taaja khabar....PNB ने अन्य बैंकों को चिट्ठी लिख किया सचेत, 10 अधिकारी निलंबित.....PNB केस की INSIDE स्टोरी: 7 साल पहले हुआ था फ्रॉड, सरकार की सख्ती से खुलासा....बिहार के आरा में आतंकियों के कमरे में धमाका, बड़ी साजिश नाकाम, 4 फरार.....तीन दिन में तीन यात्राएं, चुनावी मोड में बीजेपी, निशाना 2019 पर...मोदी केयर' पर केंद्र ने राज्यों की बुलाई बैठक, ममता पहले ही झाड़ चुकी हैं पल्ला....
नई दिल्ली,दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट और बदसलूकी का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. गुरुवार सुबह आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन किया. बता दें कि आम आदमी पार्टी के दो विधायक प्रकास जारवाल और अमानतुल्ला खान जेल में हैं, उन्हें बुधवार की रात तिहाड़ जेल में गुजारनी पड़ी. आप नेता अलका लांबा ने कहा कि गृहमंत्री पक्षपात के आधार पर काम कर रहे हैं, नीरव मोदी जैसे व्यक्ति पर भी एफआईआर हुई है. लेकिन उनपर कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो आप विधायकों पर इस प्रकार की कार्रवाई कर रहे हैं. तीस हजारी कोर्ट गुरुवार को दोनों विधायकों की जमानत पर सुनवाई करेगी. बता दें कि गिरफ्तार किए गए आप विधायकों को बुधवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया. यहां पुलिस ने दोनों की दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन जज ने उसे कैंसिल कर दिया था. दूसरी तरफ बीजेपी के कार्यकर्ता भी दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. पीएमओ पहुंचे मुख्य सचिव दोनों विधायकों के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद अंशु प्रकाश ने बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में मीटिंग की और अपना पक्ष रखा. मीटिंग के बाद शाम करीब साढ़े बजे दिल्ली के मुख्य सचिव पीएमओ से बाहर निकले. काली पट्टी बांधकर विरोध जताया मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के बाद दिल्ली सरकार के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया. वहीं, पुलिस के मुताबिक मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट में उनके चेहरे पर कट का निशान और कंधे पर चोट के निशान पाए गए हैं. इस मामले में आरोपी और आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला ने जामिया नगर थाने में सरेंडर किया था. वहीं, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उन्होंने अमानतुल्ला खान को गिरफ्तार किया है. ये है पूरा मामला मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया है कि सोमवार देर रात मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर उन्हें मीटिंग के लिए बुलाया गया था. इस दौरान आम आदमी पार्टी विधायकों ने सरकारी विज्ञापन रिलीज करने का दबाव बनाया और उनके साथ मारपीट की. इस घटना के बाद मुख्य सचिव ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस में शिकायत दी, जिसके बाद ओखला विधायक अमानतुल्ला समेत अन्य विधायकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया.
नई दिल्ली दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश की शिकायत पर दर्ज एफआईआर की जांच की आंच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तक भी पहुंच सकती है। पुलिस अफसर भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं। इस बीच सीएम के सलाहकार को भी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में दर्ज धारा-120 बी और 34 आईपीसी का मतलब आपराधिक साजिश और समान नीयत है। ऐसे में कानून कहता है कि घटना के वक्त घटनास्थल पर जो भी शख्स मौजूद होंगे, उन सभी से जरूरत पड़ने पर पुलिस पूछताछ कर सकती है, फिर चाहे मुख्यमंत्री ही क्यों ना मौजूद हों। सकेगा कि घटना से पहले आपस में सभी ने कोई साजिश तो नहीं रची थी? हालांकि एक पुलिस अधिकारी ने ऑफ द रिकॉर्ड यह भी कहा कि इसकी जरूरत पड़ने के चांस कम ही हैं, लेकिन कानूनन जांच अधिकारी हर शख्स से पूछताछ कर सकता है, जो घटनास्थल पर मौजूद था। बहरहाल, मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री और विधायकों से मामला जुड़े होने पर पुलिस को फूंक-फूंककर कदम रखना होगा लेकिन जरूरत पड़ने पर एक दिन के नोटिस पर किसी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। पुलिस सूत्रों ने इस मामले में बताया है कि घटनास्थल पर मौजूद हर शख्स से क्रॉस पूछताछ भी की जा सकती है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि सभी के बयान आपस में मेल खाते हैं या फिर नहीं। बयान में मेल नहीं खाने पर आरोपियों की समस्या बढ़ सकती है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि चीफ सेक्रेटरी मामले में दर्ज एफआईआर में कुछ धाराएं ऐसी हैं, जो जमानती नहीं हैं। ऐसे में अगर इस मामले में किसी आरोपी विधायक की गिरफ्तारी होती है तो उन्हें कोर्ट से ही जमानत मिल सकेगी। हालांकि अधिकतर धाराएं जमानती हैं। कहीं साजिश तो नहीं? पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर अगर सीसीटीवी कैमरा है तो उसकी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच की जाएगी, ताकि सचाई के करीब जाया जा सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस बात की भी जांच हो सकती है कि आखिर कौन सी इमर्जेंसी आ गई थी जो रात 12 बजे चीफ सेक्रेटरी को बुलाया गया। कहीं यह चीफ सेक्रेटरी पर हमला करने की सोची-समझी साजिश तो नहीं थी? चीफ सेक्रेटरी ने एफआईआर में कहा भी है कि उन्होंने रात 12 बजे के बजाय अगले दिन मीटिंग करने की गुजारिश की थी, लेकिन उनके अनुरोध को नहीं सुना गया और देर रात में ही सीएम आवास आने के लिए कहा गया।
नई दिल्ली: अंकित सक्सेना के पिता ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से कहा है कि वो उनके साथ गेम न खेलें. दरअसल सोमवार को दिल्ली के ख्याला में अंकित की तेरहवीं पर शोक सभा आयोजित की गई थी. इस शोक सभा में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी पहुंचे थे. इसके बाद कपिल मिश्रा ने एक वीडियो ट्वीट किया. कपिल मिश्रा ने कहा, ‘’दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अंकित सक्सेना की शोक सभा में शामिल होने और उनके परिवार से मिलने उनके घर गए थे, लेकिन वहां उन्होंने जो व्यवहार किया वो बहुत आपत्तिजनक है.’’ कपिल मिश्रा ने आगे कहा, ‘’अंकित के घरवालों ने जब कहा की जीवन यापन मुश्किल हो रहा है आप एक सहायता राशि की घोषणा कीजिए तो उनके बोलते हुए ही मुख्यमंत्री उठ के चल दिए. अंकित के पिता पीछे से उन्हें पुकारते रहे और अंत में उन्हें कहना पड़ा कि मेरे साथ गेम मत खेलो. ये बहुत अपमानजनक है, क्या मुख्यमंत्री वहां उनका अपमान करने गए थे ! शोक सभा से ऐसे नहीँ जाया जाता.’’ एबीपी न्यूज से बातचीत में अंकित के पिता ने कहा कि केजरीवाल आए थे मैं उस वक़्त ये कहना चाहता था पर वो उठकर चले गए. अब आपके माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि मेरे साथ कृप्या गेम न खेलें. गौरतलब है कि पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में बीते दिनों अंकित की कथित तौर पर उसकी प्रेमिका के परिवार वालों ने हत्या कर दी थी.
नई दिल्ली, राफेल लड़ाकू विमान को लेकर राजनीति अपने चरम पर है. राफेल को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भाजपा पर हमला लगातार जारी है. चाहे संसद हो या फिर सड़क, हर जगह कांग्रेस इस मुद्दे को उठाकर बीजेपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है. वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी इस मामले में कुद पड़े हैं. उन्होंने कहा कि जो भी इस डील को लेकर सवाल उठा रहा है, समझिए उसकी सोच ही ऐसी है, उसके दिमाग में गोबर भरा है. मनोज तिवारी ने यहां तक कहा कि राहुल गांधी उस पार्टी से हैं जो हथियारों की खरीद में डील करते हैं. जिन्होंने बोफोर्स डील किया और कमीशन लिए, जिसके लिए जनता ने भी इसकी सज़ा दी. तिवारी ने कहा कि जो पार्टी डील ही करती आई है उसकी सोच क्या होगी. उन्होंने कहा कि देश में नरेन्द्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री हैं जो कुछ भी खरीदने में पैसा बचाने की कोशिश करते हैं और लगातार पैसे बचाकर सामरिक शक्ति बढ़ाने का काम कर रहे हैं. देश पाकिस्तान के साथ अघोषित युद्ध लड़ रहा है. सरकार लगातार सामरिक क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रही है, दूसरी तरफ वो हर मामले में डील की शंका उत्पन्न करने का काम कर रहे हैं. राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर बनी हुई है. उसका आरोप है कि सरकार जानकारी छुपा रही है. उसने सीधे पीएम पर कायदे तोड़ने का आरोप लगाया है. बजट सत्र के अवकाश से पहले राफेल का मामला लोकसभा में गूंजता रहा. शुक्रवार को सदन की कार्रवाई खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने सरकार के खिलाफ अपना आरोप फिर दोहराया. राहुल ने कहा, 'रक्षा मंत्री ने कुछ दिन पहले कहा था कि वो कीमत बताएंगी लेकिन अब उन्होंने अपना रुख बदल लिया है. वो अब इसे गोपनीय बता रही हैं. अरुण जेटली ने कहा कि हमारी सरकार ने भी कीमत नहीं बताई थी. लेकिन हमने दिखाया है कि हमने कीमत सार्वजनिक की थी. साफ़ है वित्तमंत्री सच नहीं बोल रहे.' स्पीकर ने 5 मार्च तक अवकाश का ऐलान कर दिया है, लेकिन कांग्रेस कह रही है कि राहुल गांधी ने राफेल पर बोलने के लिए जो नोटिस गुरुवार को दिया वो अब भी मान्‍य है और 5 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे हिस्से में ये मुद्दा फिर उठेगा. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'राहुल गांधी सरकार से संसद में स्पष्टीकरण चाहते हैं और अपनी तरफ से इस डील के बारे में कुछ जानकारी भी रखना चाहते हैं.'
नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को बने हुए 3 साल पूरा होने जा रहा है। इस मौके पर विपक्षी पार्टी बीजेपी ने बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, पर्यावरण, रोजगार, इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई है। दिल्ली बीजेपी के महामंत्री कुलजीत चहल, रवींद्र गुप्ता और राजेश भाटिया ने शनिवार को एक बयान जारी कर बताया कि अगले हफ्ते बीजेपी कार्यकर्ता केजरीवाल सरकार द्वारा जनता से किए गए धोखे का पर्दाफाश करने के लिए पूरी दिल्ली में अभियान चलाएंगे। साथ ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी भी तथ्यों के आधार पर बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे तमाम महत्वपूर्ण मुद्दों पर दिल्ली सरकार की नाकामियों के बारे में बताएंगे। पार्टी के महामंत्रियों ने आरोप लगाया कि 10 फरवरी को दिल्ली के लोगों ने 'आप' को बड़ी आशाओं के साथ एक ऐतिहासिक जनमत के जरिए चुना था लेकिन आज लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। चुनाव से पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से 70 वादे किए थे लेकिन उनमें से हर मुद्दे पर लोगों को निराशा ही हाथ लगी है। यही नहीं, बीजेपी नेताओं का आरोप है कि करप्शन के खिलाफ लड़ाई लड़ने का वादा करके सत्ता में पहुंची पार्टी के मंत्री अब खुद करप्शन में लिप्त पाए जा रहे हैं।
नई दिल्ली भले ही वैचारिक दृष्टि से केंद्र की मोदी और दिल्ली की केजरीवाल सरकार एक दूसरे से कोसों दूर हो लेकिन जब बात दिल्ली के प्रदूषण की है तो दोनों ही सरकारों ने एकसाथ आने का फैसला किया है। दरअसल, 10 से 23 फरवरी तक दिल्ली में प्रदूषण की सफाई के लिए दोनों ही सरकारें एक साथ दिखेंगी। मिनिस्ट्री ऑफ इन्वाइरनमेंट, फॉरेस्ट ऐंड क्लाइमेट चेंज के निर्देश पर केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर हवा को साफ करने के लिए क्लीन एयर फॉर दिल्ली कैंपेन चलाएंगी। इस दौरान लोगों को अवेयर करने के साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इन्वाइरनमेंट ऐंड फॉरेस्ट मिनिस्टर इमरान हुसैन ने बताया कि इस कैंपेन के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दिल्ली की हवा से प्रदूषण को न्यूनतम स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए दिल्ली में 66 टीमें बनाई गई हैं। एसडीएम की निगरानी में हर सब डिविजन में दो टीमें प्रदूषण कम करने का काम करेंगी। मंत्री ने बताया कि इस दौरान नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें कूड़ा जलाने, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, ट्रैफिक जाम पॉइंट, सड़कों पर गाड़ी खड़ी करने, खोदने और सड़कों की धूल, इंडस्ट्री से निकलने वाला धुआं, कंस्ट्रक्शन और डिमॉलिश वेस्ट, डीजल जेनसेट के प्रयोग करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस कैंपेन की शुरुआत 10 फरवरी को जोर बाग के इंदिरा पर्यावरण भवन से होगी। इस कैंपेन के दौरान सेमिनार, वर्कशॉप जैसे कार्यक्रम का आयोजन होगा। बता दें कि इस समय दिल्ली का एयर इंडेक्स 256 के आसपास है।
नई दिल्ली, दिल्ली के करावल नगर में आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने रविवार को 'आजतक' के पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की को अंजाम दिया. ग्राउंड रिपोर्टिंग पर गए 'आज तक' के रिपोर्टर अंकित यादव के साथ AAP समर्थकों ने बदसलूकी की. दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल के भाषण के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया. रिपोर्टर के मुताबिक AAP समर्थकों ने अपशब्दों का भी प्रयोग किया. सीएम केजरीवाल के मंच से जाते ही वहां अफरा-तफरी मच गई. AAP समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया. विपक्षी पार्टी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे 'आप' समर्थक बेकाबू हो गए और अंत में 'आजतक' के रिपोर्टर को अपनी रिपोर्टिंग रोकनी पड़ी. दरअसल जब सवाल पूछा गया कि दिल्ली जल बोर्ड के कार्यक्रम में जहां जलबोर्ड के अधिकारी मौजूद थे, वहां विपक्षी पार्टियों के खिलाफ नारेबाजी क्यों की गई, इस पर AAP समर्थक भड़क गए और उपद्रव मचाने लगे.
नई दिल्ली बीजेपी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अंकित सक्सेना की हत्या पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात दिल्ली के ख्याला इलाके में पेशेवर फटॉग्राफर अंकित की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। महिला के परिजन अंकित से उसके प्रेम संबंध के विरोध में थे, क्योंकि दोनों अलग-अलग समुदाय से थे। तिवारी ने आरोप लगाया, 'राष्ट्रीय राजधानी में ऐसी घटनाएं देखना दुखद है। इस मामले में मुख्यमंत्री और कई एनजीओ की चुप्पी संकेत देती है कि ये लोग किसी मुद्दे पर तभी बोलते हैं जब वह उनके राजनीतिक हित में होता है।' प्रदेश अध्यक्ष तिवारी ने आज अंकित के परिजन से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान तिवारी ने उन्हें बताया कि अंकित की मां के इलाज के लिए पार्टी की ओर से क्या इंतजाम किए जा रहे हैं। अंकित पर हुए हमले में उसकी मां जख्मी हो गई थीं। दिल्ली बीजेपी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, 'परिवार ने ऐम्बुलेंस सेवा टेलिफोन नंबर 1008 पर फोन कर मेडिकल मदद प्राप्त करने की कई कोशिशें की, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। दिल्ली सरकार ने इलाज का कोई इंतजाम नहीं किया।' पुलिस ने महिला के पिता, मां, चाचा और उसके नाबालिग भाई को अंकित की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। प्रदेश बीजेपी ने मांग की है कि केजरीवाल सरकार ने अन्य मामलों में जिस तरह एक करोड़ रुपए की सहायता राशि घोषित की है, उसी तरह अंकित के परिजन के लिए सहायता राशि घोषित करे।
नई दिल्ली वित्त मंत्री द्वारा दायर मानहानि के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को निर्देश दिया है कि वह 12 फरवरी को अरुण जेटली से जिरह पूरी कर लें। गौरतलब है कि जेटली ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के 5 अन्य नेताओं के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है। जॉइंट रजिस्ट्रार राकेश पंडित ने कहा कि उन्होंने इस केस के रेकॉर्ड को देखा है और पाया कि केंद्रीय मंत्री को 8 अलग-अलग तारीखों पर बुलाया गया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने क्रॉस इग्ज़ैमिनेशन के दौरान अरुण जेटली से 250 से ज्यादा सवाल पूछे। पंडित ने कहा, 'मुझे लगता है कि डिफेंडेंट (केजरीवाल) को वादी (जेटली) से जिरह करने के लिए पर्याप्त मौके दिए गए हैं। अब डिफेंडेंट को यह निर्देश देना जरूरी है कि वह 12 फरवरी को अपने सबूतों को निष्कर्ष तक पहुंचा दें।' जॉइंट रजिस्ट्रार ने साफ कहा है कि केजरीवाल को अब भविष्य में जिरह के लिए और कोई तारीख नहीं दी जाएगी। यह आदेश जेटली से जिरह के दौरान आया। कोर्ट के बाहर केजरीवाल के वकील अनुपम श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे। गौरतलब है कि जेटली 2000 से 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि जेटली के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हुआ था। जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि केस दायर किया है। जेटली ने इस केस में केजरीवाल के अलावा AAP के नेताओं राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक बाजपेयी के खिलाफ भी मानहानि का केस दायर किया है। हाल ही में मिले थे जेटली और केजरीवाल दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच तल्ख रिश्ते होने के बावजूद दोनों नेता कुछ दिन पहले मिले थे। दरअसल, दिल्ली के सीएम की तरफ से मशहूर फाइव सेंसेज गार्डन में डिनर का आयोजन किया गया था, जिसमें जेटली भी शामिल हुए। इस दौरान दोनों एक ही सोफे पर बैठे नजर आए। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर वायरल हो गई थी।
नई दिल्ली : दिल्ली में चल रही सीलिंग पर दिल्ली की राजनीति में तूफान आया हुआ है. दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार सीलिंग के लिए बीजेपी को जिम्मेदार मान रही है तो बीजेपी इसके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दोषी ठहरा रही है. सोमवार को आप कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर भी पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया. उधर, आज मंगलवार को बीजेपी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिला. मुलाकात के दौरान झड़प दिल्ली भाजपा इकाई के अध्यक्ष तथा सांसद मनोज तिवारी की अगुवाई में विधायक और व्यापारी प्रतिनिधियों का एक दल मंगलवार की सुबह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके निवास पर पहुंचे. खबर है कि इस दौरान भाजपा और आप कार्यकर्ताओं में नोकझोंक और झड़प भी हुई. मीडिया के सामने इस खुली बैठक पर सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कई बार मिलने का समय मांगा, लेकिन दिल्ली सरकार ने समय नहीं दिया. और आज जब समय दिया है तो यहां कोई व्यवस्था नहीं है. सीएम आवास के बाहर धरना बातचीत के दौरान दोनों पार्टियों के नेताओं में तीखी बहस होने लगी. तिवारी ने आरोप लगाया कि आप के विधायक उनका अपमान कर रहे हैं. इस मुद्दे पर सांसद अपने कार्यकार्ताओं के साथ सीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए. सांसद तिवारी ने कहा कि पूरी दिल्ली इस समय सीलिंग से परेशान है. तीन साल पहले जिन वादों को करके आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता में आई, उनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया है. उल्टा सीलिंग शुरू करके कारोबारियों का दमन किया जा रहा है. हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं. लोगों का कामकाज ठप पड़ गया है. पहले से ही मौजूद AAP विधायक और मीडिया सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार द्वारा तय समय पर जब वे सीएम आवास पर पहुंचे तो वहां पहले से आम आदमी पार्टी के विधायक और मीडिया मौजूद थी. बीजेपी के लिए वहां जगह ही नहीं थी. और जब उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की तो सरकार के विधायकों ने उन्हें बोलने ही नहीं दिया. उन्होेंने आरोप लगाया कि कुछ विधायकों ने उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया. तिवारी ने कहा कि यह दिल्ली सरकार की पहले से ही सोची-समझी साजिश थी. बीजेपी ने दर्ज कराई शिकायत हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार उनके साथ सदन में तो दुर्व्यवहार करती ही है, आज घर बुलाकर भी उनके साथ बदतमीजी की. विधायक ने कहा कि जब वे वहां पहुंचे तो वहां पहले से ही बड़ी संख्या में आप के कार्यकर्ता और बाउंसर भी मौजूद थे. विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि आप कार्यकर्ताओं ने महिला मेयरों के साथ भी दुर्व्यवहार किया. इस मुद्दे को लेकर विधायक सीधे पुलिस थाने पहुंचे और उन्होंने आप के खिलाफ एक शिकायत भी दर्ज कराई.

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