taaja khabar....पोखरण में एक और कामयाबी, मिसाइल 'हेलिना' का सफल परीक्षण.....अगले 10 साल में बाढ़ से 16000 मौतें, 47000 करोड़ की बर्बादी: एनडीएमए....बड़े प्लान पर काम कर रही भारतीय फौज, जानिए क्या होंगे बदलाव...शूटर दीपक कुमार ने सिल्वर पर किया कब्जा....शेयर बाजार की तेज शुरुआत, सेंसेक्स 155 और न‍िफ्टी 41 अंक बढ़कर खुला....राम मंदिर पर बोले केशव मौर्य- संसद में लाया जा सकता है कानून...'खालिस्तान की मांग करने वालों के दस्तावेजों की हो जांच, निकाला जाए देश से बाहर'....
नई दिल्ली, दिल्ली में करीब 2 लाख 93 हजार राशन कार्ड रद्द किए जाने के फूड कमिश्नर के फैसले को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ी साजिश बताया है. मुख्यमंत्री दफ्तर ने बयान जारी करते हुए कहा कि बिना घर जाए ही अधिकारियों ने अपने दफ्तरों में बैठकर राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं और खाद्य विभाग ने मंत्री की आपत्तियों को भी पूरी तरह से नजरअंदाज किया है. अरविंद केजरीवाल ने राशन कार्ड रद्द होने के मामले में अब प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया, 'मोदीजी ने लाल किले से कहा कि उन्होंने 6 करोड़ फर्जी राशन कार्ड कटवाए. मोदीजी के फर्जी दावे का सच पढ़िए. PMO दिल्ली के अफसरों को फोन करके जबरदस्ती कार्ड कटवाता है. मोदीजी, आप देश संभालिए. देश संभल नहीं रहा. दिल्ली में दखलअंदाजी बंद कीजिए या फिर PM छोड़कर दिल्ली के CM बन जाइए.' केजरीवाल सरकार का अधिकारिक बयान -चूंकि अधिकारी दिल्ली की चुनी हुई सरकार को रिपोर्ट नहीं करते, ऐसे में वे दिल्ली के लोगों के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं. यह बहुत गंभीर विषय है. सीएम ने कहा कि फूड कमिश्नर ने 2.93 राशन कार्ड रद्द करने का फैसला कर लिया लेकिन इस फैसले से पहले फील्ड इंस्पेक्शन नहीं किया गया और न ही राशन कार्ड धारकों का पक्ष सुना गया. इस फैसले से कितने गंभीर परिणाम हो सकते हैं, यह ध्यान में नहीं रखा गया है. -मंडावली में तीन बच्चों की मौत के मामले से भी अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया है. गैर कानूनी तरीके से राशन कार्ड रद्द किए गए हैं और गरीबों से उनका राशन छीना गया है. अगर मंडावली जैसी घटना दिल्ली के दूसरे हिस्से में होती है तो इसके लिए पूरी तरह से फूड कमिश्नर जिम्मेदार होंगे. खाद्य मंत्री ने 26 जुलाई को लिखे नोट में उन कार्ड धारकों की डिटेल मांगी थी, जिनके कार्ड को रद्द किए जाने की तैयारी विभाग कर रहा था. लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई और मंत्री के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए मनमाने तरीके से राशन कार्ड रद्द कर दिए गए. -मुख्यमंत्री दफ्तर के मुताबिक पहले यह वेरिफिकेशन होनी चाहिए थी कि जनवरी से मार्च 2018 के बीच कितने लोगों ने राशन नहीं लिया और उनके बारे में वेरिफाई किया जाना था और उन लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना था. केवल दफ्तरों में फैसला करके राशन कार्ड रद्द किया जाना बिल्कुल गलत फैसला है. सीएम ने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या के चलते ई-पॉस मशीनों से राशन मिलने में दिक्कत हो रही थी. जिसके चलते लोगों को राशन नहीं मिल पाया. ऐसे मामले भी हैं, जिनमें बॉयोमीट्रिक वेरिफिकेशन में दिक्कत हुई. -सीएम ने कहा कि खाद्य मंत्री ने विभाग के अधिकारियों के बार-बार लिखा कि राशन सिस्टम में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें आ रही हैं और आम लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है. राशन की दुकानें समय पर नहीं खुलती और वहां पर लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है. लेकिन इन शिकायतों को विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की. सीएम ने कहा कि मंत्री के आदेशों की अनदेखी सीधे तौर पर अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में आता है.
नई दिल्ली, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र नेता उमर खालिद पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लिया है. जिसके बाद दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है. बीते 13 अगस्त को उमर खालिद दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे. जहां उनपर दो अज्ञात लोगों ने हमले की कोशिश की थी. उमर ने आरोप लगाया है कि क्लब के बाहर जब चाय पीने गए तो उन्हें पीछे से किसी ने पकड़ा, उनका गला दबाया और जब वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया अज्ञात शख्स फायरिंग करते हुए भाग गए. उमर की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था. जिसके बाद विट्ठलभाई मार्ग पर एक भागते हुए शख्स का सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया गया था. इसके बाद मामले में नया मोड़ आया और सोशल मीडिया पर दो युवकों ने एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में हरियाणा के रहने वाले दोनों युवक उमर खालिद के बयानों पर नाराजगी का दावा कर रहे थे. वीडियो में दरवेश शाहपुर और नवीन दलाल मांडोठी नामक युवकों ने उमर खालिद के बयानों की निंदा करते हुए कहा था कि देश के खिलाफ इस तरह के बयान देने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. दोनों ने वीडियो में ये भी कहा था की वो दोनों पंजाब में लुधियाना के सराबा गांव में सरेंडर करेंगे. इसी के मद्देनजर पुलिस की एक टीम गांव में तैनात थी, लेकिन दोनों युवक वहां नहीं पहुंचे जिसके बाद अब पुलिस को कामयाबी मिली है.
नई दिल्ली साउथ दिल्ली में इन दिनों दिल्ली पुलिस और किन्नरों के कुछ ग्रुप आमने-सामने हो रहे हैं। रेस्ट्रॉन्ट, मॉल्स और मल्टीप्लेक्स के बाहर जैसी जगहों पर ये लोगों से बधाई के रूप में पैसे मांगते हैं। पैसे देने से इनकार करने पर लोगों के साथ बदतमीजी कर रहे हैं। जब इन्हें पुलिस इलाके से बाहर खदेड़ रही है तो ये पुलिस से भी नहीं डर रहे हैं और सरेआम लोगों के सामने अपने कपड़े उतार रहे हैं। इससे वहां मौजूद कई लोग तो डर भी जाते हैं। इसी तरह की एक घटना शुक्रवार रात हौज खास विलेज के पास भी हुई। यहां जब किन्नरों को पैसे नहीं मिले और पुलिस ने इन्हें यहां से चले जाने के लिए बोला तो इन्होंने लोगों से ही बदतमीजी करनी शुरू कर दी। सात-आठ किन्नरों के इस ग्रुप में से अधिकतर ने सरेआम लोगों के सामने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। एक किन्नर ने तो अपने पूरे कपड़े उतार दिए और वहां से गुजरने वाली एक कैब पर चढ़ गया। कैब की छत पर चढ़कर उस किन्नर ने लोगों की ओर भद्दे इशारे भी किए। तीन-चार किन्नरों ने कैब की एक साइड पर हमला बोल दिया। कैब में बाहर से लात मारी गई और उसे तोड़ने की कोशिश की गई। कैब वाले ने डरकर अपनी कार नहीं चलाई और शांत होकर वहीं रुक गया जबकि किन्नरों का यह ग्रुप लोगों की ओर जोर-जोर से बोलकर भद्दे इशारे भी करता जा रहा था। बताया जाता है कि बाद में पुलिस को सूचना मिलने पर इन्हें पकड़ा भी गया। इस तरह से साउथ और साउथ-ईस्ट दिल्ली में किन्नरों के कई ग्रुप सक्रिय हैं। जो लोगों से जबर्दस्ती पैसे मांगने का काम कर रहे हैं। किन्नरों के ये ग्रुप ना केवल हौज खास विलेज इलाके में सक्रिय हैं बल्कि ग्रीन पार्क, लाजपत नगर और आईआईटी के पास भी यह ऐक्टिव होने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहले तो यह लोगों से बधाई के नाम पर पैसे लेते थे लेकिन अब तो ये लोगों को लूटने भी लगे हैं जबकि कुछ वेश्यावृति के धंधे में भी उतर गए हैं। इनकी इस तरह की हरकतों से पुलिस भी परेशान हो रही है। जहां से भी इनकी शिकायत सुनने को मिल रही है, वहीं पुलिस इनके खिलाफ ऐक्शन ले रही है। इस पूरे मामले में साउथ दिल्ली के डीसीपी रोमिल बानिया का कहना है कि किन्नरों द्वारा लोगों को परेशान करने की शिकायतें मिलने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। जिला पुलिस को बोल दिया गया है कि इनके प्रति जीरो टॉलरेंस रखा जाए। इनकी इस तरह की हरकतें कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद आशुतोष को मनाने के लिए कई पार्टी नेता नोएडा स्तिथ उनके घर पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक आशुतोष घर पर मौजूद ही नहीं थे लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय और दिलीप पांडेय वहां कई घंटे तक उनके आने का इंतजार करते रहे. फिलहाल आशुतोष के घर पर मौजूद न रहने के पीछे कई सवाल खड़े हो गए हैं. एक तरफ आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष को मनाना चाहते हैं लेकिन उनका घर पर न मिलना पार्टी की चिंता बढ़ा सकता है. आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय और दिलीप पांडेय बुधवार शाम 6 बजे के बाद आशुतोष के नोएडा स्थित घर उन्हें मनाने पहुंचे थे. हालांकि, आशुतोष घर कब लौटेंगे यह भी अबतक साफ नहीं हो पाया है. इस बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की भी आशुतोष के घर नोएडा पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन वो नहीं पहुंचे. 'आजतक' ने आम आदमी पार्टी के नेताओं से आशुतोष की नाराजगी पर सवाल पूछे हैं. राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता से जब पूछा गया कि क्या आशुतोष तब से नाराज हैं जब से राज्यसभा के लिए पार्टी में सीटें तय होनी थी? सुशील गुप्ता ने जवाब देते हुए कहा, 'वो(आशुतोष) नाराज होंगे, मैं मना नहीं करता लेकिन मेरा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है.' आगे गुप्ता ने कहा कि मुझे भी टीवी से इस्तीफे की जानकारी मिली है ये उनका व्यक्तिगत मामला है. आम आदमी पार्टी सिद्धांतों के लिए बनी है पदों के लिए नहीं. अरविंद केजरीवाल हमेशा कहते हैं कि अगर पद चाहिए तो आम आदमी पार्टी उचित जगह नहीं है. आम आदमी पार्टी का काम देश और लोगों की सेवा करना है. Ads by ZINC सुशील गुप्ता से जब पूछा गया कि राज्यसभा के लिए आशुतोष को आपके नाम पर भी अपात्ति थी, तो क्या वो इस्तीफे की वजह बनी? सुशील गुप्ता ने जवाब दिया कि मेरी आशुतोष से कभी बातचीत नहीं हुई. पूछने पर कि क्या पार्टी को आशुतोष को मनाना चाहिए? सुशील गुप्ता बिना कोई जवाब दिए निकल गए. इसके बाद गोपाल राय ने 'आजतक' के सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'आशुतोष जी ने ट्वीट कर सार्वजानिक तौर पर बताया कि व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने इस्तीफा दिया. आशुतोष जी से बातचीत कर नयी जिम्मेदारी दी जाएगी.' पूछने पर कि क्या राज्यसभा टिकट न मिलने से आशुतोष नाराज थे? गोपाल राय ने कहा, 'ये बहुत पुरानी बात है, कोई नाराजगी नहीं है.' गोपाल राय से आगे सवाल पूछा गया कि क्या पार्टी आशुतोष को लोकसभा का चुनाव लड़ाएगी? राय ने जवाब दिया, 'फिलहाल सीट ऑफर करने का कोई फैसला नहीं हुआ है. इस्तीफे का फैसला उन्होंने सोच समझकर लिया होगा.' इसके बाद 'आजतक' ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता से बातचीत की. एनडी गुप्ता से पूछने पर कि क्या आशुतोष के इस्तीफे की वजह राज्यसभा बनी? इस सवाल के जवाब में राज्यसभा सांसद एन डी गुप्ता ने कहा, 'कभी आशुतोष जी ने इशारों में संदेह नहीं व्यक्त किया. आशुतोष से कई बार मुलाकात हुई वो अच्छे इंसान हैं. राज्यसभा की वजह मुझे नहीं लगती क्योंकि PAC में खुलकर बातचीत होती है. पार्टी जोड़ने के लिए है, तोड़ने के लिए नहीं. अरविंद केजरीवाल जो फैसला लेंगे वाही सभी को मान्य होगा. मुझे नहीं लगता कि आशुतोष को नजरअंदाज किया गया.' फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आम आदमी पार्टी का नेतृत्व आशुतोष को मनाने में कामयाब हो पाएगा.
नई दिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार के पूर्व मंत्री और सुल्तानपुर से मौजूदा विधायक संदीप कुमार ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है. संदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी सरकार में जल बोर्ड विभाग इस वक़्त ज़बरदस्त भ्रष्टाचार चल रहा है. संदीप कुमार की माने तो बीते दिनों ऑटोमेटिक सीवर सफाई के लिए 200 मशीनों का जो टेंडर निकाला है उस टेंडर प्रक्रिया में ज़बरदस्त भ्रष्टाचार हुआ है. जल बोर्ड में सीवर की मैकेनिकल क्लीनिंग के लिए सीवर सफाई कर्मी और उनके परिवार के लोगों को 200 मशीनें दी जानी थी. संदीप कुमार ने जल बोर्ड की टेंडरिंग प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए हैं. केजरीवाल का ग़ुलाम नहीं: संदीप आम आदमी पार्टी के विधायक संदीप कुमार ने दिल्ली के प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जल बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जब संदीप कुमार से सवाल किया गया कि प्रेस कॉन्फ़्रेन्स से पार्टी और पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल नाराज़ हो सकते हैं तो संदीप ने पलटकर जवाब दिया कि वो केजरीवाल के ग़ुलाम नहीं हैं और अपने समाज की बात करने के लिए किसी से पूछने की आवश्यकता नहीं समझते हैं. AAP ने दलितों को ठगा: संदीप संदीप कुमार ने आम आदमी पार्टी समेत सभी दलों पर हमला करते हुए कहा कि पार्टियों ने दलितों को ठगा है, जब उनसे पूछा गया कि आम आदमी पार्टी की सरकार में उन्हें भी मंत्री बनाया गया था, तो उन्होंने कहा कि ये महज़ दिखाने के लिए किया गया था और आम आदमी पार्टी भी दूसरे सभी दलों की तरह दलितों को केवल वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती है. विधानसभा से निकाला था बाहर बीते दिनों दिल्ली के विधानसभा सत्र में जब AAP विधायक संदीप कुमार ने जल बोर्ड को भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाना चाहा तो उन्हें विधानसभा की कार्यवाही का उल्लंघन करने के जुर्म में मार्शल के ज़रिये सदन से बाहर निकलवा दिया गया था. यह दावा संदीप कुमार ने एक बार फिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया. संदीप ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में पार्टी ने उनकी बात नहीं मानी तो वो अपनी पार्टी के ख़िलाफ़ ही अपने समाज के साथ सड़क पर उतरने के बाध्य हो सकते हैं.
नई दिल्ली दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश से कथित मारपीट के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। मारपीट व बदसलूकी के इस केस में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 11 विधायकों के नाम हैं। दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट नंबर 16 में इस मामले में सील कवर में 1533 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। सूत्रों के मुताबिक, इस केस में केजरीवाल सरकार के तत्कालीन अडवाइजर वीके जैन को मुख्य गवाह बनाया गया है। बता दें कि उनके बयान के मुताबिक, जब अंशु प्रकाश की पिटाई शुरू हुई थी तब उनका चश्मा जमीन पर गिर गया था। सीएम आवास पर आधी रात को बुलाए जाने और कथित मारपीट के मामले की जांच में सीसीटीवी कैमरे भी काफी पीछे पाए गए थे। बता दें कि यह पूरा मामला 19 फरवरी का है जब सीएम आवास पर आधी रात को दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित मारपीट व बदसलूकी की गई थी। इस मामले में दो दिन बाद सिविल लाइन्स पुलिस ने वीके जैन से पूछताछ की थी। शुरुआत में वह कुछ साफ नहीं बता रहे थे लेकिन बाद में मैजिस्ट्रेट के सामने बंद कमरे में पूछताछ के बाद पूरी घटना सामने आई। पुलिस ने इसके बाद उन्हें गवाह बनाने का फैसला कर लिया था।
नई दिल्ली स्वतंत्रता दिवस के अवसर भीड़भाड़ वाले बाजारों में आतंकी हमले की आशंका को देखते हुए जहां खुफिया एजेंसियों ने सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है वहीं दिल्ली पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली और केंद्रीय दिल्ली के लोकप्रिय बाजारों में वायरलेस कैमरा लगाने का फैसला किया है। बाजार में पट्रोलिंग कर रहे अधिकारी अपने फोन पर ही कैमरे से लिया गया विडियो देख पाएंगे। इन बजारों में लगे कैमरे के अलावा पुलिस लाजपत नगर, नेहरू प्लेस, करोल बाग और सरोजनी नगर में अतिरिक्त कैमरे लगाए हैं। रियल-टाइम फुटेज के लिए कंट्रोल रूम ने मॉनिटर तैयार किया है। दिल्ली पुलिस ने प्राइवेट एजेंसियों के सिक्यॉरिटी गार्ड को ट्रेनिंग दी है और उन्हें विभिन्न स्थानों में तैनात किया गया है ताकि किसी तरह की असाधारण गतिविधि दिखने पर वे आपातकालीन नंबर पर सूचित करें। सीसीटीवी उन खंभों पर लगाए गए हैं जहां से पूरा बाजार दिखता हो। स्पेशल कमिश्नर (कानून व्यवस्था, साउथ जोन) आर.पी.उपाध्याय ने इन बाजारों के आसपास पट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उपाध्याय साउथ दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हम प्राइवेट सिक्यॉरिटी गार्ड और वेंडर को भी इसमें शामिल किया है जो कि दुकानों के बाहर फुटपाथ और पार्किंग पर नजर रखेंगे, उनकी ट्रेनिंग शुरू की जा चुकी है।' लाजपत नगर में ऐसे 21 प्रशिक्षित गार्ड हैं जो कि बाजारों में पार्क वाहनों पर नजर रख रहे हैं। जबकि सादे लिबास में बाजार के चारों ओर पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं, दुकानदारों से कहा गया है कि वे संदिग्धों पर नजर रखें। नेहरू प्लेस और गफ्फार मार्केट जैसे स्थान पर दुकान मालिकों से कहा गया है कि एकसाथ ढेर सारा सामान खरीदने वालों पर नजर रखें। डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) चिनमय बिस्वाल ने कहा, 'आम तौर पर, हर बाजार से सटे हुए लेन में कई एंट्रेंस हैं, जहां लगभग कोई नहीं रहता। हमने उन सभी पॉइंट्स पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है और बाजार में एंट्री के लिए सिर्फ 2 गेट बनाए हैं।' मार्केट असोसिएशन को उनकी दुकानों पर बाहरी सड़क की तरफ फोकस करते हुए कम से कम एक कैमरा लगाने को कहा गया है। उन्हें कहा गया है कि वे ग्राहकों को बिना हेलमेट के अंदर आने के लिए कहें। पूरे शहर की बाजारों में इस दौरान 800 लोगों को तैनात किया जाएगा। बाजारों में निश्चित स्थानों पर कमांडो यूनिट को भी तैनात किया जाना है।
नई दिल्ली, केजरीवाल सरकार में मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर हुआ खर्च रहस्य बन गया है. बीजेपी विधायक ओपी शर्मा की ओर से विधानसभा में सवाल पूछा गया कि सरकार मंत्रियों और विधायकों की विदेश यात्राओं पर हुए खर्च का खुलासा क्यों नहीं कर रही. इस बीच, सरकार 5 महीने पहले दिए जवाब पर कायम है कि जानकारी अभी भी जुटाई जा रही है. दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और इस सत्र में एक बार फिर मंत्रियों और विधायकों से जुड़े विदेशी यात्राओं को लेकर सवाल पूछा गया. लेकिन जवाब ना तब यानी मार्च महीने में मिल पाया था और ना ही अब मिल पाया है. दरअसल, विश्वास नगर से बीजेपी विधायक ओमप्रकाश शर्मा ने सरकार से मंत्रियों और विधायकों के विदेशी दौरों के संबंध में जानकारी मांगी थी. लेकिन इसके जवाब में लिखा गया कि दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों से विदेश दौरे के बारे में सूचना एकत्रित की जा रही है. साथ ही कहा गया कि सूचना एकत्रित होने के बाद उसे सदन के पटल पर रख दिया जाएगा. इस पूरे मामले में हैरानी की बात ये रही कि कुछ एेसा ही सवाल जब पांच महीने पहले मार्च 2018 में विधानसभा सत्र के दौरान मॉडल टाउन से आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने पूछा था. तब भी जवाब कुछ ऐसा ही दिया गया था. उस समय कहा गया कि जानकारी अभी जुटाई जा रही है. अब सवाल ये उठता है कि क्या 5 महीनों के बाद भी सरकार के पास इस बात का जवाब नहीं है कि आखिर मंत्रियों और विधायकों ने कितनी बार विदेश यात्राएं की और इन पर कितना खर्च आया. इस पूरे मामले पर बीजेपी विधायक ओम प्रकाश शर्मा ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा सरकार जानबूझ कर जानकारी छिपाने की कोशिश कर रही है. इस बीच आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने इसका जिम्मेदार अधिकारियों को ठहराया. मॉडल टाउन से विधायक ने कहा कि अधिकारी किसी भी सवाल का जवाब सही तरीके से देना ही नहीं चाहते. जाहिर है इस बीच सवाल ये नहीं कि जवाब आखिर किसने नहीं दिया, सरकार ने या अधिकारी ने. जब लोगों के टैक्स के पैसे पर मंत्रियों और विधायकों की विदेश यात्राएं होती हैं, ऐसे में लोगों को इस खर्च की जानकारी मिलनी चाहिये जिसकी जिम्मेदारी सरकार की बनती है लेकिन फिलहाल सरकार इस जानकारी के छिपाने का प्रयास करती हुई नजर आ रही है.
नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा सदन में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीरों का अनावरण किया गया. कार्यक्रम में चीफ गेस्ट सीएम अरविन्द केजरीवाल के नहीं पहुंचने पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए. वहीं स्पीकर रामनिवास गोयल के मुताबिक सीएम अपने घर जरूरी बैठक ले रहे थे इसी कारण सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सकें. इस बात में दो राय नहीं की पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और पूर्व राष्ट्रपति कलाम साहब की तस्वीरों को दिल्ली विधानसभा सदन में लगाना सम्मानजनक फैसला था. इसलिए सम्मान समारोह के लिए मुख्य अथिति सीएम अरविंद केजरीवाल को भी आना था, लेकिन दिल्ली विधानसभा से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर अपने घर में होने के बावजूद केजरीवाल कार्यक्रम में नही पहुंचे. वैसे विधानसभा के किसी भी सत्र के लिए अरविन्द केजरीवाल की लगातार कम मौजूदगी विपक्ष के निशाने पर रहती है. लेकिन कलाम साहब और लाल बहादुर शास्त्री को दिए जा रहे इस सम्मान समारोह से केजरीवाल का कन्नी काटना विपक्ष को बिलकुल रास नहीं आया. बीजेपी विधायक ओपी शर्मा ने केजरीवाल की इस मामले में कड़ी आलोचना की है. ओपी शर्मा, विधायक, बीजेपी ने कहा कि केजरीवाल को सम्मान की नहीं पार्टी के लिए सामान की जरूरत है इसलिए वो घर पर बैठक करते रहे. विधानसभा सदन में कलाम साहब और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीरें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, बाल गंगाधर तिलक और सुभाष चंद्र बोस के साथ जोड़ी गयी हैं. स्पीकर रामनिवास गोयल के मुताबिक सदन की सभा में दो और महानुभावों की मौजूदगी प्रेरणा देगी. स्पीकर ने कार्यक्रम में सीएम केजरीवाल के न आने का भी बखूबी बचाव किया. सत्र के बीते 4 दिनों में सीएम केजरीवाल दिल्ली विधानसभा से कन्नी काट चुके हैं. विपक्ष ये भी आरोप लगाता है कि सीएम केजरीवाल के लिए राजनितिक बैठकें विधानसभा आने से ज्यादा जरूरी लगती हैं. विपक्षी बीजेपी के मुताबिक सीएम केजरीवाल दिल्ली विधानसभा सिर्फ पीएम मोदी को कोसने भर के लिए कुछ ही मिनटों के लिए आते हैं, जो एक तरह से पूरी दिल्ली का अपमान है.
दिल्ली राजधानी दिल्ली शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां के गोल मार्केट के पास एक सरकारी स्कूल के कैंपस में दूसरी कक्षा की छात्रा से स्कूल के ही इलेक्ट्रिशियन ने रेप किया. इस घटना का खुलासा तब हुआ जब बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स से ब्लीडिंग हुई. पुलिस ने आरोपी इलेक्ट्रिशियन राम आसरे को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद आरोपी बच्ची को बहला फुसलाकर स्कूल के पंप हाउस के अंदर ले गया, जहां उसके साथ रेप किया गया. जब बच्ची घर पर पहुंची तो उसने किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन रात में उसे ब्लीडिंग हुई. उसकी तबीयत खराब हुई तो उसे अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टर ने बच्ची से रेप की बात कही. इसकी जानकारी फौरन पुलिस को दी गई. बच्ची ने बताया कि लाल शर्ट पहने एक अंकल उसे अपने साथ लेकर गए थे. जब पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से बात की और फिर तफ्तीश की तो इलेक्ट्रिशियन राम आसरे के रेप करने की बात सामने आई. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.

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