कम होगी। फैक्ट्स: 8133.5 मीट्रिक टन सोना अमेरिका के पास (सबसे ज्यादा) 557.7 मीट्रिक टन सोना है भारत में 10वें स्थान पर है दुनिया में भारत का सोने का भंडार
नई दिल्ली,राजस्थान में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में विपक्ष का सूपड़ा साफ कर देने वाली भारतीय जनता पार्टी का उपचुनावों में खुद ही सूपड़ा साफ हो गया. कमजोर और बंटी हुई मानी जा रही कांग्रेस ने न सिर्फ तीनों सीटें जीतीं बल्कि दमदार तरीके से जीतीं. ये तीनों सीटें पहले बीजेपी की थीं. अलवर और अजमेर लोकसभा सीटों पर 2014 के मुकाबले बीजेपी का वोट शेयर 61 और 56 फीसदी से घटकर क्रमशः 40 और 44 फीसदी रह गया. मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर तो बीजेपी का वोट शेयर 2013 के 52 फीसदी से गिरकर 32 फीसदी पर आ गया है. चुनावों में ये नुकसान राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए निजी तौर पर झटका है. बीजेपी के लिए भी ये खतरे की घंटी है क्योंकि इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं और संभवतः उसके तुरंत बाद लोकसभा चुनाव भी हों. उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद अपने पहले इंटरव्यू में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य के राजनीतिक हालात, हार के पीछे के कारण और सरकार की आगे की राह पर कुमार शक्ति शेखर से एक्सक्लूसिव बातचीत की. पेश हैं बातचीत के संपादित अंशः- सवालः दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर हाल में हुए उपचुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा. क्या वजह रही? वसुंधरा राजे: हालांकि हम अब भी परिणामों का विश्लेषण कर रहे हैं. विपक्ष की ओर से क्षुद्र राजनीति, मौजूदा विधायकों के खिलाफ एंटी इंकम्बैंसी, जनसेवाओं के मामले में फील्ड में तैनात अफसरों की असंवेदनशीलता और लापरवाही उपचुनावों में कमजोर प्रदर्शन के प्राथमिक कारण लगते हैं. कुछ क्षेत्रों में जनता के साथ जुड़ाव की कमी थी. सवालः क्षुद्र राजनीति से आपका क्या आशय है? वसुंधरा राजेः उदाहरण के लिए, अगड़ी जातियां जिन्हें समाज के लिए मिसाल बनना चाहिए था, कुछ मुद्दों को लेकर कट्टर रुख अपना रही हैं. क्या ये विकास के लिए सही है? विपक्ष ने अपने तात्कालिक फायदे के लिए इन भावनाओं को हवा दी. ये अच्छी राजनीति नहीं है. सवालः आपने जनता से जुड़ाव की कमी की बात की. इसे कैसे समझाएंगी? वसुंधरा राजेः पार्टी के विधायकों और अधिकारियों, दोनों को जनता से मेलजोल बढ़ाने की जरूरत होती है. सरकारी अधिकारी खासकर वो जो मैदान में काम कर रहे हैं और जनता से सीधे संपर्क में रहते हैं अक्सर नागरिकों से सही तरह से संवाद स्थापित नहीं करते. कलेक्टर, बीडीओ, एसडीओ और पुलिस को जन शिकायतों के प्रति पर्याप्त संवेदनशील होने की जरूरत होती है. ये चिंता का विषय है. सवालः क्या ‘पद्मावत’ मामले में आंदोलनकारियों से नरमी बरती गई? आपको नहीं लगता कि ऐसे तत्वों से प्रशासन को सख्ती से निपटने की जरूरत थी? वसुंधरा राजेः नहीं, जब जरूरत थी, हमने सख्ती की. सभी समुदायों, जातियों, पर्यटकों, आम लोगों की सुरक्षा हमेशा हमारी पहली प्राथमिकता है. सवालः क्या राजपूत और जाट जो बीजेपी के पक्के समर्थक माने जाते हैं, उन्होंने इस उपचुनाव में कांग्रेस को वोट दिया? वसुंधरा राजेः सरकार में इनका महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व है. जातियों का सरकार के खिलाफ चले जाने का सवाल तर्कसंगत नहीं लगता. यहां तक कि सभी जातिकेंद्रित आंदोलनों से राज्य सरकार पूरे संवेदनशील ढंग से निपटी है. हमारा पहला उद्देश्य राजस्थान में सुशासन और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है. सवालः क्या राजपूत गैंगस्टर की एनकाउंटर में हुई मौत ने इस समुदाय के एक वर्ग को नाराज किया? वसुंधरा राजेः कानून व्यवस्था बनाए रखने के मुद्दे पर जाति, समुदाय या राजनीति नहीं देखी जाती. किसी प्रशासन को इस तरह काम नहीं करना चाहिए सवालः किसानों की दिक्कतें पूरे देश में बड़ा मुद्दा बन चुकी हैं. आपके राज्य में भी किसान कर्जमाफी, मुफ्त बिजली आदि की मांग कर चुके हैं. आपकी सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी. कांग्रेस ने उन्हें इसका वायदा किया है. क्या आपको नहीं लगता कि किसान भी आपकी सरकार के खिलाफ हो चुके हैं. वसुंधरा राजेः क्या मैं लोकप्रियता की चाह में फंसकर बैंकों का खजाना खाली कर देती? अगर मैं ऐसा करती तो ये अच्छी राजनीति लेकिन खराब अर्थनीति होती. मैं राजस्थान को कई दशक पीछे ढकेल देती. क्या मैं किसान समुदाय का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम नहीं करूं? क्या मुझे सुशासन पर फोकस नहीं करना चाहिए? कांग्रेस अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर चुकी थी और मैंने अपने पिछले कार्यकाल में इसे उबारा, उन्होंने फिर वित्त व्यवस्था का कबाड़ा कर दिया और राजस्थान को कई दशक पीछे ले गए. मैं पिछले चार साल से इसे फिर साफ कर रही हूं क्योंकि मेरा फोकस सुशासन, गुणवत्तापूर्ण तथा पारदर्शी सेवाओं पर है. हम किसानों की समस्याओं के दीर्घकालिक हल पर काम कर रहे हैं. मैं आपको एक उदाहरण दूंगी- पिछले साठ साल में पहली बार नहरों के नेटवर्क की मरम्मत की जा रही है. सवालः आप कांग्रेस को कैसे दोषी ठहराएंगी? वसुंधरा राजेः देखिए, दिसंबर 2008 में मेरे ऑफिस छोड़ने से पहले डिस्कॉम(वितरण कंपनियां) का कर्ज 15000 करोड़ था. दिसंबर 2013 में जब मैंने दोबारा चार्ज संभाला तो ये बढ़कर 80 हजार करोड़ हो गया. लेकिन इस साल के अंत तक ये फिर घटकर ढाई हजार करोड़ हो जाएगा. सवालः विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. आपके पास मजबूती के लिए सात से आठ महीने का समय है, आप ये कैसे करेंगी? वसुंधरा राजेः हमने बहुत काम किया है और बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है. हमने कई योजनाओं को सफलता पूर्वक लांच किया है. राज्य के एक करोड़ परिवारों के लिए भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना राजस्थान में 2015 में लांच हुई थी. ये योजना देश में वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण है. राजस्थान सूचना प्रौद्योगिकी के मामले में लगातार दो साल सर्वश्रेष्ठ राज्य चुना गया. हमारे पास भारत में सबसे लंबा हाईवे नेटवर्क है. डिजिटल राजस्थान के पास 48000 कॉमन सर्विस सेंटर हैं जो कि देश में ऐसे सेंटरों का कुल 25 फीसदी है. कानून व्यवस्था के मामले में अभय कमांड सेंटर चार डिवीजनल मुख्यालय जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर में स्थापित किए गए हैं. बाकी तीन जोधपुर, भरतपुर और बीकानेर में जल्द ही स्थापित किए जाएंगे. सवालः राजस्थान पूरी दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करता है. क्या ये सारी नकारात्मक पब्लिसिटी पर्यटन सेक्टर पर असर डालेगी? वसुंधरा राजेः बिल्कुल नहीं, पर्यटन और जन सुरक्षा पर असर नहीं हुआ है. हम इसमें काफी आगे आए हैं. मेरी सरकार ने झालना डुंगरी में एशिया की एकमात्र वाइल्ड लियोपर्ड सफारी स्थापित की. यहां कोई भी 25 मीटर की दूरी तक से लियोपर्ड देख सकता है. हमने नाहरगढ़ लॉयन सफारी और वाइल्डलाइफ सेंचुरी स्थापित की. इनमें से कई दशकों से थीं लेकिन वे बंद थीं. हमने उन्हें टूरिस्ट के लिए खोला. यही नहीं, हमारे यहां हाथी की सैर होती है लेकिन हाथी और उनके महावत के विश्राम के लिए कोई जगह नहीं थी. हमने आमेर में हाथी गांव बनाया जो विशेष रूप से हाथियों और उनके महावतों के लिए है, इन महावतों में से तकरीबन सभी मुस्लिम हैं.saabhar aajtak
जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक बैंक में तैनात पुलिस कॉन्सटेबल की दिलेरी की वजह से देश की सबसे बड़ी लूट विफल हो गई। पुलिसकर्मी ने आधी रात के वक्त लूट के इरादे से बैंक पहुंचे बदमाशों पर फायरिंग कर उनके इरादों को नाकाम कर दिया। बैंक में 925 करोड़ रुपये थे और अगर बदमाश इस लूट को अंजाम देने में कामयाब हो जाते तो यह देश की सबसे बड़ी डकैती साबित होती। जयपुर के जी-स्कीम एरिया में स्थित बैंक में सोमवार और मंगलवार के बीच की रात में हथियारों से लैस बदमाशों ने धावा बोल दिया। सभी लुटेरों ने मास्क पहन रखे थे और उनकी संख्या 12 से 13 बताई जा रही है। बदमाशों ने पहले बैंक के मेन गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी से मारपीट की और उसके हाथ-पैर बांध कर शटर खोलने का प्रयास किया। इसी दौरान अंदर मौजूद कॉन्सटेबल सीताराम (27) ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए फायरिंग कर दी, जिसके बाद सभी बदमाश भाग खड़े हुए। सीसीटीवी में कैद लुटेरे, शहर में नाकेबंदी एसीपी (क्राइम) प्रफुल्ल कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, 'बदमाशों ने जब बैंक के शटर को तोड़ने की कोशिश की तो अंदर से उन्हें सीताराम ने देख लिया। उसने बिना समय गंवाए फायरिंग शुरू कर दी। कॉन्सटेबल ने फौरन ही अलार्म भी बजा दिया, जिससे कुछ ही मिनटों के अंदर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए। पुलिस कंट्रोल रूम को भी सूचना दे दी गई, जिससे शहर में नाकाबंदी कर दी गई।' उन्होंने बताया कि लुटेरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। पूरा 'होमवर्क' करके आए थे लुटेरे! उन्होंने बताया, 'जहां लूट की कोशिश की गई, वह सेंट्रलाइज्ड चेस्ट ब्रांच है। जहां पैसों को एकत्र कर विभिन्न ब्रांचों में भेजा जाता है। यह योजनाबद्ध वारदात लग रही है, जहां बदमाशों को पता था कि सोमवार को वहां पर बड़ी संख्या में कैश रहेगा।' 'बैंक ने नहीं किया था सेफ्टी गाइडलाइंस का पालन' इसके साथ ही एक पुलिस अधिकारी ने कहा 'चेस्ट बैंक में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई सेफ्टी गाइडलाइंस का पालन नहीं हो रहा था। प्राथमिक जांच में पता चला कि चेस्ट बैंक में मौजूद रहने वाला टाइम लॉक यहां पर नहीं था। शटरिंग का इंतजाम कायदे से नहीं किया गया था। कैश को स्ट्रांग रूम के अंदर रहना चाहिए, लेकिन यह बाहर ही रखा हुआ था।'
नई दिल्ली राजस्थान में लोकसभा की दो और विधानसभा की एक सीट पर भारी भरकम वोटों से कांग्रेस के हाथों मात खाने के बाद भले ही वसुंधरा राजे सिंधिया के खिलाफ बगावत के सुर उठे हों लेकिन फिलहाल बीजेपी उन्हें बदलने के मूड में नहीं है। बीजेपी नेता इस हार से बेहद चिंतित हैं इसलिए अब राजस्थान में संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी आलाकमान नए सिरे से कवायद में जुट गया है। ऐसे में हो सकता है कि अगले कुछ दिनों में संगठन में बड़े बदलाव किए जाएं और राजस्थान को लेकर कुछ अहम फैसले भी लिए जाएं। फिलहाल परिवर्तन के मूड में नहीं बीजेपी विधानसभा चुनाव से महज आठ महीने पहले फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने के मूड में नजर नहीं आ रही। हालांकि पार्टी ने अभी भी सभी विकल्प खुले रखे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि चुनाव से ऐन पहले इस तरह के बदलाव का मेसेज यही जाएगा कि खुद पार्टी ने ही सिंधिया सरकार को नाकाम मान लिया है। इसका चुनाव पर बुरा असर पड़ेगा। दूसरा पार्टी की चिंता वसुंधरा राजे के व्यवहार को लेकर भी है। पार्टी के सभी नेता जानते हैं कि अगर सिंधिया को हटाया जाता है तो इससे दांव उलटा पड़ सकता है। जिस तरह से उनकी राज्य की पार्टी इकाई और विधायकों पर पूरी पकड़ है, उससे यह खतरा है कि वे बगावत पर न उतर आएं। अगर ऐसा हुआ तो इससे पार्टी को बड़ा नुकसान को सकता है। बीजेपी को झटका पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जिस तरह से राजस्थान की दोनों लोकसभा सीटों और विधानसभा की सीट पर बीजेपी को पराजय का सामना करना पड़ा है, उससे पार्टी आलाकमान को भी जोरदार झटका लगा है। इसकी वजह यह है कि पार्टी को राज्य की ओर से बार-बार यही जानकारी दी जा रही थी कि लोकसभा की दोनों सीटों पर पार्टी की स्थिति ठीक है और दोनों सीटें जीत सकती है। लेकिन जब नतीजे इसके बिलकुल उलट नजर आए। पार्टी में नाराजगी सूत्रों का कहना है कि इन चुनाव नतीजों के बाद पार्टी के भीतर सबसे अधिक नाराजगी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को लेकर है। हालांकि अब तक सिंधिया के खिलाफ किसी बड़े नेता का बयान नहीं आया लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ बाकायदा नेताओं का एक ग्रुप भी बन गया है, जो चाहता है कि चुनाव से पहले सिंधिया को नहीं हटाया गया तो विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पराजय कासामना करना पड़ेगा। इसी मकसद से पार्टी का यह खेमा लगातार आलाकमान के समक्ष गुहार लगा रहा है।
जयपुर राजस्थान में हालिया उपचुनाव में बीजेपी की करारी शिकस्त के बाद सीएम वसुंधरा राजे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब पार्टी में उनके खिलाफ बगावत के सुर और तेज हो गए हैं। पार्टी के एक नेता ने राजे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर उन्हें (वसुंधरा राजे) सीएम पद से तुरंत हटाने की मांग की है। राजस्थान के कोटा से जिला परिषद चेयरमैन अशोक चौधरी ने शाह को लिखे पत्र में प्रदेश के बीजेपी नेतृत्व को इस करारी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है। चौधरी ने पत्र में लिखा है कि इस हार के कारण बीजेपी के कार्यकर्ता सीएम वसुंधरा राजे और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी से नाराज और हताश हैं। चौधरी ने दो टूक कहा है कि राजे और परनामी पार्टी संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में इन पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है। शाह को लिखे पत्र में चौधरी ने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष पर पार्टी और कार्यकर्ताओं के हितों को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने शाह से राजे और परनामी को उनके पद से हटाकर प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग की है। बीजेपी नेता ने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए एक नई ऊर्जा और उत्साह की पार्टी को जरूरत है। इसके लिए सीएम और प्रदेश अध्यक्ष को उनके पद से हटाया जाए। बता दें कि राजस्थान में हुए उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त मिली है। यहां दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए बीजेपी को खाता भी नहीं खोलने दिया। उधर, रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में सीएम वसुंधरा राजे ने कहा कि इस हार से निराश होने की जरूरत नहीं है बल्कि हमें इससे सबक लेकर आगामी विधानसभा चुनाव में जुटने की जरूरत है। वहीं इस उपचुनाव ने प्रदेश में कांग्रेस पार्टी में एक नया उत्साह पैदा किया है। 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यहां एक भी सीट नहीं मिली थी। वहीं 2013 में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में 200 सीटों में से 161 सीटें जीती थीं। ऐसे में इस उपचुनाव के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

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