taaja khabar....अपग्रेड होगा PM मोदी का विमान, लगेगा मिसाइल से बचने का सिस्टम.....पाकिस्तान में चुनाव नजदीक, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फायरिंग 400% बढ़ी....भारत, पाकिस्‍तान और चीन ने बढ़ाया परमाणु हथियारों का जखीरा....अगले चीफ जस्टिस कौन? कानून मंत्री बोले, सरकार की नीयत पर संदेह न करें....बातचीत को तैयार आप सरकार और आईएएस अफसर, अब उप राज्यपाल के पाले में गेंद....लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास बने होटेल में भीषण आग, 5 लोगों की मौत, कई गंभीर....बिहार: रोहतास में डीजे में बजाया- हम पाकिस्तानी, 8 गिरफ्तार....प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को जन्मदिन पर दी बधाई.....भीमा कोरेगांव हिंसा: हथियार के लिए नेपाली माओवादियों के संपर्क में थे नक्सली....केजरीवाल के धरने का नौंवा दिन, क्या अफसरों-LG से बनेगी बात?....
नई दिल्ली: वैसे तो हर कोई प्रोफेशनल कोर्स करके अच्छी नौकरी की तलाश में रहता है. घर परिवार भी यही सोचते हैं कि उनका बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर या सीए जैसे प्रोफेशन में जाए. लेकिन, इन दिनों ट्रेंड बदल चुका है. अब नए कोर्स, कुछ अलग हटके करने की सोच से युवा नई तरह की नौकरी करने की कोशिश करते हैं. इस तरह की जॉब में स्‍कोप तो होता ही है साथ में अच्छी कमाई भी होती है. रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट से लेकर सोशल मीडिया मैनेजर तक की नई नौकरियों में उम्‍मीद से ज्‍यादा सैलरी मिल रही है. खास बात यह है इनमें से अधिकतर नौकरियां ऐसी हैं जिनमें किसी प्रोफेशनल डिग्री या हाई क्‍वालिफिकेशन की जरूरत नहीं. बल्कि ग्रेजुएट लोग भी इसे अपना प्रोफेशन बना सकते हैं. इन सेक्‍टर्स में जबरदस्‍त कमाई का मौका है. हम आपको ऐसी ही कुछ नौकरियों की जानकारी दे रहे हैं, जिनमें और प्रोफेशन के मुकाबले ज्यादा सैलरी मिलती है. ऐप डेवलपर क्‍वालिफिकेशन: कम से कम ग्रेजुएट और ऐप डेवलपमेंट का कोर्स सैलरी: 50 हजार से 5 लाख रुपए तक प्रति माह टेक की दुनिया में ऐप डेवलपर की जबरदस्‍त डिमांड है. वर्तमान में हर नई कंपनियां अपना ऐप लॉन्च कर रही हैं और उस ऐप से जुड़ी हर तरह की जानकारियां ऐप डेवलपर करते हैं. इस सेक्‍टर में इस साल बहुत स्‍कोप है. अगर आप इसके लिए योग्‍य हैं तो सैलरी भी उम्‍मीद से ज्‍यादा मिल सकती है. सोशल मीडिया मैनेजर क्‍वालिफिकेशन: कम से कम ग्रेजुएट सैलरी: – 30 हजार से 3 लाख रुपए तक प्रति माह वर्तमान दौर में सोशल मीडिया का क्रेज जबरदस्‍त है. ऐसे में कंपनियां भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना चाहती हैं और अपनी कंपनी के प्रचार – प्रसार के लिए अलग से टीम हायर करती हैं. इस टीम को जो हैंडल करता है वह सोशल मीडिया मैनेजर होता हैं. यह सोशल मीडिया पर कंपनी के रेप्‍युटेशन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. टे‍क्‍निकल राइटर क्‍वालिफिकेशन: कम से कम ग्रेजुएट सैलरी: 50 हजार से 1.7 लाख रुपए तक प्रति माह राइटर और कंटेंट राइटर के बारे में तो आपने सुना ही होगा, लेकिन टेक्निकल राइटर इन सबसे बिल्‍कुल अलग हैं. हालांकि टेक्निकल राइटर काम भी लिखना होता है लेकिन इनका फोकस आईटी फर्म और उनकी टेक्‍नोलॉजी से जुड़ा होता है या फिर वह प्रोग्रामिंग कंपनी के लिए काम करते हैं. टेक्निकल राइटर के लिए एडॉब, ऑरकल और इससे जुड़े ब्रांड की जानकारी रहनी बेहद जरूरी है. SEO एनालिस्‍ट क्‍वालिफिकेशन: कम से कम ग्रेजुएट सैलरी: 30 हजार से 1 लाख रुपए तक प्रति माह SEO का पूरा नाम सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन है. किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग की सफलता के लिए एसईओ एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है. यहएसईओ ही है, जिसका उपयोग करके कोई भी वेबसाइट सर्च इंजन जैसे गूगल, याहू आदि में पहले पेज पर दिखती है. यहां एनालिस्‍ट के कैरियर में बहुत स्‍कोप है. रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट क्‍वालिफिकेशन: कम से कम ग्रेजुएट सैलरी: 30 हजार से 1 लाख रुपए तक प्रति माह पश्चिमी देशों में रिलेशनशिप थेरेपिस्‍ट का प्रोफेशन खूब चलन में हैं. भारत में इस जॉब की अभी शुरुआत ही हुई है, इसलिए इस सेक्‍टर में बहुत से मौके हैं. इस जॉब का मकसद कपल्स के रिलेशनशिप को बेहतर तरीके से चलाने के लिए टिप्‍स देने का होता है. इसके अलावा अगर रिलेशनशिप में कड़वाहट आई है तो ऐसे में थेरेपिस्‍ट मदद करते हैं
नई दिल्ली, UPSC ने साल 2016 की परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है. इस बार कर्नाटक की नंदनी के आर ने बाजी मारी है. वहीं दूसरे स्थान पर पंजाब के अनमोल शेर सिंह रहे. वहीं तीसरे स्थान पर गोपालकृष्णन रोनांकी रहे. नंदनी के आर जहां कर्नाटक की रहने वाली हैं, वहीं अनमोल शेर सिंह अमृतसर, पंजाब के रहने वाले हैं. तीसरा स्थान हासिल करने वाले गोपालकृष्णन रोनांकी आंध्र प्रदेश के किसान के बेटे हैं. UPSC परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाले 23 साल के अनमोल शेर सिंह बेदी ने कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है, यह सब भगवान की कृपा के कारण हुआ है. शेर सिंह ने पहले ही अटेम्प में यूपीएससी आईएएस का एग्जाम क्रैक किया है. अनमोल शेर सिंह बचपन से ही ब्यूरोक्रैट बनने का सपना देखा करते थे और जब यह सपना सच हुआ तो उन्हें यकीन ही नहीं आ रहा था. अनमोल के पिता डॉ. सरबजीत सिंह बेदी एक एजुकेशनलिस्ट हैं और उनकी मां जस्सी बेदी किसी NGO से जुड़ी हुई हैं. अपनी कामयाबी का श्रेय अनमोल ने अपने परिवार को दिया. खासतौर से अपनी बहन गुरसिमरन कौर बेदी को अनमोल ने सबसे बड़ा क्रेडिट दिया. अनमोल ने कहा कि वो इंडियन फोरेन सर्विस के लिए काम करना चाहते हैं. अनमोल की सफलता के पीछे उनके रोजाना आठ घंटे पढ़ने की मेहनत है. बता दें कि इस परीक्षा में 1099 अभ्यर्थी सफल रहे. इनमें 846 पुरुष और 253 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं. इनकी नियुक्ति आईएएस, आईएफएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए होगी. शीर्ष 25 में रहने वालों में 18 पुरुष और 7 महिलाएं हैं.
नई दिल्ली डीयू में अंडरग्रैजुएट प्रोग्राम की करीब 56 हजार सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार से शुरू होगी। नामांकन का आधार मेरिट होगी। यूनिवर्सिटी की वेबसाइट du.ac.in पर 12 जून तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस चलेगा। पहली कटऑफ लिस्ट 20 जून को आएगी। आखिरी कटऑफ 18 जुलाई को जारी होगी। स्टूडेंट्स डीयू के 66 कॉलेजों के 60 कोर्सेज के लिए अप्लाई कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन पर कन्फर्मेशन मेसेज : डीयू और इसके कॉलेजों में यूजी प्रोग्राम में एडमिशन पांच स्ट्रीम - आर्ट्स/ह्यूमैनिटीज, अप्लाइड सोशल साइंसेज, कॉमर्स, मैथमेटिकल साइंसेज और साइंसेज की अलग-अलग फैकल्टी में होगा। शनिवार को डीयू ने शेड्यूल के साथ एडमिशन प्रोसेस की जानकारी दी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस सोमवार को शाम 5 बजे से शुरू होकर 12 जून शाम 5 बजे तक चलेगा। इस बार रजिस्ट्रेशन के बाद स्टूडेंट्स को होमपेज पर पॉपअप कन्फर्मेशन मेसेज मिलेगा। साथ ही ई-मेल और एसएमएस भी भेजा जाएगा ताकि रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई कन्फ्यूजन न रहे। इस बार जब स्टूडेंट्स अपने बोर्ड का रोल नंबर फॉर्म में भरेंगे, तो ऑटोमैटिक उनके मार्क्स आ जाएंगे। रजिस्ट्रेशन फीस 150 रुपये है। ऐडमिशन के लिए मिलेंगे तीन दिन: पहली कटऑफ 20 जून को जारी होगी। डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन और एडमिशन प्रोसेस 20 से 22 जून तक चलेगा। दूसरी कटऑफ 24 को आएगी और एडमिशन 24 से 28 जून तक होंगे। तीसरी कटऑफ 1 जुलाई को आएगी, 1 से 4 जुलाई तक इसके आधार पर एडमिशन चलेंगे। चौथी कटऑफ 7 जुलाई को जारी होगी, एडमिशन 10 तक चलेंगे। 13 जुलाई को पांचवीं कटऑफ जारी होगी, वेरिफिकेशन और एडमिशन 15 जुलाई तक चलेंगे। छठी और आखिरी कटऑफ 18 जुलाई को रिलीज होगी, जिसके आधार एडमिशन 19 जुलाई तक होंगे। मॉर्निंग कॉलेजों में एडमिशन का टाइम सुबह 10 से 1 बजे तक होगा। ईवनिंग कॉलेजों के लिए शाम 4 से 7 बजे तक का समय होगा। एडमिशन अप्रूवल के बाद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन एडमिशन फीस पेमेंट (अगले दिन 12 बजे तक) किया जा सकता है। एडमिशन के बाद अगर किसी दूसरी लिस्ट के आधार पर अगर आप किसी दूसरे कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो आपकी फीस दूसरे कॉलेज के अकाउंट में चली जाएगी। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि अगर 6 कटऑफ के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो आगे कटऑफ जारी की जा सकती हैं। नॉन कॉलिजिएट विमन एजुकेशन बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) के बीए, बीकॉम कोर्स के लिए भी डीयू की ही वेबसाइट पर लिंक होगा। बोर्ड की पहली कटऑफ 24 जून को यानी कॉलेजों की दूसरी कटऑफ के साथ आएगी। बाकी कटऑफ कॉलेजों की अगली कटऑफ के साथ ही आएंगी। सभी टीचिंग सेंटर्स में 10 से 1 बजे तक एडमिशन होंगे। बोर्ड की वेबसाइट पर लिस्ट सुबह 9:30 बजे जारी हो जाएगी। ये डॉक्युमेंट्स करने होंगे अपलोड: पासपोर्ट साइज फोटो, स्कैन किए हुए सिग्नेचर, क्लास 10 का सर्टिफिकेट, क्लास 12 की मार्कशीट (अगर आ गई हो) के अलावा कोटा सर्टिफिकेट, स्पोर्ट्स, ईसीए सर्टिफिकेट (जो भी लागू हो) उन्हें अपलोड करना जरूरी होगा। डीयू को उम्मीद है कि 12 जून से पहले सभी बोर्ड का रिजल्ट आ जाएगा। इसके अलावा कुछ और बातों का ख्याल रखना होगा जैसे माइनॉरिटी कॉलेजों में भी अप्लाई करने के लिए यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करना होगा। स्पोर्ट्स/ईसीए समेत सभी कोटा कटिगरी की सीटों के लिए भी कैंडिडेट्स को ऑनलाइन रजिस्टर करना होगा। दिव्यांगों की मदद के लिए नॉर्थ कैंपस और साउथ कैंपस में दो सेंटर होंगे। ये कैंडिडेट्स आईसीआईसीआई बैंक के सेंटर्स में जाकर ई-चालान के जरिए भी फीस भर सकते हैं। अगर स्टूडेंट को कोई भी उलझन है तो इस बार से डीयू पूरी तरह से ऑनलाइन हेल्प 24 घंटे के भीतर देगा। एंट्रेंस बेस्ड यूजी कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन 31 से: डीयू के एंट्रेंस बेस्ड 9 यूजी कोर्सेज और पीजी कोर्सेज के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 31 मई से होगा। अभी इसकी लास्ट डेट जारी नहीं की गई है। इस बार ये एग्जाम 17 शहरों में ऑनलाइन और दिल्ली-एनसीआर में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड से होने हैं।
भोपाल अगर आप से कहा जाए कि अब आप इंजिनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में भी कर सकते हैं तो आप करना चाहेंगे? ऐसा पहली बार होने जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि अगले शैक्षिक सत्र से हिंदी में इंजिनियरिंग की पढ़ाई करवाई जाएगी। शिक्षक और छात्र इस समय अंग्रेजी शब्दों के हिंदी अर्थ खोजने में लगे हुए हैं। हिंदी में कोई तकनीक (टेक) की किताबें न होने के कारण यह काम और मुश्किल हो गया है। इस खबर की पुष्टि करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पहली बार छात्रों को प्रवेश लेने से पहले हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ाई करने का विकल्प दिया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को राजीव गांधी प्राद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की एक बैठक में लिया गया। वरिष्ठ शिक्षाविदों ने इस निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक कदम पीछे लेने जैसा है और इससे छात्रों को नौकरी मिलने में मुश्किल होगी। एक प्राध्यापक ने पूछा, 'जब इंजिनियरिंग की किताबें केवल अंग्रेजी में उपलब्ध हैं तो हिंदी में पढ़ाने का कोई मतलब नहीं है। आप तकनीकी शब्दों को कैसे हिंदी में अनूदित करेंगे।' तकनीकी शिक्षा मंत्री दीपक जोशी के पास इसका समाधान है। उन्होंने बताया, 'यह जरूरी नहीं है कि वह तकनीकी शब्दों को हिंदी में लिखें। वह अंग्रेजी के शब्दों की हिंदी में लिखकर काम चला सकते हैं। इस शुरुआत का उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है जो अंग्रेजी में कमजोर हैं।' छात्र के मन में कई तरह के स्वभाविक सवाल हैं। उन्हें नहीं पता कि बड़ी कंपनियां मध्य प्रदेश के किसी छात्र को जिसने इंजिनियरिंग हिंदी में पढ़ी है उसे लेंगी या नहीं। एक छात्र विनीत वर्मा ने पूछा, 'हिंदी में इंजिनियरिंग करने वाले छात्रा का भविष्य क्या होगा? कौन सी कंपनी ऐसे छात्र को लेगी जिसने इंजिनियरिंग हिंदी में की है। इतना बड़ा फैसला लेने से पहले ऐसे सवालों के जवाब पता होना जरूरी है।' एक और छात्रा निधि शर्मा, 'हमें हिंदी में कौन पढ़ाएगा? हमारे शिक्षक अंग्रेजी में पढे़ हुए हैं। हिंदी में अध्यापक कैसे और कहां मिलेंगे? यह ऐसा कदम है जो शोध के बिना लिया गया है।' अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक अध्यापक ने बताया कि पढ़ाने के दौरान छात्रों से हिंदी में बात करना एक अगल चीज है और किसी तकनीकी विषय को हिंदी में पूरी तरह पढ़ाना एक अलग चीज है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि किसी भी शिक्षक से आप किसी तकनीकी शब्द है हिंदी अर्थ पूछिए। उन्हें नहीं पता होगा। RGPV ने दोनों भाषाओं में प्रश्न पत्र बनाने का भी फैसला किया है। एक अधिकारी ने बताया, 'यह मध्य प्रदेश के बोर्ड परीक्षाओं जैसा होगा। इससे उन छात्रों को फायदा होगा जो अंग्रेजी में कमजोर हैं।'

Top News

http://www.hitwebcounter.com/